होम / कोर्ट कचहरी / Supreme Court की फटकार के बीच पतंजलि को लगा बड़ा झटका, शेयर में आई गिरावट

Supreme court की फटकार के बीच पतंजलि को लगा बड़ा झटका, शेयर में आई गिरावट

मंगलवार को Supreme court की फटकार के बाद पतंजलि के शेयर में गिरावट दर्ज हुई है, करीब 4 प्रतिशत लुढ़के शेयर

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय  (Supreme court) की फटकार लगने के बाद पतंजलि को एक बड़ा झटका लगा है. बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर बुधवार को 4 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए हैं. यह गिरावट ऐसे समय में आई, जब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme court)  ने योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापन को लेकर कड़ी फटकार लगाई. ऐसे में कंपनी का शेयर लुढ़क गया और पतंजलि को भारी नुकसान झेलना पड़ा. खबर लिखने तक कंपनी के शेयर 4.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है.

फटकार पड़ने के अगले ही दिन गिरे शेयर
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को सर्वोच्च न्यायालय  (Supreme court) ने बड़ा झटका दिया, जिसके बाद पतंजलि फूड्स के शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है. सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण को दवाओं के विज्ञापनों में 'भ्रामक दावे' ना करने के अपने वादे से पीछे हटने के लिए अवमानना नोटिस भेजा था, जिसका असर शेयर बाजार में लिस्टिड पतंजलि कंपनी के शेयर में देखने को मिला. बीएसई पर पतंजलि फूड्स के शेयर में 4.46% की गिरावट दर्ज हुई है और यह 1548.00 रुपए के दिन के निचले स्तर पर आ गए, जबकि एक दिन पहले मंगलवार को कंपनी का शेयर 1620.20 रुपए पर बंद हुआ था.

शेयर गिरने से पतंजलि को करीब 2300 करोड़ रुपए का नुकसान 
पतंजलि के शेयर में गिरावट के कारण कंपनी की वैल्यूएशन में भी काफी कमी देखने को मिली है. 105 मिनट के कारोबारी सत्र के दौरान रामदेव की कंपनी के करीब 2300 करोड़ रुपए डूब गए, जबकि एक दिन पहले कंपनी की वैल्यूएशन 58,650.40 करोड़ रुपए थी. बुधवार सुबह 11 बजे 56,355.35 करोड़ रुपए पर आ गई. इसका मतलब है 105 मिनट में कंपनी की वैल्यूएशन में 2,295.05 करोड़ रुपए की गिरावट देखने को मिली. मौजूदा समय में कंपनी की वैल्यूएशन 56,471.20 रुपए पर है.

हृदय रोग और अस्थमा जैसी बीमारियों के ईलाज का दावा करने भी लगी रोक

मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय  (Supreme court) में जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रशांस कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने पतंजलि को हृदय रोग और अस्थमा जैसी बीमारियों के इलाज का दावा करने वाले उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी रोक लगा दी है. यह फैसला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा कोर्ट में पेश किए गए सबूतों के बाद आया, जिसमें द हिंदू अखबार में पतंजलि का विज्ञापन और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी शामिल थी, जहां कंपनी ने योग की मदद से शुगर और अस्थमा को पूरी तरह से ठीक करने का दावा किया था. इस पर कोर्ट ने पतंजलि को पिछले कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया, जिसमें पतंजलि को भ्रामक विज्ञापन जारी करने और भ्रामक दावे करने से रोक दिया था. हालांकि, उसी दिन एक नियामक फाइलिंग में पतंजलि फूड्स ने कहा कि भारत की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां पतंजलि फूड्स लिमिटेड से संबंधित नहीं हैं, जो एक स्वतंत्र लिस्टिड यूनिट है और खाद्य तेल और खाद्य एफएमसीजी के क्षेत्र में काम करती है.

पतंजलि ने बृहस्पतिवार को बुलाई बैठक
पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बीएसई को सूचित किया है कि कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक 29 फरवरी को निर्धारित है. बैठक में अन्य बातों के अलावा कंपनी की समिति पीएफएल कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना 2023 के तहत पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी स्टॉक विकल्प देने पर विचार करेगी.

इन कारणों से भी आई गिरावट 

एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर रहा है. इस गिरावट का असर पतंजलि फूड्स के शेयरों पर भी पड़ा है. वहीं, पतंजलि फूड्स को अब FMCG क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है.पतंजलि फूड्स की मुनाफे में कमी आई है. यह गिरावट कंपनी के उत्पादों की कीमतों में कमी और बिक्री में कमी के कारण हो सकती है. पतंजलि फूड्स के शेयरों में गिरावट निवेशकों के भरोसे में कमी का भी संकेत हो सकती है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

होमबायर्स फ्रॉड केस में CBI का बड़ा एक्शन, MKHS Housing और Indiabulls पर 18वीं चार्जशीट दाखिल

राजरहाट हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में कार्रवाई, बिल्डर और वित्तीय संस्थाओं के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप; 31 अन्य मामलों की जांच जारी

25-August-2026

ED ने इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को किया गिरफ्तार, बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई

ED का आरोप है कि जितेश गुप्ता ने फर्जी दावों को दोबारा स्वीकार कर CoC की संरचना बदली और दिनेश गुप्ता से जुड़ी इकाई के रिजॉल्यूशन प्लान को आगे बढ़ाने में मदद की.

13-August-2026

नेटफ्लिक्स स्टार का पतन: कोर्ट ने सतीश सनपाल की IPL सट्टेबाजी FIR खत्म कराने की कोशिश को किया खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दुबई के अरबपति की "बच निकलने की रणनीति" को ध्वस्त कर दिया है, जिसे BW Businessworld की उन स्टोरीज ने व्यवस्थित रूप से उजागर किया था, जिनके बाद UAE में उनकी संपत्तियां फ्रीज होने की खबरें सामने आईं.

13-August-2026

डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन! RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का आदेश

अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर ठगी की शिकायतों के त्वरित निपटारे और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है.

05-August-2026

महादेव बेटिंग ऐप केस: स्काईएक्सचेंज की कमाई से हुई थी Ebix डील? ED का बड़ा दावा

जांच एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और अन्य विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए भारत में लाया गया.

16-July-2026


बड़ी खबरें

T-72 और T-90 टैंकों के लिए ₹586 करोड़ का करार, रक्षा मंत्रालय खरीदेगा स्वदेशी APUs

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन APUs को Make-II फ्रेमवर्क के तहत देश में ही विकसित किया गया है. Make-II के तहत उद्योगों की अगुवाई में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाता है.

58 minutes ago

जिंदल इंडिया ने अमित खन्ना को बनाया चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर

जिंदल इंडिया में खन्ना स्टील और एल्युमीनियम कारोबार से जुड़े मानव संसाधन संबंधी मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे.

25 minutes ago

टाटा संस की लिस्टिंग के समर्थन में उतरे शापूर मिस्त्री, टाटा ट्रस्ट्स से मांगा सहयोग

शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के पास टाटा संस की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है. समूह लंबे समय से इस हिस्सेदारी में अधिक तरलता चाहता है, क्योंकि उसकी होल्डिंग और ऑपरेटिंग कंपनियों पर बड़ी मात्रा में कर्ज है.

46 minutes ago

आरबीआई की बॉन्ड बिक्री का असर, बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी घटकर ₹6 लाख करोड़

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 19 से 21 सितंबर के बीच बैंकिंग सिस्टम में शुद्ध नकदी अधिशेष करीब ₹6 लाख करोड़ रहा.

4 hours ago

IMA और Abbott ने शुरू किया इंडियन इम्यूनाइजेशन वीक, फ्लू वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य पेशेवरों को टीका लगाने से जुड़े व्यावहारिक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इनमें खास तौर पर यह जानकारी शामिल है कि बुखार या किसी बीमारी से ठीक होने के दौरान या उसके बाद टीकाकरण कब कराया जा सकता है.

33 minutes ago