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NCLT में ZEE MEDIA की बड़ी जीत, ट्रिब्यूनल ने मंजूर की डॉ. सुभाष चंद्रा की याचिका
एनसीएलटी ने दिवालिया कार्यवाही में रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को बदलने की एस्सेल ग्रुप के संस्थापक डॉ. सुभाष चंद्रा की याचिका को मंजूर कर लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने 27 मई को दिए अपने आदेश में तहत ZEE TV के संस्थापक डॉ. सुभाष चंद्रा की कार्यवाही में रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) को बदलने का निर्देश दिया है. ये आदेश NCLT के समक्ष डॉ. चंद्रा द्वारा दायर एक याचिका के बाद पारित किया गया है, इस याचिका में डॉ चंद्रा ने NCLT की तरफ से नियुक्त किए गए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) को 22 अप्रैल, 2024 के आदेश के तहत बदलने की मांग की थी.
डॉ सुभाष चंद्रा की ओर से किया गया ये आग्रह
इस केस में पर्सनल गारंटर यानी डॉ सुभाष चंद्रा की ओर से आग्रह किया गया कि वह हजारों करोड़ रुपये के मामले में रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की क्षमता पर भरोसा करने में असमर्थ है. साथ ही ये भी कहा गया कि था कि रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को प्रक्रिया में पर्सनल गारंटर का मार्गदर्शन और सहायता करने की स्थिति में होना चाहिए न कि सिर्फ एक पोस्ट ऑफिस की भूमिका में होना चाहिए. कार्यवाही के दौरान, ट्रिब्यूनल को यह भी बताया गया कि पहली बैठक लोधी होटल में रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा बुलाई गई थी और रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल के साथ एक वकील भी था, जिसे रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने स्वीकार किया था.
ट्रिब्यूनल ने दिए ये निर्देश
सभी पक्षों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने माना कि IBC 2016 की धारा 105 के प्रावधानों के अनुसार कार्यों का निर्वहन करते समय रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की भूमिका केवल पर्सनल गारंटर के लिए सलाहकार के रूप में सेवा का विस्तार करना है. जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) को बदलने का निर्देश दिया और आगे निर्देश दिया कि रेजोल्यूशन प्रोफेशनल 22 अप्रैल, 2024 के आदेश के अनुसार अपने कार्यों का निर्वहन नए सिरे से करेगा.
क्या है ये मामाल?
आपको बता दें कि 22 अप्रैल को NCLT में डियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की याचिका पर मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया. दरअसल सुभाष चंद्रा समूह की जुड़ी कंपनी विवेक इन्फ्राकान लिमिटेड को दिए गए कर्ज के गारंटर थे. 2022 में विवेक इन्फ्राकान द्वारा लगभग170 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने के लिए बाद इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने NCLT का दरवाजा खटखटाया था.
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