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Punit Goenka के लिए राहत लेकर आया सोमवार, SAT ने पलटा SEBI का ये आदेश
पुनीत गोयनका ने सेबी के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी, जिसका फैसला उनके पक्ष में आया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment Enterprises Ltd- ZEEL) और पुनीत गोयनका (Punit Goenka) के लिए सोमवार राहत भरी खबर लेकर आया है. SAT (Securities Appellate Tribunal) ने बाजार नियामक सेबी (SEBI) के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनित गोयनका के किसी भी लिस्टेड कंपनी में मैनेजेरियल पद संभालने पर रोक लगाई गई थी. माना जा रहा है कि SAT के इस फैसले के बाद Zee-Sony मर्जर का काम फुल स्पीड में दौड़ सकेगा.
जांच में करना होगा सहयोग
SAT ने पुनीत गोयनका को राहत देने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि उन्हें जांच में सेबी का सहयोग करना होगा. गौरतलब है कि SEBI ने 12 जून के अपने आदेश में सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका पर किसी भी लिस्टेड कंपनी में अहम पद लेने पर रोक लगाई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेबी ने अपनी जांच में पाया था कि सुभाष चंद्रा और पुनित गोयनका ने जी एंटरटेनमेंट के डायरेक्टर्स पोस्ट पर रहते हुए निजी लाभ के लिए पदों का दुरुपयोग किया था. इसलिए सेबी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कंपनी में मैनेजेरियल पद संभालने पर रोक लगाने का फैसला सुनाया था. इसके खिलाफ एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और ZEEL के सीईओ पुनीत गोयनका ने ट्रिब्यूनल में अपील दायर की थी, जिसपर अब SAT का अंतिम फैसला आ गया है. इस फैसले के बाद गोयनका Zee-Sony मर्जर के बाद MD एवं CEO का पद संभाल सकेंगे.
जांच नहीं होगी प्रभावित
SAT ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता गोयनका को जांच में पूरी तरह सहयोग करना होगा. यदि सेबी को जांच के दौरान कुछ ठोस मिलता है, तो वे जरूरी कानूनी कदम उठा सकते हैं. SAT ने यह भी कहा कि इस आदेश में जो बाते कहीं गई हैं वो प्राथमिक आधार पर हैं. यह जांच को किसी तरह से प्रभावित नहीं करेगा और ना ही किसी पक्ष के द्वारा इसका उपयोग होगा. उम्मीद की जा रही है कि SAT के इस फैसले के बाद ZEE एंटरटेनमेंट और Sony पिक्चर इंडिया की विलय प्रक्रिया में तेजी आएगी. इस मर्जर का ऐलान 2021 में किया गया था, लेकिन ZEE ग्रुप के कानूनी विवाद में उलझने के चलते प्रक्रिया लगातार लंबी खिंचती आ रही है.
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