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परिवर्तनकारी नेतृत्व को श्रद्धांजलि: प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन का उत्सव

मोदी जी की ऐतिहासिक कार्य नीति और अडिग फोकस ने वैश्विक स्तर पर कॉर्पोरेट नेतृत्व के लिए एक मानक स्थापित किया है, जो मेरे जैसे नेताओं को सीमाओं को पार करने के लिए प्रेरित करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के इस ऐतिहासिक अवसर पर, एक दशक के परिवर्तनकारी नेतृत्व पर विचार करना सम्मान की बात है, जिसने भारत की दिशा को नए सिरे से परिभाषित किया है और इसे एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है. एक व्यवसायिक नेता के रूप में, जिन्होंने उनकी नीतियों के प्रभाव को जमीनी स्तर पर देखा है, मैं एक ऐसे नेता को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और गर्मजोशी भरे अभिनंदन देता हूँ, जिनकी दृष्टि आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित कर रही है.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक अभूतपूर्व आर्थिक पुनर्जागरण का अनुभव किया है, जो 2047 तक विकसित भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है. उनके नेतृत्व ने न केवल भारत की वैश्विक स्थिति को ऊँचाई दी है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक ढांचे को पुनः परिभाषित करने वाले ऐतिहासिक सुधारों की आधारशिला भी रखी है.
आधार और जन धन योजना के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसे क्रांतिकारी उपायों ने समावेशी आर्थिक विकास के लिए एक नया प्रतिमान स्थापित किया है.

मेरे अपने गाँव से लेकर असंख्य ग्रामीण बस्तियों तक, इन डिजिटल पहलों ने वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है, जिससे वे लाखों लोग सशक्त हुए हैं जो पहले औपचारिक अर्थव्यवस्था से बाहर थे.

यह प्रभाव केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में भी सम्मान अर्जित कर चुका है, जहाँ पारंपरिक रूप से क्षेत्रीय राजनीति का वर्चस्व रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था ने असाधारण लचीलापन दिखाया है और लगातार वैश्विक मानकों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है.

2014 में प्रस्तुत रणनीतिक खाका एक ऐसे परिवर्तन की नींव बना, जो आज भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है. ‘सबका साथ, सबका विकास’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने भारत के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की नींव रखी है.

कैपिटल मार्केट्स के दृष्टिकोण से देखें तो कॉर्पोरेट इंडिया ने एक मौलिक बदलाव देखा है कर्ज-प्रधान बैलेंस शीट्स से इक्विटी कैपिटल रेजिंग की ओर रुख किया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की बुनियादी ताकत में सुधार हुआ है.

अनुकूल कृषि चक्रों ने ग्रामीण समृद्धि और उपभोग में वृद्धि को बढ़ावा दिया है, जबकि मोदी जी द्वारा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों पर दिया गया जोर ऐसे विशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र बना रहा है जो आर्थिक मूल्य और सामाजिक पूंजी दोनों का निर्माण करते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप क्रांति विशेष उल्लेख की पात्र है. भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है, जहाँ टियर-2 और टियर-3 शहरों के उद्यमियों ने पारंपरिक व्यवसाय मॉडल को चुनौती दी है और अभूतपूर्व गति से यूनिकॉर्न कंपनियाँ खड़ी की हैं. संपत्ति सृजन का यह लोकतंत्रीकरण समृद्धि का एक पुण्य चक्र शुरू कर चुका है, जिससे रोज़गार और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही है और प्रतिभाओं को भौगोलिक विस्थापन के बिना फलने-फूलने का अवसर मिल रहा है. मोदी जी की ऐतिहासिक कार्य नीति और अडिग फोकस ने वैश्विक स्तर पर कॉर्पोरेट नेतृत्व के लिए एक मानक स्थापित किया है, जो मेरे जैसे नेताओं को सीमाओं को पार करने के लिए प्रेरित करता है.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को वास्तव में अद्वितीय बनाने वाली बात यह है कि वह आध्यात्मिक ज्ञान और व्यावहारिक शासन का सहज सम्मिलन प्रस्तुत करते हैं. भगवान सत्य साईं बाबा के साथ उनका लगभग तीन दशक लंबा जुड़ाव उनकी विचारधारा की आध्यात्मिक आधारशिला को प्रकट करता है. भौतिक लाभों के बजाय निःस्वार्थ भक्ति में निहित मोदी जी का नेतृत्व बाबा की उस शिक्षा की गूंज है कि सच्चे भक्त हृदय में बसते हैं, जिससे बाहरी प्रतीक अर्थहीन हो जाते हैं.

यह आध्यात्मिक आधार उन नीतियों में परिलक्षित होता है जो हाशिए पर खड़े लोगों को प्राथमिकता देती हैं और सांस्कृतिक केंद्रों पर बल देती हैं, जो बाबा के "अंतिम व्यक्ति पहले" के दर्शन को प्रतिबिंबित करती हैं. हममें से जो इसी आध्यात्मिक संगठन से जुड़े हैं, उनके लिए यह समानता स्पष्ट है: मोदी और स्वामी दोनों ने समझा कि वास्तविक परिवर्तन व्यक्ति के जीवन से शुरू होता है और फिर समाज में फैलता है.

वैश्विक मंच पर, मोदी ने भारत के विश्व के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित किया है. जी-20 सम्मेलनों से लेकर ग्लोबल साउथ की वकालत तक, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी प्रभावशाली उपस्थिति 1.4 अरब भारतीयों और प्रवासी समुदाय के लाखों लोगों को आवाज देती है, जो अब गर्व के साथ सिर ऊँचा करके चलते हैं. यह वैश्विक मान्यता मोदी जी के उस अथक प्रयास से उपजी है, जिसमें उन्होंने भारत को राष्ट्रों के बीच उसके उचित स्थान पर पुनः स्थापित करने का कार्य किया है.

एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो एक प्रमुख वित्तीय संस्था का नेतृत्व करता है और करोड़ों निवेशकों की सेवा करता है, मैंने मोदी जी के नेतृत्व के इस दशक में आध्यात्मिक गहराई और आर्थिक व्यवहारिकता, सांस्कृतिक गौरव और वैश्विक भागीदारी, व्यक्तिगत अनुशासन और जन सेवा का दुर्लभ समन्वय देखा है. उनका नेतृत्व मॉडल विश्व भर के कॉर्पोरेट और राजनीतिक नेताओं के लिए एक प्रकाशस्तंभ है.

वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र और उन करोड़ों निवेशकों की ओर से जिनकी हम सेवा करते हैं, मैं प्रधानमंत्री मोदी को निरंतर अच्छे स्वास्थ्य, शक्ति और विवेक की शुभकामनाएँ देता हूँ, क्योंकि वह भारत को उसके अमृत काल में नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी को 75वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! आपका नेतृत्व हर भारतीय को, वह जहाँ भी हो, गर्व से सिर ऊँचा रखने की प्रेरणा देता है.

(डिस्क्लेमर : इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं और यह आवश्यक नहीं कि प्रकाशन की राय को प्रतिबिंबित करते हों.)
ए. बालासुब्रमण्यम, अतिथि लेखक
(लेखक आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के सीईओ हैं.)


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