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AI के युग में पेरेंटिंग: सुविधा की कीमत पर क्या खो रहे हैं माता-पिता?

अतिथि लेखक डॉ. पवन सोनी कहते हैं, 'परिवार के साथ हर पल संजोएं, क्योंकि माता-पिता बनने का समय नौकरी की उम्र से कहीं छोटा और अनमोल होता है'.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

कई माता-पिता के लिए, उनके सबसे बुरे डर अब उनकी वास्तविकता बन गए हैं. अपनी नौकरियों और उनसे जुड़े जोखिमों के बीच जूझते हुए, वे मुश्किल से ही अपने बच्चों के भविष्य को आकार दे पा रहे हैं. जब वे किसी और के काम में व्यस्त होते हैं, तब वे अनजाने में अपनी सबसे अहम जिम्मेदारी किसी और को सौंप देते हैं.

नैनी कैमरा, ऐप्स और आर्थिक अनुबंधों की परतों में घिरे हुए, वे आठ घंटे की शिफ्ट में सुरक्षित महसूस करते हैं, जहां गृहकार्य को छोड़कर, बच्चा लगभग एक अजनबी द्वारा पाला जा रहा होता है. उम्मीद बस इतनी होती है कि बच्चे को ‘व्यस्त’ रखा जाए ताकि माता-पिता मीटिंग्स और ट्रैफिक के बीच दुनिया जीत सकें, और फिर बच्चे को ऐप से ऑर्डर किया गया खाना खिलाने के लिए ‘इकट्ठा’ कर सकें. तकनीक ने लेन-देन की लागत को बेहद घटा दिया है और इसके कारण व्यापारिक अवसरों की भरमार है. लेकिन क्या इस सौदे में बच्चा कहीं नुकसान तो नहीं उठा रहा?

तकनीक, खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ने पालन-पोषण में तीन मुख्य तरीकों से मदद की है पहला, इसने घर के दरवाजे पर ही सुविधा पहुंचा दी है, भोजन और किराना डिलीवरी, परिवहन, भुगतान, ट्रैकिंग या आउटसोर्सिंग की अन्य सेवाएं. लगभग हर चीज़ के विकल्प बढ़ गए हैं, जिससे ठोस व्यावसायिक अनुबंध बने हैं. अब आपको यह जानने की जरूरत नहीं कि आपका खाना किसने बनाया या पहुंचाया, बस ऐप पर भरोसा होना चाहिए (फिलहाल के लिए). यह उन दिनों से बिल्कुल अलग है जब लोग किसी अजनबी के बनाए खाने को हाथ तक नहीं लगाते थे.

AI का दूसरा वरदान कंटेंट के क्षेत्र में है. कंटेंट क्रिएशन, डिलीवरी और को-क्रिएशन की हाइपर-पर्सनलाइजेशन ने, घर और स्कूल दोनों में, माता-पिता को यह नियंत्रण दिया है कि ज्ञान और मनोरंजन कितना और किस रूप में उपभोग किया जाए. हालांकि यह दोधारी तलवार है (तकनीक में क्या नहीं है?), माता-पिता और बच्चे अब पहले से अधिक आत्मविश्वासी हैं, अक्सर शिक्षकों और तकनीकी रूप से वंचित लोगों की कीमत पर. एक और रुझान है ‘प्रोस्यूमरिज्म’, जिसमें उपभोक्ता खुद समाधानकर्ता बन जाते हैं, जिससे ‘कैसे करें’ की एक नई भीड़ बनती जा रही है.

AI का तीसरा आयाम पैटर्न पहचानने की क्षमता में है. अभी यह शुरुआती दौर में है, लेकिन अपने आप में छोड़ा जाए तो AI शोर से संकेत, यादृच्छिकता से पैटर्न और सामान्य से गहराई निकाल सकता है. यदि इसे पर्याप्त डेटा दिया जाए, तो यह आपको चार्ट्स के रूप में बताएगा कि आपका बच्चा शैक्षणिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक रूप से कैसे कर रहा है. चतुर माता-पिता अपने बच्चों को परीक्षण के रूप में इस्तेमाल करने से नहीं चूकते और फिर इन निष्कर्षों को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं. याद रखें: आखिर में AI ही हंस रहा होता है.

Microsoft AI के सीईओ मुस्तफा सुलैमान के अनुसार, “हम अभी AI क्रांति की शुरुआत में ही हैं.” उनका कहना है कि यह तकनीकें “मूल रूप से सामान्य हैं और इसलिए बहुउद्देशीय हैं, ये तेजी से विकसित होती हैं, इनके प्रभाव असमान हैं, और कुछ मामलों में ये तेजी से स्वायत्त हो रही हैं.” सामान्य, व्यापक और विकसित होने वाली तकनीकें अच्छी खबर हैं, लेकिन असमान और स्वायत्त होने के परिणाम चिंताजनक हैं. माता-पिता और बच्चों के बीच जो परत यह बना रही है, जिसे जैविक रूप से अस्वाभाविक माना जा सकता है, उससे नियंत्रण का ह्रास बढ़ता जा रहा है. बच्चे अब तेजी से परिपक्व हो रहे हैं, लेकिन उनका देखभाल, कंटेंट और चरित्र विकास बिना किसी निगरानी के हो रहा है. अगर यह सच है कि एक बच्चे को पालने के लिए पूरे गांव की जरूरत होती है, तो सोचिए अगर वह गांव अजनबियों का हो तो? अब समय आ गया है कि माता-पिता फिर से नियंत्रण अपने हाथों में लें, वरना शायद बच्चे की खबर लेने की जरूरत ही नहीं रहेगी, क्योंकि बच्चा पहले ही उनसे दूर जा चुका होगा.

तो माता-पिता फिर से कैसे संतुलन पा सकते हैं?
पहला, काम को समय के खंडों में बांटें. आठ घंटे का मतलब आठ घंटे ही होना चाहिए. अगर आप अपने कार्यस्थल पर AI की मदद से अपनी उत्पादकता नहीं बढ़ा पा रहे, तो आप खुद को पर्याप्त रूप से लागू नहीं कर रहे हैं. यदि आप अपना काम और अपेक्षाएं संभाल नहीं सकते, तो आप दूसरों के लिए खासकर घर पर किस तरह का उदाहरण पेश कर रहे हैं? अपनी प्राथमिकताओं को पुनर्गठित करें ताकि आपके पास अपने प्रभाव क्षेत्र में समय हो. अपने नियोक्ता को अपने बच्चे के भविष्य से समय न चुराने दें.

दूसरा, अपने बच्चे के साथ बिताए समय की गुणवत्ता को बेहतर करें और यह भ्रम न पालें कि गुणवत्ता बिना पर्याप्त मात्रा के आ सकती है. अगर आप अपने बॉस के साथ समय प्रबंधन नहीं कर पाए, तो आप अपने बच्चे का ध्यान कैसे समयबद्ध करेंगे? यह कोई स्विच नहीं है. अपने बच्चे के साथ समय बिताएं, क्योंकि वह हमेशा आपको नहीं चाहेगा.

अंत में, तकनीक को अपना नौकर बनाएं, मालिक नहीं. आपको तकनीक का उपयोग अपने इरादों को सशक्त करने के लिए करना चाहिए, ताकि अपने, परिवार और उच्च उद्देश्य के लिए समय बनाया जा सके. यदि आप यात्रा में बहुत समय बर्बाद कर रहे हैं, तो ड्राइवर, को-वर्किंग स्पेस, ऑफिस के पास घर या वर्क-फ्रॉम-होम जैसे विकल्प खोजें. अगर आप मीटिंग्स में थक चुके हैं, तो AI से मिनट्स रिकॉर्ड करवाएं, ट्रांस्क्रिप्ट्स का विश्लेषण करवाएं और खुद को इस थकान से मुक्त करें. अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं, क्योंकि माता-पिता बनने का अवसर कर्मचारी बनने की तुलना में बहुत छोटा है. उम्मीद है कि आप कोने के ऑफिस की चाहत में प्रकृति के सबसे बड़े उपहार को व्यर्थ नहीं करेंगे.

(डिस्क्लेमर : इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं और जरूरी नहीं कि प्रकाशन के विचारों को भी दर्शाते हों.)

डॉ. पवन सोनी, अतिथि लेखक
(डॉ. पवन सोनी "Design Your Thinking" और "Design Your Career" पुस्तकों के बेस्टसेलिंग लेखक हैं.)

 


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