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भारतीय शिक्षा व्यवस्था का पूर्ण रूपांतरण के साथ पीएम मोदी का विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह परिवर्तन न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ा रहा है, बल्कि एक आत्मनिर्भर, ज्ञान-आधारित समाज की नींव भी रख रहा है.
किरण हजारिका 9 months ago
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है. 21वीं सदी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने से लेकर डिजिटलीकरण, मातृभाषा में शिक्षा, अनुसंधान को बढ़ावा, और स्किल डेवलपमेंट जैसे अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं. यह सभी प्रयास "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक ठोस आधार तैयार कर रहे हैं. भारत गौरव सुपुत्र यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 75वां जन्मदिन पर बधाई देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में जो अभूतपूर्व परिवर्तन या बदलाव लाया गया है उसी पर प्रकाश डालते हुए लिखता हूँ :
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
शिक्षा संकल्पना: 2014 में श्री नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री बनते ही शिक्षा में बदलाव की संकल्पना लेते हुए डॉ. कस्तूरी रंगन के अध्यक्षता में शिक्षा में बदलाव के लिए एक दूरदर्शी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ड्राफ्ट समिति बनाई गई जिसे 2019 में प्रस्तुत कर सरकार को सौंपा गया और 29 अगस्त 2020 में इसे औपचारिक घोषणा से भारत में लागू किया गया. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 पूर्ण रूप से विद्यार्थी केंद्रित, भारतीयता पर आधारित, भारतीय ज्ञान परम्परा का पाठ्यक्रम में समावेश, मातृभाषा केंद्रित शिक्षा, शिक्षा में गुणवत्ता का पोषण, 5+3+3+4 (शिक्षा व्यवस्था, प्राक-प्राथमिक से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक लागू करना).
भारतीय शिक्षा का डिजिटलीकरण
140 करोड़ वाले देश में शिक्षा व्यवस्था का पूर्ण डिजिटलीकरण से "एक देश एक शिक्षा" माध्यम से समान पाठ्यक्रम, संसाधन और अवसरों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी को मिले इसी लक्ष्य से आज SWAYAM जैसे विश्व में सबसे बड़ा एजुकेशन पोर्टल जिसका 4.4 मिलियन का नित्य एक्सेस होता है. कोरोना के समय में PMe-विद्या, e-PGपाठशाला, स्वयं प्रभा, स्वयं+, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी आदि “One Nation One Student ID” के तहत APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) जहां कुल 31.5 करोड़ विद्यार्थियों ने अपने को पंजीकृत किया है. साथ ही विद्यार्थी के जीवन चक्र स्वरूप Digilocker और अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABS) का लागू करना है. जहां 2500 संस्थानों ने सक्रियता के साथ भाग लिया है.
शिक्षा बजट में बढ़ोतरी
आज शिक्षा बजट में 1,28,650/- करोड़ का प्रावधान है जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.6% प्रतिशत है जिसे 6.00% प्रतिशत तक ले जाने का संकल्प लिया गया है.
PM श्री विद्यालय
इस योजना के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अधीन 14500 विद्यालयों और एक आदर्श शिक्षा संस्थान बनाने के लक्ष्य से 12079 विद्यालयों को अनुमोदित कर अब तक विकास किया गया है. जहाँ आलोचनात्मक सोच, समग्र विकास, समग्रता की दृष्टिकोण के साथ सामुदायिक सहभागिता (Community Engagement) पर बल दिया गया है.
अनुसंधान राष्ट्रीय शोध नीति (ANRF)
अनुसंधान राष्ट्रीय रिसर्च फाउंडेशन के लिए कुल 50,000/- करोड़ का प्रावधान 2025-26 बजट में रखा गया है लेकिन सरकार एक लाख करोड़ तक का फंड रखेगी जिससे बुनियादी और नवाचार आधारित अनुसंधान का समर्थन रिसर्च संस्थानों को मिलेगा.
नए शैक्षिक संस्थानों का निर्माण
2013 में कुल 16 IIT, 13 IIM और 7 AIIMS के बदले में मोदी सरकार ने पूरे देश भर में कुल 23 IIT, 23 IIM और 26 AIIMS की स्थापना से कुल संस्थानों का विकास दर बढ़ाया गया और साथ ही गुणवत्तापूर्ण संस्थानों में IIT, आज NIRF रैंकिंग में आगे है.
मातृभाषा माध्यम की पढ़ाई में पहल
NEP-2020 के तहत स्कूली शिक्षा में मातृभाषा में पढ़ाई, उच्च शिक्षा में अभियांत्रिकी, विज्ञान तथा मेडिकल की पढ़ाई तक मातृभाषा माध्यम की शिक्षा की पहल मोदी सरकार ले रही है. UGC में 3 लाख 49 पाठ्यक्रम को मातृभाषा में लिखने के लिए योजना भारतीय भाषा समिति के समर्थन में कार्य शुरू किया गया है.
Skill और Entrepreneurship शिक्षा को बढ़ावा
NEP 2020 के तहत छठा कक्षा से ही स्किल शिक्षा का पाठ्यक्रम में समावेश प्रमाण पत्र तथा आठवीं कक्षा में इंटर्नशिप से लेकर बारहवीं कक्षा तक स्किल प्रमाण पत्र देना तथा उच्च शिक्षा में B.Voc, M.Voc शिक्षा सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में लागू करना जिससे रोज़गार, स्व: उद्यमिता का विकास तथा स्टार्टअप का निर्माण आदि योजना लागू किया गया है.
उच्च शिक्षा का भारतीयकरण
इस व्यवस्था के तहत भारतीय शिक्षा व्यवस्था से विदेशी छात्र अवगत हो और विश्व में भारतीय ज्ञान परंपरा का संचार हो इस लक्ष्य से विदेशी छात्र और विद्वानों का भारत आगमन हो साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले विदेशी शैक्षिक संस्थान को अपना संस्थान भारत में भी खोले इसका प्रावधान रखा गया है जिससे अपेक्षित मात्रा में विदेशी छात्र का आगमन हो रहा है.
विद्यार्थी और शिक्षकों को प्रशिक्षण
आज मोदी सरकार ने विद्यार्थियों के लिए "दिक्षारम्भ" और शिक्षकों के लिए NIPUN BHARAT, VIDYA PRAVESH, DIKSHA, NISHTHA, NDER जैसे प्लेटफार्म बनाया गया है. आज इस तरह से सैकड़ों योजना मोदी जी ले रहे हैं जिससे विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल होने में सहायक रहेगा.
अतिथि लेखक-प्रोफेसर किरण हजारिका
प्रोफेसर किरण हजारिका, एम.ए., पीएच.डी., IDEL (HE), वर्तमान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा में प्रो-वाइस चांसलर के पद पर कार्यरत हैं तथा पूर्व में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नई दिल्ली में भी प्रो-वाइस चांसलर रह चुके हैं. उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 30 वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है, जिसमें से 3 वर्ष उन्होंने प्रो-वाइस चांसलर, 11 वर्ष शैक्षणिक प्रशासक (प्राचार्य), 12 वर्ष विभागाध्यक्ष, और 18 वर्ष शिक्षक के रूप में कार्य किया है. उन्होंने अपनी पीएच.डी. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से "नागार्जुन के काव्य में मानव मूल्य" विषय पर 13 अगस्त 2010 को प्राप्त की. वे अब तक 25 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित कर चुके हैं तथा 9 पुस्तकों के लेखक हैं. प्रो. हजारिका ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें वे 17 से अधिक बार विभिन्न प्रतिष्ठित भूमिकाओं जैसे UGC सदस्य, राष्ट्रपति/राज्यपाल के नामित सदस्य, NAAC टीम के अध्यक्ष/सदस्य, शैक्षणिक परिषदों के सदस्य, रिसोर्स पर्सन, विजिटिंग प्रोफेसर आदि में कार्य कर चुके हैं. उन्होंने NEP 2020 के कार्यान्वयन योजना के निर्माण में अध्यक्ष की भूमिका भी निभाई है. उनका वित्तीय सेवाओं एवं उपभोक्ता तकनीकी क्षेत्रों में अनुभव, शोध और नेतृत्व क्षमता भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए अत्यंत मूल्यवान सिद्ध हो रही है.
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