होम / एक्सपर्ट ओपिनियन / E4mDNPA: 'एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की तरह प्रीमियम कंटेंट मॉडल अपनाए डिजिटल मीडिया'

e4mDNPA: 'एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की तरह प्रीमियम कंटेंट मॉडल अपनाए डिजिटल मीडिया'

दिल्ली में आयोजित e4mDNPADigitalMedia Conference 23 में ABP न्यूज के सीईओ अविनाश पाण्डेय में भी अपने विचार रखे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप और डिजिटल न्यूज पब्लिशर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (DNPA) द्वारा आयोजित की जा रही e4mDNPADigitalMedia Conference 23 में मीडिया जगत की दिग्गज हस्तियां शिरकत कर रही हैं. कार्यक्रम के दौरान सीईओ पैनल में BW Bussiness World के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ डॉक्टर अनुराग बत्रा ने मीडिया कंपनियों के CEOs से डिजिटल मीडिया के लिए अवसरों और चुनौतियों पर बात की.

कंज्यूमर तक पहुंचना चुनौती
डॉक्टर अनुराग बत्रा ने पूछा कि जब हम अगले 12 या 15 महीनों की बात करते हैं, आपकी सबसे बड़ी चुनौती और अवसर क्या हैं? इसके जवाब में ABP न्यूज के सीईओ अविनाश पाण्डेय ने कहा कि डिजिटल दुनिया में 12 महीने काफी लंबा समय है, लेकिन आज की सबसे बड़ी चुनौती है कंज्यूमर तक पहुंचना. ऐसी दुनिया में जहां हर कोई पब्लिशर और ब्रॉडकास्टर बन गया आपकी प्रमाणिक न्यूज कंज्यूमर तक कैसे पहुंचती है और आप उसे कैसे सबसे अच्छे तरीके से Monetization करते हैं. ये सबसे अहम है. 

बस फ्रेमवर्क तैयार करना है
अविनाश पाण्डेय ने आगे कहा कि आज कंज्यूमर कंटेंट के लिए पैसा देने को तैयार है, आपको बस सही फ्रेमवर्क तैयार करना है. आवश्यक रेगुलेटरी एनवायरनमेंट लाना है. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आर्टिकल पढ़ने के अधिकार को फर्टिलाइजर सब्सिडी के अधिकार के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ये फ्री नहीं है. मीडिया मालिक, नियामक और प्लेटफॉर्म ऑपरेटर तीनों को इस समस्या को सुलझाने के लिए एक साथ बैठने होगा. 

इस तरह करें कंट्रोल
ABP न्यूज के सीईओ अविनाश पाण्डेय ने कहा कि हम केवल कंटेंट को कंट्रोल करते हैं. मेरा मानना है कि लार्जर पब्लिक हैडलाइन वाला कंटेंट फ्री होना चाहिए. जबकि आर्टिकल जैसे कंटेंट को प्रीमियम की कैटेगरी में रखा जाना चाहिए. उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कुछ कंटेंट सामान्य सब्सक्राइबर के लिए रखा जाता है, जबकि कुछ स्पेशल कंटेंट प्रीमियम होता है. हमें भी उस डायरेक्शन में चलना चाहिए.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

10 hours ago

3C फ्रेमवर्क से बंगाल की आर्थिक पुनर्बहाली को मिलेगी नई दिशा

बंगाल की चुनौती संसाधनों की कमी नहीं है. वास्तविक समस्या यह है कि राज्य अपनी मौजूदा संपत्तियों को एक प्रभावी आर्थिक रणनीति में बदलने में विफल रहा है.

16 hours ago

भारत-जापान साझेदारी और मानव-केंद्रित एआई का भविष्य

प्रोफेसर सी. राज कुमार लिखते हैं, 'भारत और जापान एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां वे AI के लिए चौथा और मौलिक मार्ग विकसित कर सकते हैं.

5 days ago

ईरान को ‘अनफ्रीज’ करना: असली चुनौती अब शुरू होगी

सिद्धार्थ अरोड़ा लिखते हैं, 'अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और रिपोर्टों के अनुसार 60 दिनों की अवधि में लगभग 24 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं. ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह पैसा जब ईरान पहुंचेगा, तब उसका क्या होगा?'

6 days ago

2026 की तीसरी तिमाही का ज्योतिष: एआई, संघर्ष और वैश्विक परिवर्तन

ज्योतिषाचार्य विक्रम चन्दीरमानी लिखते हैं कि 2026 के पहले छह महीनों के दौरान इनमें से कई विषय पहले ही उभरने लगे हैं. प्रौद्योगिकी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएँ लगातार अधिक स्पष्ट होती जा रही हैं. यह चिंता केवल AI से जुड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया की कुछ सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों, जैसे स्पेसएक्स, के उच्च मूल्यांकन को लेकर भी देखी जा रही है.

1 week ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

9 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

9 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

14 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

9 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

10 hours ago