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शेयर बाजार में फिर से लौट सकती है तेजी, 25,000 के पार जा सकता है निफ्टी, जानिए क्यों?

सरकार के खर्च और टैक्स सुधारों और वैश्विक स्थितियों का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है, यह बाजार के लिए एक शानदार समय हो सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

पलक शाह

 

स्टॉक मार्केट और अर्थव्यवस्था की स्थिति दिखाती है कि बुल्स (खरीदारी वाले निवेशक) वापसी करेंगे. SEBI के कड़े नियमों, जैसे डेरिवेटिव्स और म्यूचुअल फंड्स के बारे में बदलाव, की वजह से भारतीय बाजारों में निराशा फैल गई है, और इसके कारण हाल ही में शॉर्ट पोजीशन्स बनी हैं. साथ ही, पिछले साल चुनावों के कारण सरकार की धीमी खर्ची ने भी बाजार को प्रभावित किया.

विदेशी निवेशक (FPI) फिर से गलत फंस गए?  

पिछले कुछ समय से, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) फिर से भारत के शेयर बाजार में गलत स्थिति में दिख रहे हैं। इस बार शॉर्ट पोजीशन्स की संख्या अब तक की सबसे ज्यादा है, और इसलिए शॉर्ट कवरिंग रैली भी बहुत बड़ी हो सकती है। क्यों ये रैली हो सकती है? स्टॉक मार्केट हमेशा मांग और आपूर्ति का खेल होता है। अब तक जो शॉर्ट पोजीशन्स बनी हैं, उससे ज्यादा बनना मुश्किल है, और बजट और नए टैक्स सुधार के कारण सरकारी खर्च में बढ़ोतरी होने से बाजारों में मांग बढ़ सकती है, जिससे शॉर्ट सेलर्स को दबाव महसूस हो सकता है।

निफ्टी क्यों बढ़ेगा?  

बजट के प्रभाव और नए टैक्स सुधारों को लेकर बाजारों में बड़ी मांग हो सकती है, जो शॉर्ट पोजीशन्स को कवर करवा सकती है. इसके अलावा, पिछले साल चुनावों के कारण सरकार का खर्च कम था, लेकिन इस साल और अगले साल सरकार का खर्च बढ़ सकता है. इससे बाजार की उम्मीदें बढ़ेंगी और शॉर्ट पोजीशन्स वाले निवेशक फंस सकते हैं. 

विशेषज्ञों की राय

स्ट्राइकमनी एनालिटिक्स और इंडिया चार्ट्स के फाउंडर (Strikemoney Analytics and Indiacharts) रोहित श्रीवास्तव कहते हैं कि "निफ्टी के 25,000 के स्तर अभी खुले हुए हैं. यह वर्तमान गिरावट के बाद 61 प्रतिशत का रिट्रेसमेंट है, जो तकनीकी हिसाब से संभव है. इतने उच्च शॉर्ट पोजीशन के स्तर पर, बाजार में तेजी आने के चांस हैं. बजट एक बड़ा प्रोत्साहन है और नया टैक्स कोड भी ऐसा ही असर डालेगा. पिछले साल के अनयूज्ड बजट खर्च और इस साल के 10 प्रतिशत कैपेक्स बढ़ोतरी से वास्तव में 20-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे सरकार से भारी तरलता आएगी. घरेलू तरलता बढ़ने से शॉर्ट सेलर्स को अपने पोजीशन कवर करने पड़ेंगे और बाजार उम्मीद से ज्यादा ऊपर चला जाएगा."

मॉर्गन स्टेनली इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर रिधम देसाई (Morgan Stanley, Managing Director & Chief Equity Strategist for India) का मानना है कि वर्तमान में भारतीय सरकार का कैपिटल खर्च GDP का 4.3 प्रतिशत है, जो अब तक का सबसे ऊंचा है और आगे बढ़ेगा. पिछले साल चुनावों के कारण पूरा खर्च नहीं हो पाया था, तो इस साल और अगले साल खर्च में और बढ़ोतरी हो सकती है. इससे GDP और बाजार की उम्मीदें भी बढ़ेंगी और मौजूदा मंदी (बियर) फंस जाएंगे.

CNI रिसर्च के मैनेजिंग डायरेक्टर किशोर ओस्टवाल (CNI Research, Managing Director) कहते हैं, "भारत में सरकार ने टैक्स स्लैब में सबसे बड़ी समीक्षा की है. अब पिक टैक्स रेट 35 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत हो गया है. उच्च आय वर्ग के लिए भी टैक्स कम हो गया है. इसके साथ ही अधिकांश जनता के हाथों में सीधे 12 लाख रुपये टैक्स फ्री मिलेंगे. इससे बाजार में बुल्स की वापसी के लिए सबसे अच्छा माहौल बनता है."

ग्लोबल फैक्टर और बाजार की दिशा

बजट प्रोत्साहन, बैंकिंग पर दबाव न होने, सरकारी खर्च में बढ़ोतरी, और मोदी सरकार के अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों के कारण, भारतीय मार्केट में अच्छा समय आने वाला है. यदि अमेरिकी प्रशासन यूक्रेन-रूस युद्ध को रोकने में सफल होता है और तेल की कीमतों को नियंत्रित कर महंगाई को काबू में रखता है, तो वैश्विक परिदृश्य भी अनुकूल हो सकता है. अगर यह सेटअप सच होता है, तो अभी के शॉर्ट पोजीशन वाले निवेशकों के लिए हालात गंभीर हो सकते हैं.
 

(लेखक- पलक शाह, "द मार्केट माफिया - क्रॉनिकल ऑफ इंडिया’s हाई-टेक स्टॉक मार्केट स्कैंडल एंड द कबाल दैट वेंट स्कॉट-फ्री" किताब के लेखक हैं. पलक शाह पिछले दो दशकों से मुंबई में पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने द इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड, द फाइनेंशियल एक्सप्रेस और द हिंदू बिजनेस लाइन जैसे प्रमुख पिंक पेपरों में काम किया है. वह 19 साल की उम्र में अपराध रिपोर्टिंग से जुड़े थे, लेकिन कुछ सालों में इस क्षेत्र में काम करने के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि अपराध की संरचना बदल चुकी थी और वह संगठित गिरोह, जैसा कि मुंबई ने 80 के दशक में देखा था, अब अस्तित्व में नहीं थे.  'व्हाइट मनी' अर्थव्यवस्था की जटिलताओं को समझने के उनके जुनून ने पलक को वित्त और नियामकों की दुनिया में पहुंचा दिया.)


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