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कटोरी में कद्दू की सब्जी, जीवन की समस्याएं और आपका फैसला
सच तो यही है कि कटोरी में कद्दू की सब्ज़ी हो या लाइफ में प्रॉब्लम, खत्म होने पर कोई ना कोई आकर उसे फिर भर ही देगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
जीवन में भी आती है ऐसी स्थिति
हमारा जीवन भी वक्त-वक्त पे हमें ऐसी सिचुएशनज दिखता रहता है. जब भी किसी प्रॉब्लम को निपटा कर वापस से अपनी नॉर्मल जिंदगी का मजा लेना चाहो तो फिर कोई नई प्रॉब्लम आकार खड़ी हो जाती है. मैं ये तो नहीं कह सकता कि यह सिचुएशन सिर्फ मेरे जीवन की ही है, क्योंकि सच तो यह है कि हर इंसान के जीवन में ऐसी सिचुएशन आती-जाती रहती है. तो अब सवाल ये है कि थाली में कद्दू की सब्जी और लाइफ में प्रॉब्लम रखकर बैठे रहें, या पहले कद्दू की सब्जी खत्म करें. हम सोचते तो यही हैं कि कद्दू की सब्जी जैसी इन लाइफ की प्रॉब्लम को पहले खत्म कर लें तो राजमा और मटर पनीर का स्वाद ले सकेंगे और रोज-रोज आने वाली छोटी-छोटी खुशियों का मजा ले पाएंगे. पर इन मामलों को सुलझाते-सुलझते हमें पता भी नहीं चलता कि कब हम इनमें और उलझ जाते हैं. अब आप ऐसी सिचुएशन में क्या करते हैं ये तो आप जाने, पर मैंने तो अब कद्दू की सब्जी को भी अपनी फेवरेट सब्ज़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया है और बारी-बारी से सारी सब्जियों का मजा ले रहा हूं.
खत्म नहीं होतीं समस्याएं
देखिये सच तो यही है कि कटोरी में कद्दू की सब्जी हो या लाइफ में प्रॉब्लम, खत्म होने पर कोई ना कोई आकर उसे फिर भर ही देगा. ये नापसंद सब्जी, या ये कह लीजिए ये बिन बुलाई समस्याएं हमारी लाइफ का हिस्सा हैं, तो आप चाहें ना चाहें ये तो आती ही रहेंगी. अच्छी बात ये है कि ये प्रॉब्लम अगर आती हैं तो चली भी जाती हैं, कभी जल्दी तो कभी थोड़ा समय लगाकर. पर अंत में ये फैसला तो आपके हाथ में है कि आप इन समस्याओं को जल्दी-जल्दी सॉल्व करने के चक्कर में उनमें उलझे रहना चाहते हैं या फिर लाइफ के एक इंपॉर्टेंट हिस्से की तरह प्रॉब्लम को स्वीकार करके उनमे भी कुछ पॉजिटिव ढूंढ लेते हैं. तो देख लीजिए, कद्दू की सब्जी कटोरी में है और प्लेट आपके सामने रखी हुई है, अब ऐसी सिचुएशन में आप अपनी प्लेट में रखी कद्दू की सब्जी के साथ क्या करेंगे, फैसला तो आखिरकार आपको ही करना है.
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