होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / महिंद्रा का नया साल: नवाचार, शिक्षा और वैश्विक नेतृत्व की ओर

महिंद्रा का नया साल: नवाचार, शिक्षा और वैश्विक नेतृत्व की ओर

नई पीढ़ी के लिए शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास यह सुनिश्चित करते हैं कि महिंद्रा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

महिंद्रा समुदाय के लिए,

नए साल की शुरुआत सबसे अच्छा समय है कि हम गहरी साँस लें, बीते साल की समीक्षा करें और भविष्य के लिए अपनी तैयारियों पर विचार करें.

बाजार में नेतृत्व और पुनर्परिभाषित अपेक्षाएँ का साल

व्यवसाय की दृष्टि से, यह साल बेहद संतोषजनक रहा, केवल इसलिए नहीं कि आंकड़े मजबूत थे, बल्कि इसलिए भी कि ये क्या दर्शाते हैं. हमने सिर्फ़ बाजारों में नेतृत्व नहीं किया. हमने अपेक्षाओं को पुनर्परिभाषित किया.

हमारा SUV व्यवसाय रिकॉर्ड शेयर के साथ बाजार में अग्रणी रहा, जिससे हमारे ग्राहकों की वास्तविक इच्छाओं को समझने की हमारी क्षमता की पुष्टि हुई. हमारा कृषि उपकरण व्यवसाय अपने उच्चतम त्रैमासिक बाजार हिस्से तक पहुंचा, यह साबित करता है कि ज़मीन पर नवाचार जीवन को बदल देता है. इसी बीच, हमारे इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में दबदबा बनाए हुए हैं. टेक महिंद्रा ने AI और परिचालन उत्कृष्टता में अपनी बढ़त को तेज किया, लगातार आठवां त्रैमासिक मार्जिन विस्तार दिया, जबकि महिंद्रा फाइनेंस ने मजबूत लाभ वृद्धि और उद्योग-प्रमुख संपत्ति गुणवत्ता के संयोजन के साथ नई ऊँचाइयाँ छुईं. महिंद्रा लाइफस्पेसेस ने सतत रियल एस्टेट में अपनी गति बनाए रखी, रिकॉर्ड ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू और उद्योग-प्रथम नेट ज़ीरो प्रोजेक्ट्स के साथ. महिंद्रा हॉलिडेज ने महिंद्रा सिग्नेचर रिसॉर्ट्स की रूपरेखा तैयार की, जो अनुभवात्मक यात्रा की दिशा में एक साहसिक बदलाव को दर्शाता है. और महिंद्रा सस्टेन ने भारत के हरित संक्रमण को जारी रखा, नवीकरणीय ऊर्जा नवाचार में अपनी नेतृत्व क्षमता को मजबूत किया.

ये उपलब्धियाँ सिर्फ मील के पत्थर नहीं हैं - ये लॉन्चपैड हैं. ये इस समूह की कहानी बताते हैं जो पूरे उत्साह के साथ काम कर रहा है, उद्देश्य से जुड़ा हुआ और साहस से संचालित है.

विश्वसनीयता से सीमा-नवाचार तक

दशकों तक, महिंद्रा को एक घरेलू ब्रांड के रूप में देखा जाता था जो मजबूत विश्वसनीयता के लिए जाना जाता था. आज, हमें आधुनिक, आत्मविश्वासी और भविष्य-तैयार के रूप में देखा जाता है. इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) ने सिर्फ़ हमारे पोर्टफोलियो को नहीं बदला. उन्होंने संवाद को बदल दिया. उन्होंने संकेत दिया कि महिंद्रा सीमा-प्रौद्योगिकियों में माहिर है और मोबिलिटी के भविष्य को आकार दे रहा है. हमने मानक बढ़ा दिया है, और अब हमें इसे लगातार बढ़ाते रहना है.

अब मैं वैश्विक परिदृश्य में बदलाव और इससे हमारे लिए खुलने वाले अवसरों पर कुछ व्यक्तिगत विचार साझा करना चाहता हूँ.

AI युग में नेविगेशन: क्यों ब्लू कॉलर नया 'गोल्ड कॉलर' है

जैसे-जैसे AI उद्योगों को बदल रहा है, कई लोग व्यवधान से डरते हैं. मैं सम्मानपूर्वक असहमत हूँ. मेरा मानना है कि AI खतरा नहीं, बल्कि एक त्वरक है. जब बुद्धिमान प्रणालियाँ नियमित कार्यों को संभालेंगी, तो AI से तेज़ किए गए व्यावहारिक कौशल प्रीमियम संपत्ति बन जाएंगे, जो आय, सम्मान और ब्लू कॉलर काम को दीर्घकालिक महत्व का नया स्तर देंगे. AI "हाथों-से" कौशल के मूल्य में मूलभूत बदलाव लाएगा: एक तकनीशियन जो AI के साथ आत्मविश्वास से काम कर सकता है, एक मशीनिस्ट जो डिजिटल टूल्स को समझता है, और एक कारीगर जिसकी अंतर्दृष्टि डेटा से बढ़ी हुई है, वे शॉप फ्लोर कार्य की दुनिया को बदल देंगे. हम उन लोगों का मूल्य फिर से खोजेंगे जो निर्माण, निर्माण, मरम्मत और जीवन की वास्तविक मशीनरी का संचालन कर सकते हैं. जब तकनीक कुशल हाथों को सशक्त बनाएगी, तो वे हाथ पारंपरिक व्हाइट कॉलर काम जितने, यदि अधिक नहीं तो उससे भी अधिक फलदायी बन सकते हैं. AI ब्लू कॉलर को गोल्ड में बदल सकता है.

मुझे गर्व है कि हम इस क्षेत्र में अपनी बात को अमलीजामा पहनाते हुए चल रहे हैं. मैंने हाल ही में तेलंगाना में यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष के रूप में भूमिका स्वीकार की, एक अग्रणी संस्थान जो हमारी युवा पीढ़ी को एक ऐसे दुनिया के लिए तैयार करता है, जहाँ उच्च-तकनीकी दक्षता को व्यावसायिक महारत के साथ जोड़ना आवश्यक है. समूह इस टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है जो दुनिया को चाहिए - महिंद्रा ट्रैक्टर्स स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स से लेकर टेक महिंद्रा की भविष्य-तैयार टैलेंट अकादमियों तक.

शिक्षा में भारतीय उत्कृष्टता का नया युग

कार्य की प्रकृति में यह बदलाव वैश्विक प्रतिभा गतिशीलता में भूकंपीय बदलाव के साथ मेल खाता है. जैसे-जैसे पश्चिम में शिक्षा नीतियाँ विकसित होती हैं और वीज़ा नियम कड़े होते हैं, पारंपरिक "ब्रेन ड्रेन" भारत के लिए एक अद्भुत "ब्रेन गेन" में बदल सकता है.

दशकों तक, दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली दिमाग सर्वोत्तम शिक्षा के लिए पश्चिम की ओर देखते थे. आज, जब वे द्वार संकरे होते जा रहे हैं, भारत की अपनी क्षमता बढ़ रही है. यह केवल एक चुनौती नहीं है, यह ऐतिहासिक अवसर है कि हम दुनिया के "बैक ऑफिस" से इसकी प्रमुख "थिंक टैंक" बनने की दिशा में मोड़ लें. हमारे देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की तेजी से वृद्धि ने दुनिया को पहले ही भारतीय नवाचार में विश्वास दिलाया है. अब हमें इसे समर्थन देने के लिए संस्थागत रीढ़ प्रदान करनी होगी.

महिंद्रा यूनिवर्सिटी की महत्वाकांक्षा को बढ़ाना

इस मौके का लाभ उठाने के लिए, महिंद्रा यूनिवर्सिटी अपनी महत्वाकांक्षा को बढ़ा रही है ताकि यह शिक्षा के लिए एक वैश्विक लाइटहाउस बन सके. मैंने इस दृष्टि के लिए व्यक्तिगत समय और वित्तीय प्रतिबद्धता देने का संकल्प लिया है क्योंकि मेरा मानना है कि सीमित सीमाओं के युग में, हमें विश्व-स्तरीय विश्वविद्यालय यहीं बनाना चाहिए.

हम केवल छात्रों को शिक्षा नहीं दे रहे हैं. हम रचनाकारों, निर्माताओं और नवप्रवर्तकों को तैयार कर रहे हैं जो वैश्विक विकास की अगली लहर को आकार देंगे. शिक्षा केवल सामाजिक कल्याण नहीं है, यह भारत के वैश्विक प्रतिभा नेतृत्व के लिए अंतिम रणनीतिक निवेश है.

हमारी भूमिका: मेंटर्स और बिल्डर्स

विश्व-स्तरीय संस्थानों का निर्माण किसी एक बोर्ड या छोटे अकादमिक समूह का काम नहीं है. यह पूरे महिंद्रा समुदाय के लिए मिशन है. वास्तव में एक वैश्विक उत्कृष्टता का प्रमुख संस्थान बनाने के लिए, हमें अपने कक्षाओं में वास्तविक दुनिया की मेहनत और नवाचार को शामिल करना होगा जो हमारे व्यवसायों को परिभाषित करता है.

मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि इन पहलों में भाग लें - चाहे वह महिंद्रा यूनिवर्सिटी में छात्रों का मेंटर बनना हो, यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी और महिंद्रा के स्किल सेंटरों के लिए उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रम डिजाइन करने में मदद करना हो, या इंटर्नशिप प्रदान करना हो जो "ब्लू कॉलर" भूमिकाओं को "गोल्ड कॉलर" करियर में बदल सके. आपकी विशेषज्ञता हमारा सबसे मूल्यवान पाठ्यक्रम है. हमारे व्यवसाय इन छात्रों के लिए अंतिम प्रयोगशालाएँ हैं. मैं हमारे नेताओं से शिक्षक बनने और प्रबंधकों से मेंटर बनने का आग्रह करता हूँ. आइए हम इस नई प्रतिभा की पीढ़ी के लिए अपने दरवाज़े खोलें और उन्हें दिखाएँ कि दुनिया का सबसे रोमांचक क्षेत्र यहीं घर पर है.

भविष्य को साथ मिलकर बनाना

दुनिया अप्रत्याशित हो सकती है, प्रौद्योगिकी बदल रही है और भू-राजनीति परिवर्तित हो रही है. लेकिन अनिश्चितता हमारी दुश्मन नहीं है, यह हमारा परीक्षा मैदान है. तेज़ क्षमताओं, गहरी कौशल और विश्व-स्तरीय प्रतिभा को पोषण देने के अडिग संकल्प के साथ, हम सिर्फ तूफान को नेविगेट नहीं करेंगे, बल्कि विकास के नए मार्ग निर्धारित करेंगे.

भविष्य उन्हीं का है जो इसे बनाते हैं. आइए इसे साथ मिलकर बनाएं.

आप और आपके परिवार को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएँ.

लेखक-आनंद महिंद्रा, चेयरमैन, महिंद्रा ग्रुप


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत-जापान साझेदारी और मानव-केंद्रित एआई का भविष्य

प्रोफेसर सी. राज कुमार लिखते हैं, 'भारत और जापान एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां वे AI के लिए चौथा और मौलिक मार्ग विकसित कर सकते हैं.

1 day ago

ईरान को ‘अनफ्रीज’ करना: असली चुनौती अब शुरू होगी

सिद्धार्थ अरोड़ा लिखते हैं, 'अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और रिपोर्टों के अनुसार 60 दिनों की अवधि में लगभग 24 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह पैसा जब ईरान पहुंचेगा, तब उसका क्या होगा?'

3 days ago

2026 की तीसरी तिमाही का ज्योतिष: एआई, संघर्ष और वैश्विक परिवर्तन

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं कि 2026 के पहले छह महीनों के दौरान इनमें से कई विषय पहले ही उभरने लगे हैं. प्रौद्योगिकी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएँ लगातार अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं. यह चिंता केवल AI से जुड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की कुछ सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों, जैसे स्पेसएक्स, के उच्च मूल्यांकन को लेकर भी देखी जा रही है.

5 days ago

दिल्ली में मार्को रुबियो, मेरी मां की Alexa पर गूंजे राजा राम

हंस चुगेगा दाना-दुनका... कौवा मोती खाएगा और भारत सबको उलझन में रखेगा. बैकग्राउंड में बज रहा वह पुराना भजन आधुनिक भू-राजनीति को किसी भी संयुक्त बयान से बेहतर समझता था.

27-May-2026

रणनीतिक रिजर्व एसेट के रूप में तेल: सप्लाई चेन जोखिम के खिलाफ भारत का संप्रभु सुरक्षा कवच

भारत के पास लगभग 700 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो मुख्य रूप से अमेरिकी और गैर-अमेरिकी ट्रेजरी, सोना और IMF के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स से बना है. फिर भी देश की सबसे बड़ी व्यापक आर्थिक कमजोरी, कच्चे तेल, LNG और LPG पर निर्भरता के खिलाफ मौजूदा रिजर्व संरचना में कोई समान सुरक्षा मौजूद नहीं है.

21-May-2026


बड़ी खबरें

ग्रोसरी बाजार में बड़ी एंट्री, मीशो ने 202 करोड़ रुपये में खरीदा किराना क्लब

कंपनी का मानना है कि यह सौदा उसे विभिन्न रिटेल सेगमेंट्स में अपने B2B कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा.

5 hours ago

अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून के अंत तक शुरू हो सकती है नई सुविधा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर सकेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकाल सकेंगे.

3 hours ago

सरकारी खजाना हुआ मालामाल, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार

सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.

4 hours ago

NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले को दी मंजूरी

NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है. ऐसे में सरकार ने किसी भी संभावित पेपर लीक या परीक्षा संबंधी अनियमितता को रोकने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया था. यह प्रतिबंध 22 जून तक लागू रहेगा.

5 hours ago

भारत फोर्ज की अमेरिकी रक्षा कंपनी से बड़ी डील, मिलकर बनाएंगी 155mm मोबाइल तोप

फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित यूरोसैटरी डिफेंस एक्सपो के दौरान इस साझेदारी पर मुहर लगी. समझौते का उद्देश्य दुनियाभर की सेनाओं के लिए अत्याधुनिक 155mm मोबाइल आर्टिलरी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है.

7 hours ago