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स्वच्छता और मेहमाननवाजी से क्या भारतीय टूरिज्म हो सकता है जीवित? इस रिपोर्ट में जानिए

भारत को एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने से अर्थव्यवस्था को कई फायदे होंगे, बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को काम मिलेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत की अद्भुत विविधता पूरी दुनिया के लोगों को बहुत आकर्षित करती है. बहुत कम देश ऐसे हैं जहां इतनी सारी भाषाएं, धर्म, और सांस्कृतिक परंपराएं सदियों से एक साथ रह रही हैं. भारत में लगभग 43 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स, हजारों मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च हैं. साथ ही भारत की सीमाओं को बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर छूते हैं. विदेशी पर्यटक यहां की कला और कश्मीर की सुंदरता, उत्तर और दक्षिण की संगीत परंपराएं, उत्तर और पश्चिम के जंगल और पहाड़, और अलग-अलग हिस्सों के खाने का स्वाद लेकर बहुत खुश होकर लौटते हैं. वे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर इन यादों को साझा करते हैं, लेकिन हर पर्यटक का अनुभव अच्छा नहीं होता.

भारत की विविधता, सांस्कृतिक धरोहर और अंग्रेजी जानने वाले लोगों के बावजूद कई पर्यटक यहां से मिली-जुली भावनाओं के साथ लौटते हैं. उन्हें गंदे शहर, एयरपोर्ट के असभ्य सुरक्षा कर्मचारी, प्रदूषण और भीड़भाड़ परेशान करते हैं. इसके अलावा, टूर ऑपरेटर और दुकानदार अक्सर पर्यटकों को लूटते हैं. अकेली महिला पर्यटक को यौन उत्पीड़न और गंदी बातों का सामना करना पड़ता है. जहां केरल में पर्यटकों का स्वागत होता है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में असामाजिक तत्व पर्यटकों को लूटने के लिए तैयार रहते हैं. दक्षिण भारत के लोग पर्यटकों का स्वागत दिल से करते हैं, जबकि उत्तर भारत में लोग अक्सर बुरा बर्ताव करते हैं.

कोविड के बाद दुनिया में पर्यटन तेजी से बढ़ा है, कई देशों ने ज्यादा भीड़भाड़ से बचने के लिए पर्यटकों की संख्या सीमित कर दी है. लेकिन भारत अभी भी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में संघर्ष कर रहा है. दुबई, जहां कोई यूनेस्को साइट नहीं है, अपनी सफाई और चमक-दमक से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है. छोटे देश जैसे सिंगापुर, हांगकांग और बैंकॉक भी अपनी खासियतों से भारत को ईर्ष्या करते हैं.  

अगर भारत अपनी गंदगी को दूर कर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कड़ी मेहनत करे, तो कई फायदे हो सकते हैं:

1. विदेशी मुद्रा से आमदनी बढ़ेगी. 
2. भारत के कारीगरों की कला और हस्तशिल्प को अच्छा बाजार मिलेगा. 
3. बेरोजगार युवाओं के लिए बहुत सारे रोजगार के अवसर पैदा होंगे. 
4. होटल और पर्यटन के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा.  
5. भारत की छवि एक सॉफ्ट पावर के रूप में मजबूत होगी.  

लेकिन भारत को साफ-सुथरा बनाने के लिए बड़े बजट और राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत होगी. प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया था, लेकिन वह पूरी तरह सफल नहीं हो सका. दिल्ली की हवा सर्दियों में खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो जाती है. गंगा और यमुना को साफ करने की कोशिशें नाकाम रही हैं. अगर भारत अपनी नदियों, तालाबों और शहरों को साफ कर दें, तो बीमारियां कम होंगी. साफ हवा, मिट्टी और पानी से स्वास्थ्य में सुधार होगा. साथ ही, यह सफाई अभियान रोजगार के बहुत सारे अवसर पैदा करेगा. 

विदेशी पर्यटकों के लिए भारत का वीजा प्राप्त करना अब पहले से आसान हो गया है, लेकिन सरकारी वेबसाइट धीमी और कम एक्टिव रहती है. कई छोटे देश वीजा प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं, लेकिन भारत इस मामले में पिछड़ा हुआ है.  

दुर्भाग्यवश, भारत सरकार ने पर्यटन के प्रचार के लिए बजट में कटौती की है. 2023 में 1 अरब रुपये खर्च किए गए, लेकिन 2024 में यह घटकर सिर्फ 33 करोड़ रुपये रह गया, यह समझ से परे है. हालांकि, घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय व्यवसायों को फायदा हो रहा है. लेकिन विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किए बिना भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि में सुधार नहीं होगा. 

प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने 2047 तक 100 मिलियन विदेशी पर्यटकों को लाने का लक्ष्य रखा है. यह मुश्किल काम है, लेकिन अगर सरकार गंभीरता से प्रयास करे, तो यह संभव है. मोदी सरकार के लिए भारत को साफ और विदेशी पर्यटकों के लिए अनुकूल बनाना सबसे चुनौतीपूर्ण काम होगा. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी अपनी दृढ़ता के लिए जाने जाते हैं. उम्मीद है, सरकार इस दिशा में बड़े कदम उठाएगी.  

(डिस्कलेमर- इस लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने हैं और यह प्रकाशन के विचारों से मेल नहीं खाते हैं.)

(लेखक- अंशुमान त्रिपाठी, एक अल्गो स्ट्रैटेजिस्ट और पेशे से हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडर हैं. वे नियमित रूप से निवेशकों के लाभ के लिए स्टॉक विश्लेषण पर पोस्ट करते हैं. उनका शौक पर्यावरण, जानवरों की दुनिया और उनकी सुरक्षा, आज की सामाजिक चुनौतियां, वित्त और इससे जुड़े विभिन्न विषयों पर लिखना है.)
 


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