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अडानी समूह के नाम हुईं ये दो कंपनियां, निवेशकों पर क्या होगा असर?
सपोर्ट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और एटरनस रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को अडानी समूह ने अधिग्रहित कर लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago
अडानी समूह की अडानी पावर ने इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कंपनियों सपोर्ट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और एटरनस रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड में 609 करोड़ रुपए में 100% हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. यानी ये कंपनियां अब अडानी ग्रुप का हिस्सा होंगी. सपोर्ट प्रॉपर्टीज के अधिग्रहण के लिए लेनदेन लागत 280.10 करोड़ और एटरनस रियल एस्टेट के लिए 329.30 करोड़ रुपए है.
किस सेक्टर से है ताल्लुख?
सपोर्ट प्रॉपर्टीज रियल एस्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी के कारोबार से जुड़ी है. कंपनी की आखिरी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) इसी साल 30 अप्रैल को हुई थी. अब तक कंपनी को बतौर निदेशक संदीप जैन और आशीष भगवतप्रसाद चौधरी संभाल रहे थे. सपोर्ट प्रॉपर्टीज 2 नवंबर, 2007 को निगमित हुई थी. वहीं, इटरनस रियल एस्टेट के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन, और स्टोरेज जैसी गतिविधियों में शामिल है. इसकी स्थापना भी 2007 में 24 दिसंबर को हुई थी.
तेजी से फैल रहा कारोबार
अडानी ग्रुप अपना कारोबार तेजी से फैला रहा है. हाल ही में ग्रुप ने स्विट्ज़रलैंड की कंपनी होल्सिम से उसका भारत का सीमेंट करोबार 10.5 बिलियन डॉलर में खरीदा था. इस डील से ACC सीमेंट और अंबुजा सीमेंट का मालिकाना हक अडानी ग्रुप के पास आ गया है. वर्तमान में अडानी ग्रुप गैस, पोर्ट, एयरपोर्ट, माइनिंग, ग्रीन एनर्जी, FMCG, कोल, पावर, सीमेंट, रियल एस्टेट, ड्रोन और हेल्थ सेक्टर में कारोबार कर रहा है.
क्या है उद्देश्य?
अडानी पावर की योजना सपोर्ट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और एटरनस रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण कर इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज स्थापित करने की है. इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटीज का मतलब बिल्डिंग, स्ट्रक्चर, बिल्डिंग्स के नेटवर्क, कंट्रोल्स और इक्विपमेंट, पार्किंग फैसिलिटी, पब्लिक रोड एंड स्ट्रीट, हाईवे, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम आदि से है.
बढ़ेगा शेयर प्राइज!
अडानी पावर ने Q4 FY22 में 4,645.47 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, पिछले वित्तीय वर्ष के Q4 में यह आंकड़ा 13.13 करोड़ रुपए था. कुछ समय तक शेयर बाजार में मंदी दिखाने के बाद अब अडानी पावर का शेयर बेहतर स्थिति में आ गया है. हालांकि, मौजूदा गिरावट के दौर में इस शेयर में भी नरमी है, लेकिन इसका हाल का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है. इस साल जनवरी में अडानी पावर का शेयर 100 रुपए के आसपास पर चल रहा था और आज 240 जा पहुंचा है यानी दोगुने से भी ज्यादा. अब जब कंपनी ने दो और कंपनियों का अधिग्रहण कर लिया है, तो शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है. दूसरे शब्दों में कहें तो अडानी ग्रुप की ये डील उसके साथ-साथ अडानी पावर के निवेशकों को भी मुनाफा दे सकती है.
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