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किसानों का हो रहा सशक्तिकरण, जानिए पीएम मोदी की सोच से कैसे बदल रहा कृषि क्षेत्र?
पीएम मोदी की सरकार ने किसानों और अवसरों के बीच की दूरी खत्म करके कृषि क्षेत्र को बदल दिया है, उन्होंने किसानों की खुशहाली सुनिश्चित की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जब हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती मना रहे हैं, तो हम उनके दूरदर्शी नेतृत्व को याद करते हैं, जिसने भारत में कृषि और ग्रामीण विकास की मजबूत नींव रखी. उनकी प्रगतिशील नीतियां हमारे किसानों और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की उनकी अडिग प्रतिबद्धता का प्रतीक थीं. अटल बिहारी वाजपेयी का मानना था कि ग्रामीण भारत को देश की वृद्धि के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में देखना चाहिए, और उनका यह दृष्टिकोण आज भी हमें प्रेरित करता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र को क्रांतिकारी रूप से बदल दिया है. साहसिक पहल और परिवर्तनीय नीतियों के माध्यम से उन्होंने न केवल इस क्षेत्र को मजबूत किया है, बल्कि यह सुनिश्चित किया है कि महिलाओं का सशक्तिकरण भी हो, खासकर "लखपति दीदी" योजना जैसी योजनाओं के जरिए, जो लाखों महिलाओं को सशक्त बना रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने कृषि के लिए बजट को बढ़ाकर ₹23,000 करोड़ से ₹1.27 लाख करोड़ तक पहुंचाया है. 45 योजनाओं में ₹1.94 लाख करोड़ की सब्सिडी देने से यह सरकार की कृषि को टिकाऊ, लचीला और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है.
अटल बिहारी वाजपेयी का सपना आज साकार हो रहा है, और भारत एक समृद्ध और समावेशी भविष्य की ओर बढ़ रहा है. भारत के गांवों में जब आप चलते हैं, तो किसानों को उनके खेतों में उम्मीद और संकल्प के साथ काम करते हुए देखना दिल को छूता है. किसान सिर्फ हमारे देश की रीढ़ नहीं हैं, वे इसके दिल की धड़कन हैं, जो अपने कठिन परिश्रम से लाखों लोगों का पालन-पोषण करते हैं. हालांकि, दशकों तक कृषि में ठहराव और उपेक्षा रही, जिसके कारण हमारे किसान पुराने मुद्दों से जूझते रहे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि नीति और किसान कल्याण में एक नई दिशा आई है. पीएम मोदी की सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनके समृद्धि के लिए कई बदलाव किए हैं.
किसान-केंद्रित विजन
प्रधानमंत्री मोदी का ग्रामीण भारत से गहरा जुड़ाव उनकी नीतियों में साफ झलकता है. उनका मानना है कि कृषि सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है, और उन्होंने ऐसी नीतियां बनाई हैं जो परंपरा और इनोवेशन को संतुलित करती हैं.
1. आय समर्थन और कल्याण
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना, जो किसानों को ₹6,000 की वार्षिक सहायता देती है, एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है. इस योजना के तहत ₹2.60 लाख करोड़ से अधिक राशि 11 करोड़ किसानों को दी जा चुकी है, जो छोटे और मंझले किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच बन चुकी है.
2. क्रांतिकारी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) सरकार की दूरदर्शी सोच का उदाहरण है. यह फंड ग्रामीण भारत को मजबूत और आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित करता है, ताकि वहां के किसान समृद्ध हो सकें.
डिजिटल कृषि मिशन
हाल ही में शुरू किए गए डिजिटल कृषि मिशन के तहत कृषि क्षेत्र में बदलाव की नई लहर आ रही है. इस मिशन के माध्यम से किसान अब कृषि डेटा, मृदा स्वास्थ्य और बाजार की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों तक पहुंच सकते हैं.
प्राकृतिक और सतत कृषि को बढ़ावा
राष्ट्रीय मिशन परंपरागत कृषि को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल तरीकों को भी बढ़ावा दे रहा है, जिससे किसानों को रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है.
तिलहन उत्पादन में बढ़ोतरी: आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम
राष्ट्रीय तिलहन मिशन (NMEO-Oilseeds) का उद्देश्य भारत को तिलहन में आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो और किसानों की आय बढ़े.
कृषि क्षेत्र में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने कृषि क्षेत्र में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं, जिससे युवा उद्यमियों को कृषि समस्याओं के समाधान में मदद मिल रही है.
ग्रामीण समाधानों को वैश्विक चुनौतियों से जोड़ना
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) जैसी संस्थाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि नई कृषि तकनीक और समाधान हर किसान तक पहुंचे.
नीतियों से बढ़कर एक जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियाँ सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे किसानों से जुड़ने की एक गहरी भावना से प्रेरित हैं. किसानों की समस्याओं और आकांक्षाओं को समझकर उनके लिए ठोस समाधान प्रदान किए गए हैं.
विकसित भारत की ओर
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का कृषि पर ध्यान सिर्फ ग्रामीण समस्याओं का समाधान नहीं है, बल्कि यह भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. एक मजबूत कृषि क्षेत्र खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और GDP वृद्धि में योगदान करता है, जो भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा.
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, उनकी सरकार ने कृषि को एक आधुनिक और गतिशील क्षेत्र बना दिया है, जो प्रौद्योगिकी, नवाचार और सततता को अपनाता है. यह यात्रा सिर्फ कृषि विकास की नहीं है, बल्कि एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण की है, जहां हर नागरिक समृद्ध और सशक्त हो, और हमारे किसान इस उज्जवल, स्थायी भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन कर रहे हैं.
(लेखक- तुहिन ए. सिन्हा, एक प्रसिद्ध लेखक और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. ऊपर दिए गए विचार व्यक्तिगत हैं और सिर्फ लेखक के हैं. ये जरूरी नहीं कि BW Hindi के विचारों को दर्शाते हों.)
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