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बजट पर एक सुर में बोला उद्योग जगत 'All is Well', जानें किसने क्या कहा 

वित्त मंत्री ने एक फरवरी को देश का बजट पेश किया. यह मोदी सरकार के मौजदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

देश का बजट आ चुका है और अब इस पर इंडस्ट्री के रिएक्शन भी आने लगे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में सबको साधने की कोशिश की है. अधिकांश सेक्टर्स को लगता है कि बजट में उनके लिए कुछ न कुछ है. BW हिंदी के साथ बातचीत में कुछ कंपनियों के प्रमुखों ने बजट पर अपने विचार रखे. पेश हैं उसके कुछ अंश:

हम बजट का स्वागत करते हैं
टाइम्सप्रो के सीईओ अनीश श्रीकृष्णन का कहना है कि बजट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के स्किलिंग आउटलुक पर जोर देकर कई पहलों की शुरुआत की गई है. हम इस कदम का स्वागत करते हैं और इस पहल के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक-निजी सहयोग की उम्मीद करते हैं, जिससे उद्योग 4.0 अर्थव्यवस्था में भारत के संक्रमण को गति मिले. ‘मेक एआई फॉर इंडिया’ और ‘मेक एआई वर्क फॉर इंडिया’ को सक्षम करने के लिए उत्कृष्टता के तीन एआई केंद्र भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे और कौशल के विकास को लाभान्वित करेंगे. ऐसे समय में जब भारत के युवाओं के लिए स्किलिंग और रीस्किलिंग महत्वपूर्ण है, सरकार द्वारा स्किलिंग की आवश्यकता को मान्यता देना उच्च शिक्षा और एच.एडटेक क्षेत्रों के लिए एक उत्साहजनक कदम है. हालांकि, हमारा मानना है कि पेशेवर शिक्षण कार्यक्रमों पर जीएसटी को कम करने से आधुनिक शिक्षा अधिक सुलभ और सस्ती हो जाएगी, जिससे लाखों शिक्षार्थियों को भविष्य के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी.

कौशल विकास के लिए रोडमैप 
वहीं, ईटीएस इंडिया के MD लेजो सैम ओमन ने कहा, 'बजट ने देश में युवाओं के कौशल विकास के लिए एक उत्कृष्ट रोडमैप प्रदान किया है – यह भारत के युवा जनसांख्यिकीय के लिए विकास और रोजगार सृजन को गति प्रदान करेगा. विभिन्न राज्यों में 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने के निर्णय में न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाजारों की मानव संसाधन जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है. इसी तरह, 4.7 मिलियन युवाओं को लाभान्वित करने वाली शिक्षुता योजना भी वैश्विक बाजारों में संसाधनों का समर्थन कर सकती है. यह बजट वास्तव में न केवल शिक्षा बल्कि भारत के कौशल के अंतर्राष्ट्रीयकरण का मार्ग प्रशस्त करता है.

भारत को दुनिया में ले जाने की तैयारी 
बर्लिंगटन ग्रुप के सीईओ रत्नेश झा का मानना है कि केंद्रीय बजट भारत को दुनिया में ले जाने के लिए तैयार है. वित्त मंत्री ने प्रौद्योगिकी-संचालित और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए योजनाओं के साथ दीर्घावधि दृष्टि को ठीक ही रखा है. जैसे कि पीएम कौशल विकास योजना 4.0 को युवाओं को कौशल प्रदान करने और उन्हें रोजगारपरक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. हमारी युवा आबादी को उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ भाषा और सॉफ्ट स्किल्स के सही सेट की आवश्यकता होगी, और बजट 2023 इसे सक्षम करने के लिए एक आदर्श नींव रखता है.

बजट में कई अच्छे प्रावधान  
वहीं, निंबस के CEO तरुण अरोड़ा को लगता है कि बजट में काफी अच्छे प्रावधान किए गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम का निर्माण पहुंच की बाधाओं को तोड़ देगा और काफी हद तक खर्च भी करेगा. पढ़ने की संस्कृति बनाने और गैर-पाठ्यचर्या संबंधी शिक्षण सामग्री पर मजबूत ध्यान केंद्रित करने पर सरकार का ध्यान ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को बढ़ाएगा. डिजिटल नॉलेज रिपॉजिटरी एचईआई को उनके सीखने के मानकों को बढ़ाने में मदद करेगी, साथ ही उद्योग के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण के लिए एग्री-टेक, एआई, डेटा साइंस और आईओटी जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान का समर्थन करेगी.


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