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प्राइमस पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से 8 SMB ऑनलाइन विज्ञापन पर निर्भर
रिपोर्ट में बताया गया है कि 74% व्यवसायों का मानना है कि व्यक्तिगत (पर्सनलाइज़्ड) विज्ञापन उनके व्यापारिक लक्ष्यों को पूरा करने में प्रभावी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत का ऑनलाइन विज्ञापन बाजार, जो इंटरनेट एक्सेस, स्मार्टफोन उपयोग और बदलते उपभोक्ता व्यवहार से प्रेरित है, MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और स्टार्टअप्स (छोटे और मझोले व्यवसायों) के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गया है. पारंपरिक मीडिया के साथ मिलकर काम करते हुए, यह बाजार 23.49% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है और 2025 तक डिजिटल विज्ञापन खर्च ₹62,045 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है.
इसी संदर्भ में प्राइमस पार्टनर्स ने इंडिया SME फोरम और ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम के साथ मिलकर ‘Leveraging Online Ads for India - Unpacking the Impact of Online Ads on MSMEs and Startups’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की. यह रिपोर्ट केंद्रीय राज्य मंत्री (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) जितिन प्रसाद, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा जारी की गई. रिपोर्ट में बताया गया कि 10 में से 8 छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन विज्ञापन पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक प्रभावी लगते हैं.
ऑनलाइन विज्ञापन के उभरते रुझान
जैसे-जैसे ऑनलाइन विज्ञापन विकसित हो रहा है, व्यवसाय प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई रणनीतियाँ अपना रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि 74% व्यवसायों का मानना है कि व्यक्तिगत (पर्सनलाइज़्ड) विज्ञापन उनके व्यापारिक लक्ष्यों को पूरा करने में प्रभावी हैं. साथ ही, 10 में से 7 व्यवसाय अब दो या उससे अधिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं ताकि अधिक लोगों तक पहुँच सकें और अपने ब्रांड की उपस्थिति मजबूत कर सकें.
क्षेत्रीय भाषाओं के विज्ञापन और शेयरचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके, व्यवसाय अब छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) के बाजारों तक भी पहुँच रहे हैं. इसके अलावा, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और बिग डेटा के जरिए लक्षित विज्ञापन, इंस्टाग्राम और OTT प्लेटफॉर्म पर शॉर्ट वीडियो कंटेंट, विज्ञापन अभियानों को बेहतर बना रहे हैं और व्यवसायों को ज्यादा ग्राहकों तक पहुँचने में मदद कर रहे हैं.
SMBs के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चुनने के प्रमुख कारण
प्राइमस पार्टनर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 49% छोटे व्यवसाय उन प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता देते हैं जो बेहतर ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) देते हैं, जबकि 47% व्यवसाय भौगोलिक पहुंच को प्राथमिकता देते हैं. भारत में छोटे व्यवसाय विज्ञापन की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) को नियंत्रित रखते हैं ताकि लागत और ग्राहक जुड़ाव (एंगेजमेंट) के बीच संतुलन बना रहे. विशेष अवसरों जैसे त्यौहारों और सेल्स के दौरान ये व्यवसाय ज्यादा विज्ञापन करना पसंद करते हैं.
रिपोर्ट पर मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?
प्राइमस पार्टनर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर रामकृष्णन एम ने कहा कि भारत की GDP में 30% योगदान देने वाले MSMEs और स्टार्टअप्स देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. डिजिटल विज्ञापन और AI जैसे टूल्स का उपयोग करके ये व्यवसाय अपने प्रदर्शन को बढ़ा सकते हैं. हमारे शोध में पाया गया कि 69% SMBs ने डिजिटल विज्ञापन के माध्यम से अपने व्यापारिक लक्ष्यों को पूरा किया. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार और उद्योग के बीच सहयोग से सस्ते और सुलभ विज्ञापन टूल्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं. इसके साथ ही, विज्ञापन उद्योग के लिए ऐसा नियामक ढांचा (रेगुलेटरी फ्रेमवर्क) बनाना चाहिए, जो पारदर्शी, उपभोक्ता-अनुकूल और समावेशी हो.
सर्वे के बारे में
यह अध्ययन विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, खुदरा, तकनीकी, स्वास्थ्य और सेवाओं से जुड़े व्यवसायों के बीच किया गया. इसके अलावा, विशेषज्ञों, व्यवसाय मालिकों और विज्ञापन विशेषज्ञों से गहन बातचीत की गई, जिसमें ऑनलाइन विज्ञापन के लाभ, चुनौतियों और रणनीतियों पर चर्चा हुई. इस शोध ने छोटे व्यवसायों के लिए ऑनलाइन विज्ञापन के महत्व को गहराई से उजागर किया.
सर्वे की मुख्य बातें:
• सर्वे में शामिल SMBs में से 80% ने अपने व्यवसाय में ऑनलाइन विज्ञापनों का उपयोग किया.
• 42% SMBs ने अपने मार्केटिंग बजट का 40% से अधिक हिस्सा ऑनलाइन विज्ञापनों पर खर्च किया.
• 72% SMBs दो से अधिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, जिससे पता चलता है कि वे अपनी डिजिटल उपस्थिति को रणनीतिक रूप से विविध बना रहे हैं.
• 33% SMBs साप्ताहिक (वीकली) और 42% मासिक (मंथली) विज्ञापन अभियान चलाते हैं, जिससे उनकी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नियमित भागीदारी दिखती है.
• 76% व्यवसायों ने ऑनलाइन विज्ञापनों को पारंपरिक विज्ञापनों की तुलना में अधिक प्रभावी पाया.
• 70% SMBs का मानना है कि ऑनलाइन विज्ञापनों से उनका मार्केटिंग बजट बेहतर ढंग से इस्तेमाल हुआ और 80% से अधिक का मानना है कि इससे उनकी ब्रांड की पहचान और ब्रांड निर्माण में मदद मिली.
• 69% SMBs ने ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए नए बाजारों में विस्तार किया, जिनमें से 40% घरेलू, 30% अंतरराष्ट्रीय, और 30% दोनों जगहों पर बढ़े.
• 80% SMBs ने कहा कि ऑनलाइन विज्ञापन लागू करने के बाद उनके व्यवसाय की आय दोगुनी से अधिक हो गई.
• 94% SMBs ने 2x से अधिक का Return on Ad Spend (ROAS) हासिल किया, जो दर्शाता है कि उनके विज्ञापन अभियान प्रभावी रहे.
• 58% SMBs ने माना कि एनालिटिक्स और मापन उपकरण उनके व्यावसायिक लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक हैं.
• 74% SMBs ने कहा कि AI-आधारित अभियानों से सटीक टार्गेटिंग और लागत में कमी संभव हुई.
• SMBs ने ऑनलाइन विज्ञापनों में AI के तीन मुख्य क्षेत्रों में उपयोग को प्रभावी बताया:
• विज्ञापन निर्माण और डिज़ाइन.
• ऑडियंस (लक्ष्य ग्राहक) टार्गेटिंग.
• बजट ऑप्टिमाइजेशन और प्रदर्शन विश्लेषण.
• 49% SMBs ने ऑनलाइन विज्ञापन तकनीकों की अपर्याप्त जानकारी को चुनौती बताया.
• 43% ने बजट की कमी को एक बड़ी समस्या बताया, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए.
• 35% ने नियामक (रेगुलेशन) अनुपालन को एक अन्य चुनौती बताया.
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