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डॉक्टर अनुराग बत्रा ने माखनलाल की फैकल्टी को दिया सक्सेस मंत्र, 3C से बचने की सलाह

डॉक्टर अनुराग बत्रा ने कहा कि लक यानी भाग्य में विश्वास होना चाहिए, मुझे भी है, लेकिन कड़ी मेहनत भी जरूरी है. लक+हार्ड वर्क = सक्सेस.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मीडिया मुगल और BW Business World के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ डॉक्टर अनुराग बत्रा जब बोलना शुरू करते हैं, तो हर किसी का ध्यान बस उनकी बातों पर होता है. वह सीधे शब्दों में ज्ञान की इतनी बातें कह जाते हैं कि सुनने वालों के शब्दकोष में कई नए शब्द जुड़ जाते हैं. कुछ ऐसा ही नजारा भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में देखने को मिला, जब उन्होंने ‘Industry – Academia Interface’ विषय पर यूनिवर्सिटी की फैकल्टी से संवाद स्थापित किया. इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर केजी सुरेश भी उपस्थित रहे.

साझा किए अनुभव
यूनिवर्सिटी के राधेश्याम शर्मा कांफ्रेंस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में सबसे पहले अनुराग बत्रा ने अपने अनुभव और उनसे मिली सीख के बारे में बताया. उन्होंने कुछ नई टेक्नोलॉजी के बारे में भी समझाया, जो सभी के लिए फायदेमंद हो सकती हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने लाइफस्टाइल को लेकर कुछ महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए, जो कि आजकल के समय में बेहद जरूरी हैं. एक जर्नलिस्ट से मीडिया मुगल बनने की अपनी यात्रा को डॉक्टर बत्रा ने संक्षिप्त, लेकिन इतने दमदार शब्दों में बयां किया कि विश्वविद्यालय स्टाफ तालियां बजाने से खुद को नहीं रोक सका.

अनुराग बत्रा ने फैकल्टी को 3 पॉइंट में आगे बढ़ने का मंत्र दिया. 
1. युवाओं को साथ रखें
डॉक्टर बत्रा ने कहा कि हमेशा युवाओं को अपनी कंपनी में रखिए. उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है. कई बड़े और सफल स्टार्टअप युवाओं के द्वारा ही शुरू किए गए हैं. उनकी एनर्जी, ज्यादा से ज्यादा सीखने की ललक आपको भी प्रेरित करेगी. उन्होंने आगे कहा कि सीखते रहना जरूरी है, मैं भी यही करता हूं. जब भी मैं किसी से मिलता हूं, तो उससे कुछ न कुछ सीखता हूं. यदि हमने लर्निंग पर फुल स्टॉप लगा दिया, तो समझिए आगे बढ़ने की संभावनाएं भी खत्म हो गईं. 
2. इंडस्ट्री इंटरफेस पर जोर
अनुराग बत्रा ने कहा कि हर इंडस्ट्री से इंटरफेस जरूरी है. आपको अलग-अलग लोगों से मिलते रहना चाहिए, खासकर ऐसे लोगों से जो छोटे से बड़े हो रहे हैं. कहने का मतलब है, कोई ऐसा व्यक्ति जो शून्य से शिखर की तरफ बढ़ रहा है, उसके पास आपको बताने और प्रेरित करने के लिए काफी कुछ होगा. आप उसके अनुभव से सीख पाएंगे, उसकी चुनौतियों को समझ पाएंगे और यह भी कि विकट और विपरीत स्थिति का सामना कैसे किया जाए. इसलिए जब भी संभव हो प्रत्येक इंडस्ट्री के लोगों से मिलिए. इसके अलावा, रीडिंग की आदत विकसित कीजिए, यदि आप पहले से ही पढ़ने के शौकीन हैं तो उसका दायरा बढ़ाइए. मैं बिजी शेड्यूल के बावजूद दिन में 2 घंटे पढ़ने के लिए निकालता हूं. इससे आपको खुद को अपडेट रखने में मदद मिलती है, साथ ही आप बहुत कुछ नया सीखते भी हैं.
3. इंडस्ट्री कांफ्रेंस में जाएं
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री कांफ्रेंस जैसे आयोजनों में शिरकत करने से बतौर फैकल्टी आपको बहुत कुछ सीखने और समझने को मिलेगा. आप Media Entrepreneur Course भी कर सकते हैं. डॉक्टर बत्रा ने कहा कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती, नए कोर्स हमें इंडस्ट्री में बने रहने में मदद करते हैं. वैसे भी फैकल्टीज का अपग्रेडेशन जरूरी है. आप लोगों की नॉलेज मजबूत होनी चाहिए. आपको मीडिया टेक कार्यक्रमों का भी हिस्सा बनना चाहिए. डॉक्टर बत्रा ने यह भी कहा कि लक यानी भाग्य में विश्वास होना चाहिए, मुझे भी है, लेकिन कड़ी मेहनत भी जरूरी है. लक+हार्ड वर्क = सक्सेस.

3C से दूर रहें, 3H को अपनाएं
कार्यक्रम में डॉक्टर बत्रा ने माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय की फैकल्टीज को 3C से दूर रहने और 3H को अपनाने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘हम सभी को जीवन में 3C यानी 1. Comparison, 2. Criticism और 3. Complaining से बचना चाहिए. क्योंकि इनसे कुछ हासिल नहीं होता. ऐसा करके हम केवल खुद को ही नुकसान पहुंचाते हैं. इसके बजाए हमें 3H को अपनाना चाहिए. 1. Hard Work, 2. Hope और 3. Humanity. कड़ी मेहनत करते रहें, अच्छे की उम्मीद रखें और इंसानियत का मार्ग कभी न छोड़ें’. 

मोबाइल फोन से ब्रेक जरूरी
इसके अलावा, BW Business World के चेयरमैन ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव लाने को भी कहा. उन्होंने कहा, ‘मोबाइल आजकल सबके लिए इतना जरूरी हो गया है कि उसके बिना एक पल भी नहीं कटता. इस आदत को बदलने की जरूरत है. मोबाइल से ब्रेक लेना जरूरी है, भले ही कुछ मिनट का क्यों न हो. साथ ही, जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत भी हमारी जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए. सुबह जल्दी उठने के अपने अलग ही फायदे हैं’. 

स्टूडेंट्स के साथ होगा कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश ने कहा कि डॉक्टर बत्रा के पास मीडिया इंडस्ट्री का लंबा अनुभव है, उनसे हमेशा ही सबको कुछ न कुछ सीखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स एक साथ भी डॉक्टर अनुराग बत्रा का एक संवाद कार्यक्रम आयोजित करवाया जाएगा, ताकि उन्हें प्रेरणा मिल सके. इस प्रोग्राम को डिपार्टमेंट ऑफ मीडिया मैनेजमेंट की प्रोफेसर कंचन भाटिया ने कोआर्डिनेट किया.    


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