होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / कैसे भूल सकता हूं वो हर बात पर मां का नजर उतारना...

कैसे भूल सकता हूं वो हर बात पर मां का नजर उतारना...

जब भी मैं हार कर घर आता था तो मेरी मां मेरी नजर उतार देती थी, बोलती थी किसी की नजर लगी थी, अब सब ठीक होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

बचपन से लेकर आज तक मेरी मां से मेरी डिमांड कम ही नहीं हो पाई है. मेरी पसंद का खाना, आलू के पराठे, मां के हाथ से बना शर्बत, कभी शिकंजी, कभी गोभी के पकौड़े, बेसन का हलवा, आज भी नहीं समझ पाया हूं - मां तू कौन है, अन्नपूर्णा, बावर्ची या मेरी मां सिर्फ मां. मैं जीत जाता था जब भी तुम मेरे साथ लूडो खेलती थीं, मैं और तुम छुपम-छिपाई खेलते थे. मैं तुम्हे हर बार ढूंढ लेता, लेकिन तुम मुझे नहीं ढूंढ पाती थीं. क्यों कभी तुमने मेरी आंखों पर पट्टी बांधकर मुझे आगे-पीछे से नहीं धकेला, क्यों कभी तुम्हारी कोई Housie नहीं निकली. हां अब जब अपने बच्चों से हारता हूं तो तुम्हारे हारने का कारण समझ जाता हूं. तुम्हारा जो विश्वास मुझमें था और आज भी है.

इसे करने दो, मैं हूं न
साइंस का ब्राइट स्टूडेंट होने के बाद भी तुम्हें मेरे पेंटर बनने को बिना किसी वाद-विवाद के मान लिया. तुम्हारी मर्जी के बिना शर्मा जी की लड़की के बजाय साधारण से नैन नक्श वाली मेरी पसंद की पंजाबी लड़की तुम्हें पहली नजर में भा गई. अच्छी-खासी जमी-जमाई दुकान को छोड़कर, शहर को छोड़कर तुम यहां 2 कमरों की माचिस की डिबिया, साबुनदानी जैसे घर में मेरे साथ चली आईं. मुझे अब तक शक है कि तुम्हें मुझ पर विश्वास था कि खुद पर, कि चलो जो करता है इसे करने दो, मैं हूं न. 

तुम सब ठीक कर दोगी  
मां तुम हो तो मैं हूं, घर जल्दी लौटूं या देर से, खाकर आऊं या खाली पेट, बरसात की बारिश में भीग कर आऊं या कड़कड़ाती सर्द रातों में, बॉस से झिड़की खाकर आऊं या रिश्तों में हार कर, बस जब घर आ जाता हूं ना, तो जानता हूं कि तुम सब ठीक दर दोगी. जब भी मैं हार कर घर आता था तो मेरी मां मेरी नजर उतार देती थी, बोलती थी किसी की नजर लगी थी, अब सब ठीक होगा. इसी तरह जब जीत कर आता था तो फिर से नजर उतारती थी, बोलती थी कही तुझे नजर न लग जाए. जब भी कहीं बाहर जाता था, तो मां नजर उतारकर भेजती थी, जब भी कहीं बाहर से आता था तो मां फिर से नजर उतारती थी, कभी-कभी मां के इस काम पर गुस्सा भी आ जाता था. 

ये भी पढ़ें - अपनी किस्मत, अपने हाथ: जो चाहेंगे वही मिलेगा बस करना है ये काम

फिर एक अनजान सफर पर जाना है
जानते हो मां कैसे नजर उतारती थी, मेरी आंखें बंद, मां की आंखें खुली, एक हाथ में एक सुखी लाल मिर्च, 2 दाने काली मिर्च के, चुटकी भर नमक, चुटकी भर शक्कर और जो दो-तीन चीजें और भी, जो मैं कभी समझ नहीं पाया और सबको लेकर एक मंत्र सा - अपने की, पराये की, काले की, सफेद की, सच्चे की, झूठे की, जाने की, अनजाने की, और भी न जाने क्या-क्या, मन मन में मां बुदबुदाती रहती थी. लेकिन सुबह उठता था तो सब ठीक हो जाता था, मां तुम्हारा ये नजर उतारना काम तो करता है. आज जब मैं अपने जीवन के आखिरी लम्हों में जी रहा हूं और हॉस्पिटल के ICU मे सभी डॉक्टर्स और नर्स के चेहरे मुझे साफ- साफ बता रहे हैं कि इस जन्म का सफर यहीं तक है, तो एक बात मेरे मन मस्तिष्क मे बार-बार आ रही है कि मेरे मरने के बाद मुझे जलाने से पहले मेरी मां से कहना, मेरी नजर उतार देगी, आखिर में मैं भी तो एक नए से सफर में एक अनजानी से मंजिल पर जा रहा हूं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

टैगोर से टाटा तक: पश्चिम बंगाल अवसरों की भूमि

उद्योग पेशेवर डॉ. अजय शर्मा लिखते हैं, 1960 के दशक में भारत के जीडीपी में बंगाल की हिस्सेदारी 10% से अधिक थी, जो 2023-24 तक घटकर लगभग 5.6% रह गई है.

3 hours ago

बंगाल के जनादेश का सम्मान जरूरी: भरोसा लौटे, गौरव पुनर्जीवित हो, सम्मान स्थापित हो

प्रबल बसु रॉय लिखते हैं, शासन का अगला चरण, चाहे स्थानीय स्तर पर इसका नेतृत्व कोई भी करे, भाषण या इरादों के आधार पर नहीं आंका जाएगा, इसे परिणामों के आधार पर परखा जाएगा.

4 hours ago

अहंकार का अंत: कमल मुस्कुरा रहा है

पश्चिम बंगाल का औद्योगिक केंद्र से आर्थिक ठहराव तक का सफर दशकों की नीतियों और राजनीतिक बदलावों के जरिए समझा जा सकता है, साथ ही इसके पुनरुत्थान की संभावनाओं पर भी बहस जारी है.

1 day ago

प्रसार भारती में प्रसून होने का महत्व

टाटा मोटर्स के सीएमओ शुभ्रांशु सिंह लिखते हैं, विज्ञापन ने प्रसून जोशी को सटीकता और जटिलता को कुछ यादगार शब्दों में समेटने की क्षमता दी.

1 day ago

गोदरेज इंडस्ट्रीज की नई ब्रांड पहचान: सिर्फ डिजाइन नहीं, बड़े बदलाव का संकेत

इस लेख में लेखक गणपति विश्वनाथन ने गोदरेज इंडस्ट्रीज की रीब्रांडिंग और उसके मौजूदा संकेतों का विश्लेषण किया है.

3 days ago


बड़ी खबरें

BW The Future Finance Office में मुख्य अतिथि होंगे यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक

एक ओर जहाँ फाइनेंस लीडरशिप और एंटरप्राइज लीडरशिप के बीच की सीमा पूरी तरह समाप्त हो रही है. वहीं, CFO की भूमिका के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करने के उद्देश्य से भारत के टॉप फाइनेंस लीडर्स 8 से 10 मई तक लखनऊ में एकत्र होंगे.

3 hours ago

PNB Q4 रिपोर्ट: मुनाफा 14% उछला, निवेशकों के लिए ₹3 डिविडेंड का ऐलान

मार्च तिमाही में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.4 प्रतिशत बढ़कर 5,225 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी अवधि में बैंक ने 4,567 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था.

3 minutes ago

मलेशिया और भारत में नए सीईओ की नियुक्ति के साथ Lockton ने एशिया में नेतृत्व को किया मजबूत

यह नियुक्तियां लॉकटन की एशिया में बढ़ती उपस्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं को और मजबूती प्रदान करेंगी.

2 hours ago

मुखर्जी के गृह राज्य में भगवा लहर: पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक बढ़त

चुनाव परिणामों को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जनता के विश्वास और विकास की राजनीति का परिणाम है.

5 hours ago

टैगोर से टाटा तक: पश्चिम बंगाल अवसरों की भूमि

उद्योग पेशेवर डॉ. अजय शर्मा लिखते हैं, 1960 के दशक में भारत के जीडीपी में बंगाल की हिस्सेदारी 10% से अधिक थी, जो 2023-24 तक घटकर लगभग 5.6% रह गई है.

3 hours ago