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2025 में GenAI का उपयोग बढ़ेगा और अधिक, इन ट्रेंड्स का रहेगा बोलबाला
2025 में GenAI भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा और उपभोक्ताओं को बेहतरीन उत्पाद और सेवाएं प्रदान करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जनरेटिव एआई (GenAI) ने अपनी शुरुआत से ही विभिन्न क्षेत्रों में संगठनों के व्यवसायिक उद्देश्यों को सरल बनाने की जबरदस्त क्षमता दिखाई है. इसे ध्यान में रखते हुए, व्यवसाय इसे अपनी दैनिक कार्यशैली में शामिल करने की संभावनाओं की खोज कर रहे हैं. इस तकनीकी युग में, GenAI की पूरी क्षमता का उपयोग करना आवश्यक हो गया है, जिससे वे वह हासिल कर सकें जो कुछ साल पहले तक संभव नहीं था.
कंपनियां इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं. हाल ही में प्रकाशित एनटीटी डेटा का GenAI रिपोर्ट बताती है कि 2025 में कंपनियां इस तकनीक को कैसे उपयोग करने की योजना बना रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, अब कंपनियां प्रयोग के चरण से आगे बढ़कर इसे रणनीतिक रूप से अपनाने और वास्तविक उपयोग की ओर अग्रसर हैं. वे सभी क्षेत्रों में आवश्यक बदलाव कर रही हैं और GenAI के युग में ढलने के लिए भारी निवेश कर रही हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में GenAI से जुड़े कुछ प्रमुख ट्रेंड यह होंगे:
1. GenAI का रणनीतिक एकीकरण
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 84% शीर्ष स्तर के अधिकारी 2025 में GenAI के कारण बड़े बदलावों की उम्मीद कर रहे हैं. कंपनियां GenAI को अपने व्यवसायिक लक्ष्यों से जोड़ने पर जोर दे रही हैं. भारतीय और वैश्विक नेता अब GenAI का पूरा लाभ उठाने के लिए तैयार हैं, और यह दिखाता है कि शीर्ष अधिकारी इस तकनीक का प्रभावी उपयोग करने के लिए दृढ़ हैं.
2. आईटी कार्यक्षमता में सुधार
आईटी वर्कफ्लो में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए GenAI का उपयोग किया जाएगा. इसमें ऑटोमेटेड टूल्स, जैसे इंटेलिजेंट कोड जनरेशन, चैटबॉट्स, और एडवांस डेटा मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं. ये न केवल दिन-प्रतिदिन के कार्यों को बेहतर बनाएंगे, बल्कि आईटी टीमों को रणनीतिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का समय भी देंगे.
3. हाइपर-ऑटोमेशन का विकास
हाइपर-ऑटोमेशन के बढ़ने से फाइनेंस और अकाउंटिंग (F&A) ऑपरेशन्स और पेरोल प्रोसेस जैसी प्रक्रियाओं को नया रूप मिलेगा. इसमें इनवॉइस प्रोसेसिंग, खर्च प्रबंधन और पेरोल गणनाओं जैसे दोहराव वाले कार्य स्वचालित होंगे. यह तेजी, सटीकता और कुशलता को बढ़ाएगा, जिससे कर्मचारी अधिक रणनीतिक कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे.
4. कर्मचारियों की स्किल्स का विकास
GenAI के आसान और प्रभावी उपयोग के लिए कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगी. रिपोर्ट के अनुसार, 96% वैश्विक और 100% भारतीय उत्तरदाता मानते हैं कि GenAI वर्कफ्लो को सरल और कर्मचारी अनुभव को बेहतर बना सकता है. हालांकि, कर्मचारियों में GenAI कौशल की कमी एक बड़ी चुनौती है, 2025 में कंपनियां इसे दूर करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेंगी.
5. एडैप्टिव क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर
आधुनिक बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जाएगा, पुरानी तकनीक GenAI के लिए बाधा बन रही है. कंपनियां 2025 में हाइब्रिड और मल्टी-क्लाउड समाधानों में निवेश करेंगी, ताकि ये बाधाएं दूर की जा सकें.
GenAI दीर्घकालिक रूप से व्यवसायों को सशक्त बनाएगा, समाज में नवाचार लाएगा और चुनौतियों का समाधान करेगा. खासकर भारत के लिए, जो डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में बढ़ रहा है. 2025 में GenAI भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा और उपभोक्ताओं को बेहतरीन उत्पाद और सेवाएं प्रदान करेगा.
(लेखक- अविनाश जोशी, सीईओ, भारत, एनटीटी डेटा इंक)
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