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'न्यूज रूम कोई लिक्विड डिटर्जेंट नहीं है, इसे साबुन की तरह मैनेज नहीं किया जा सकता'

e4mDNPADigitalMedia Conference 23 में मीडिया जगत की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप और डिजिटल न्यूज पब्लिशर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (DNPA) द्वारा आयोजित की जा रही e4mDNPADigitalMedia Conference 23 में मीडिया जगत की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं. कार्यक्रम की शुरुआत BW Business World के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ डॉक्टर अनुराग बत्रा के वेलकम एड्रेस के साथ हुई. 

अटेंशन स्पैन से शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान अपने Opening Keynote में हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) के एडिटर इन चीफ सुकुमार रंगनाथन ने डिजिटल जर्नलिज्म के भविष्य पर अपने विचार रखे. उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के एक सर्वे का जिक्र करते हुए अपने Keynote की शुरुआत की. उन्होंने बताया कि इस दौरान एक रिसर्चर ने बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण के दावा कर डाला कि जेलीफिश और गोल्ड फिश का अटेंशन स्पैन इंसानों से ज्यादा होता है, जबकि ऐसा नहीं है. इसलिए एक पत्रकार होने के नाते आपको सच बताना मेरा कर्तव्य है. अब आप उस पर विश्वास करें या नहीं, ये आप पर है. इसी तरह, हमें सच को सामने लाकर पत्रकार की भूमिका ईमानदारी से निभानी चाहिए. 

अनुभव किए शेयर  
रंगनाथन ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा कि कुछ समय जब वह एक इवेंट में गए, तो एक व्यक्ति ने उनसे कहा - क्या तुम जानते हो कि तुम पत्रकारिता के ग्रे एनिमेंस (जो परदे के पीछे रहकर पावर चलाता है) हो? मैंने कहा, - ऐसा बिल्कुल नहीं है. हम सभी जानते हैं कि हम लोग ग्रे एनिमेंस के साथ कैसे पेश आते हैं. उन्होंने आगे कहा, 'मुझे कुछ ग्रे एनिमेंस ने इस विषय पर बात करने के लिए बुलाया था कि पत्रकारिता कैसे काम करती है, ये तब की बता है जब मैंने मिंट (Mint) लॉन्च किया था. मिंट एक क्रन्तिकारी नया प्रोडक्ट था. मैं उस समय बेहद तेज तर्रार था और मैंने उन सीनियर्स से स्पष्ट कह दिया था कि मैं आपको हायर नहीं करूंगा, क्योंकि जो स्किल मुझे चाहिए वो आपके पास नहीं हैं. मुझे ऐसा लगता है कि जो स्किल मेरे पास हैं वो डिजिटल न्यूज रूम को नहीं चाहिए'.

नया ओनरशिप मॉडल चाहिए
इसके बाद उन्होंने कहा, 'पत्रकारिता के भविष्य पर बात करने से पहले मैं अनुराग बत्रा और DNPA का आभारी हूं कि पत्रकारिता के भविष्य पर बात करने के लिए उन्होंने किसी पत्रकार को आमंत्रित किया है. जबकि आमतौर पर पत्रकारिता के भविष्य पर चर्चा के लिए नेता, बिजनेसमैन को बुलाया जाता है'. मूल टॉपिक पर आते हुए हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) के एडिटर इन चीफ सुकुमार रंगनाथन ने कहा - भविष्य की पत्रकारिता के लिए नए ओनरशिप मॉडल की जरूरत है. मौजूदा ओनरशिप मॉडल टूट गया है. यह अब काम नहीं करेगा. हालांकि, ये नया मॉडल कैसा होगा, मुझे नहीं पता. इसी तरह, न्यूज रूम में नया मैनेजमेंट और लीडरशिप चाहिए. खासतौर पर बिजनेस साइड पर. मैं जानता हूं कि न्यूज कमोडिटाइज्ड हो गई है, लेकिन न्यूज रूम कोई लिक्विड डिटर्जेंट नहीं है, भले ही कुछ न्यूज रूम में कुछ सलाइन हैं, लेकिन ये कोई साबुन नहीं है, और साबुन की तरह मैनेज नहीं हो सकता. आपको न्यूज रूम को उसी तरह से मैनेज करना होता है और पत्रकारिता का भविष्य उसी से जुड़ा हुआ है. 

नए बिजनेस मॉडल की दरकार
रंगनाथन ने कहा कि भविष्य की पत्रकारिता के लिए एक नया बिजनेस मॉडल भी चाहिए. अपने करियर के शुरुआती दिनों में मैं टेलीकॉम रिपोर्टर था, इसलिए मुझे लगता है कि पत्रकारिता के लिए भी USO फंड की जरूरत है. कोई भी बिग टेक कंपनी जो भारत में काम करना चाहती है, वो इस फंड में कुछ योगदान दे और बाद में इस फंड को न्यूज रूम्स के बीच उनके सर्कुलेशन के आधार पर वितरित कर दिया जाए. इसके अलावा, उन्होंने न्यूजरूम के लिए एक मजबूत आचार संहिता पर जोर दिया. रंगनाथन ने कहा कि बिना मजबूत आचार संहिता के काम नहीं किया जा सकता. आप Mint की आचार संहिता देख सकते हैं, हमने इसे काफी अलग और बेहतर ढंग से तैयार किया था. इसे समय-समय पर अपग्रेड भी किया गया. 

स्पेशलाइजेशन पर फोकस 
सुकुमार रंगनाथन ने आगे कहा कि भविष्य की पत्रकारिता के लिए फैक्ट चेकिंग स्किल्स और स्पेशलाइजेशन पर फोकस किया जाना चाहिए. बिना स्पेशलाइजेशन के लिए कुछ नहीं है. मिंट में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने सुनिश्चित किया था कि भले ही हम चुनिंदा फील्ड पकड़ें, लेकिन उनमें हमारा स्पेशलाजेशन हो. इसके अलावा, टेक्नोलॉजी अडॉप्टेशन बेहद जरूरी है. टेक्नोलॉजी ने आज ही सबकुछ बदलकर रख दिया है, तो भविष्य की इसके बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती. साथ ही सभी के साथ निष्पक्षता भी अत्यंत आवश्यक है. फिर भले ही वो आपके रिपोर्टर हों, ऑफिस स्टाफ या फ्रीलांसर.  

रंगनाथन के बारे में
सुकुमार रंगनाथन Hindustan Times के एडिटर इन चीफ हैं. उन्होंने मिंट और मिंटएशिया के संपादक की भूमिका भी संभाली है. उनके पास केमिकल इंजीनियरिंग, मैथ्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री है और HT मीडिया का हिस्सा बनने से पहले वह Hindu Business Line और बिजनेस टुडे में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. संपादक के रूप में उनके कार्यकाल में, मिंट ने तीन बार रामनाथ गोयनका पुरस्कार, पांच बार सोसायटी ऑफ पब्लिशर्स ऑफ एशिया पुरस्कार जीते थे. 


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