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कौन हैं इंदिरा गांधी को 'मदर ऑफ इंडिया' करार देने वाले मोदी सरकार के मंत्री?
पीएम मोदी की टीम में शामिल भाजपा सांसद ने कुछ ऐसा कह दिया है जो शायद पार्टी को पसंद न आए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
फिल्मी दुनिया से सियासत में पहुंचे सुरेश गोपी (Suresh Gopi) हाल ही में तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने मोदी कैबिनेट छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी. अब एक बार फिर से वह खबरों में हैं. इस बार उन्होंने जो कुछ कहा है वो भाजपा आलाकमान को शायद ही पसंद आए. केरल से भाजपा के एकमात्र सांसद गोपी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 'मदर ऑफ इंडिया' बताया है. इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस नेता व केरल के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत के. करुणाकरण की प्रशंसा करते हुए उन्हें साहसी प्रशासक भी बताया है.
इन्हें बताया अपना गुरु
बीजेपी लीडर सुरेश गोपी का यह भी कहना है कि के. करुणाकरण और मार्क्सवादी नेता ईके नायनार उनके राजनीतिक गुरु हैं. गोपी ने केरल के पुन्कुन्नाम स्थित करुणाकरण के स्मारक मुरली मंदिरम का दौरा करने के बाद यह बातें कहीं. यहां गौर करने वाली बात ये है कि गोपी ने दिवंगत के. करुणाकरण के बेटे और कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन को शिकस्त देते हुए त्रिशूर लोकसभा सीट से जीत दर्ज की है. त्रिशूर सीट पर हुए त्रिकोणीय मुकाबले में मुरलीधरन तीसरे नंबर पर रहे थे.
राजनीति से न जोड़ें
केंदीय मंत्री गोपनी ने मीडिया आग्रह किया कि वे करुणाकरण के स्मारक की उनकी यात्रा को सियासत से न जोड़ें. वह यहां अपने 'गुरु' के प्रति सम्मान व्यक्त करने आए हैं. उन्होंने कहा कि वह इंदिरा गांधी को 'भारतथिंते मथावु' यानी भारत की मां के रूप में देखते हैं और के. करुणाकरण को केरल में कांग्रेस पार्टी का जनक मानते हैं. सुरेश गोपी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी पीढ़ी के साहसी प्रशासक थे. गोपी की कांग्रेस नेताओं की इस तरह प्रशंसा करना शायद भाजपा को रास न आए.
फिल्मों पर ही फोकस
मोदी सरकार में राज्यमंत्री कैबिनेट मंत्री चुने जाने के बाद सुरेश गोपी ने कहा था कि वह मंत्री के बजाए केवल सांसद के रूप में काम करना चाहते हैं. गोपी ने यह भी कहा था कि मैंने पार्टी को पहले ही बता दिया था कि मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भी गोपी ने स्पष्ट किया था कि वे फिल्म इंडस्ट्री नहीं छोड़ेंगे क्योंकि एक्टिंग उनका जुनून है. उनके पास पहले से ही कुछ प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं, इसलिए उन पर फोकस करना चाहते हैं. गोपी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1965 में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी. उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी की करीब 250 फिल्मों में काम किया है.
कितने रईस हैं गोपी?
सुरेश गोपी पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े और जीत हासिल की. गोपी की बदौलत ही केरल में भाजपा का खाता खुला, इसलिए उन्हें इनाम के तौर पर कैबिनेट में शामिल किया गया है. लेकिन वह इसका हिस्सा नहीं रहना चाहते. गोपी की संपत्ति की बात करें तो सैकड़ों फिल्मों में काम करने के बाद भी उनके पास केवल 12 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी है. लोकसभा चुनाव के दौरान दायर हलफनामे में सुरेश गोपी ने बताया था कि उनकी नेटवर्थ 12 करोड़ रुपए है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में उन्होंने 4 करोड़ 39 लाख 68 हजार की इनकम घोषित की थी. गोपी के पास आठ गाड़ियां, जिसकी कुल कीमत 2.53 करोड़ है.
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