✕

होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / क्या भाग्य जैसा कुछ होता है? यदि हां, तो कैसे निर्धारित होता है भाग्य?

क्या भाग्य जैसा कुछ होता है? यदि हां, तो कैसे निर्धारित होता है भाग्य?

संचित कर्म का मतलब है कि हम जो भी काम करते हैं, परमात्मा का सिस्टम उन कर्मों का हिसाब रखता है और हमारे पिछले सभी जन्मों के कर्म इस जन्म में हमें किस्मत के रूप में मिलते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

  • पी. के. खुराना, हैपीनेस गुरू

हमारा अज्ञान हमसे कैसे-कैसे अन्याय करवा लेता है इसकी कहानी बहुत अजीब है. हम किसी की असफलता की कहानियां पढ़ते हैं और असफल लोगों द्वारा की गई गलतियों का विश्लेषण करते हैं तथा उन गलतियों से बचने की कोशिश करते हैं. जो आदमी सफल हो जाता है उसके बारे में हम मान लेते हैं कि उसने अनुभव से या प्रशिक्षण के माध्यम से सही फैसला लेने की तकनीक सीख ली है और जो व्यक्ति असफल हो जाता है उसके बारे में हम धारणा बना लेते हैं कि उसमें अनुशासन की कमी थी, लोगों से व्यवहार सही नहीं था, और उसने अहंकारवश गलत फैसले लिये, वगैरह, वगैरह. लेकिन अगर और बारीकी में जाएं तो हमें समझ आ जाता है कि हमारी धारणा पूर्वाग्रह ग्रसित थी. 

भाग्य बिल गेट्स के साथ था
दरअसल हर सफलता और असफलता में मेहनत, कौशल, अनुशासन, निरंतरता और भाग्य की भूमिका होती है. समस्या यह है कि यह सुनिश्चित कर पाना संभव नहीं है कि इसमें भाग्य की भूमिका कितनी बड़ी है. कभी-कभी तो यह लगता है कि एक विशेष संयोग ही किसी खास सफलता या असफलता का कारण बना. आइये, इसे एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं. हम बिल गेट्स की सफलता की कहानियां पढ़ते हैं, उनकी समृद्धि के चर्चे सुनते हैं और सुनाते हैं. पर क्या हमने उनके जीवन वृत्त को समग्रता में समझने की कोशिश की है? संयुक्त राष्ट्र संघ के आंकड़ों के मुताबिक सन 1968 में विश्व भर में हाई स्कूल की उम्र के बच्चों की संख्या सवा तीस करोड़ के आसपास थी. इनमें से लगभग एक करोड़ अस्सी लाख बच्चे अमेरिका में रहते थे. इनमें से भी लगभग पौने तीन लाख बच्चे वाशिंगटन राज्य में रहते थे. इन बच्चों में से एक लाख बच्चे सियेटल क्षेत्र के निवासी थे. इन एक लाख बच्चों में से 300 बच्चों लेकसाइड स्कूल के विद्यार्थी थे. लेकसाइड स्कूल उस समय विश्व का अकेला ऐसा स्कूल था जिसके पास कंप्यूटर भी था और लेकसाइड स्कूल के विद्यार्थी के रूप में बिल गेट्स को कंप्यूटर चलाना सीखने और कंप्यूटर का प्रयोग करने की सुविधा उपलब्ध थी. यह सुविधा हाई स्कूल जाने की उम्र के सवा तीस करोड़ बच्चों में से केवल 300 बच्चों को उपलब्ध थी और बिल गेट्स उनमें से एक थे. क्या यह भाग्य नहीं है? 

भाग्य ने केंट से अवसर छीन लिया
सन् 2005 में अपने स्कूल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए खुद बिल गेट्स ने स्वीकार किया कि अगर लेकसाइड स्कूल न होता तो माइक्रोसॉफ्ट भी न होती. माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना में ही नहीं, उसके सह-संस्थापकों के चुनाव में भी भाग्य की भूमिका रही है. स्कूल में केंट इवान्स और बिल गेट्स पक्के दोस्त थे. दोनों को स्कूल का कंप्यूटर उपलब्ध था. दोनों दोस्त कंप्यूटर के दीवाने थे और कंप्यूटर के प्रयोग में सिद्धहस्त थे. केंट इवान्स और बिल गेट्स में गहरी छनती थी और दोनों घंटो बतियाते रहते थे. दुर्भाग्यवश पर्वतारोहण के एक कार्यक्रम में केंट इवान्स की मृत्यु हो गई वरना माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापकों में बिल गेट्स और पॉल एलेन के अलावा केंट इवान्स का भी नाम होता. भाग्य ने केंट से यह अवसर छीन लिया. हां, यह किस्मत ही थी, और आज हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि किस्मत बनती कैसे है?

ऐसे बनता है भाग्य
अब हम यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि भाग्य निर्धारित कैसे होता है, बनता कैसे है? हमारे धर्म ग्रंथों में कर्म और संचित कर्म का जिक्र किया गया है. संचित कर्म का मतलब है कि हम जो भी काम करते हैं, परमात्मा का सिस्टम उन कर्मों का हिसाब रखता है और हमारे पिछले सभी जन्मों के कर्म इस जन्म में हमें किस्मत के रूप में मिलते हैं. हमने अपने पिछले जन्म में अच्छे या बुरे जो भी काम किये थे, इस जन्म के लिए वो सभी कर्म हमारी किस्मत बन जाएंगे. इसी तरह, इस जन्म में हम जो भी काम करेंगे, अगर इसी जन्म में उनका फल न मिला तो वो अगले जन्मों के लिए हमारी किस्मत बन जाएंगे. संचित कर्म का मतलब उन कामों से है जो हमारी गुल्लक में जमा होते रहते हैं, वो हमारी किस्मत बन जाते हैं. इसीलिए सभी धर्म हमें अच्छे काम करने, दयावान रहने, सबका भला करने की प्रेरणा देते हैं ताकि हमारे संचित कर्म इतने अच्छे हों कि हमारा भाग्य भी हमारी सफलता में सहायक होता रहे.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कविता में एक शोकगीत: मेरे मित्र और बैचमेट, हेमचंद सिरोही, IAS

केजे अल्फोंस लिखते हैं, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और बिहार के पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में, हेमचंद सिरोही को प्रशासनिक कुशलता, जन-केंद्रित शासन और जनसेवा में योगदान के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त था. उनके योगदानों में महाबोधि मंदिर को यूनेस्को की विश्व धरोहर की मान्यता दिलाना और जमीनी स्तर पर विकास की पहल शामिल थीं.

5 days ago

दो दुनियाओं के बीच जिंदगी: उथल-पुथल भरे समय की चुनौती

लेखक के अनुसार, हमारे आसपास की दुनिया उतनी नहीं बदली है, जितनी हमारे दिमाग के भीतर की दुनिया बदल गई है. लगातार आती खबरों, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा होने वाली चिंताओं के इस दौर में चुनौती है अपना ध्यान फिर से अपने नियंत्रण में लेना और उन चीजों पर फोकस करना, जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं.

5 days ago

कलाकार की अनंत रेखाएं: जोगेन चौधरी को श्रद्धांजलि

87 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रख्यात कलाकार अपने पीछे ऐसी विशिष्ट कला छोड़ गए हैं, जो उनकी खास क्रॉस-हैचिंग शैली, असामान्य रेखाओं और गहराई से मानवीय चित्रों के लिए पहचानी जाती है.

6 days ago

समुद्र मंथन का अर्थशास्त्र: समृद्धि के लिए विरोधी शक्तियों की जरूरत क्यों है

लेखिका प्रियंका शर्मा कैंतुरा इस लेख में बताती हैं कि देवताओं, असुरों और लक्ष्मी के प्राकट्य की प्राचीन कथा प्रतिस्पर्धा, सहयोग और धन सृजन के बारे में क्या सीख देती है.

1 week ago

जेमी बीटन: असाधारण दिमाग और अरबों डॉलर के कारोबार के पीछे ज्योतिषीय गणना

क्रिमसन एजुकेशन के संस्थापक की शैक्षणिक महत्वाकांक्षा, उद्यमशीलता में उभार और 2027 की संभावनाओं का ज्योतिषीय विश्लेषण

1 week ago


बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

9 hours ago

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.

10 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

13 hours ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

14 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

15 hours ago