होम / बिजनेस / Zomato का नाम बदलकर हुआ Eternal, शेयरहोल्डर्स की भी लगी मुहर, जानिए और क्या बदला?
Zomato का नाम बदलकर हुआ Eternal, शेयरहोल्डर्स की भी लगी मुहर, जानिए और क्या बदला?
Zomato Ltd के नाम को Eternal करने की मंजूरी मिल गई है. कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार शेयरहोल्डर्स ने नाम बदलने की अनुमति दे दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
काफी दिनों से चली आ रही प्रक्रिया के तहत जोमैटो के शेयरधारकों ने मूल कंपनी Zomato Limited के नाम में बदलाव को सोमवार को मंजूरी दे दी. इसके साथ ही अब कंपनी का नाम बदलकर इटरनल लिमिटेड (Eternal Ltd.) हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इटरनल में चार वर्टिकल होंगे- फूड-डिलीवरी बिजनेस जोमैटो, क्विक कॉमर्स यूनिट ब्लिंकिट, गोइंग-आउट वर्टिकल डिस्ट्रिक्ट और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) ग्रॉसरी सप्लाई कंपनी हाइपरप्योर.
दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों से क्या कहा?
खबर के मुताबिक, जोमैटो की स्थापना साल 2008 में फ़ूडीबे के तौर पर हुई थी. बाद में इसका नाम बदलकर जोमैटो कर दिया गया था. कंपनी ने साल 2022 में क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया था. कंपनी के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में लिखा- जब हमने ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया, तो हमने कंपनी और ब्रांड/ऐप के बीच अंतर करने के लिए आंतरिक रूप से 'इटरनल' (जोमैटो की जगह) का उपयोग करना शुरू कर दिया. हमने यह भी सोचा था कि जिस दिन जोमैटो से आगे कुछ और हमारे भविष्य का महत्वपूर्ण चालक बन जाएगा, हम सार्वजनिक रूप से कंपनी का नाम बदलकर इटरनल रख देंगे. आज, ब्लिंकिट के साथ, मुझे लगता है कि हम वहां पहुंच चुके हैं.
ऐप का नाम 'जोमैटो' ही रहेगा
इससे पहले कुछ दिन पहले ही ऑनलाइन ऑर्डर लेकर खानपान और किराने का सामना पहुंचाने वाली कंपनी जोमैटो को अपना नाम बदलकर इटरनल करने की कंपनी के निदेशक मंडल (बोर्ड) से मंजूरी मिल गई थी. यहां समझ लें कि कंपनी के फूड डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार का ब्रांड नाम और ऐप का नाम 'जोमैटो' ही रहेगा. शेयरधारकों की मंजूरी के बाद कॉरपोरेट वेबसाइट का पता 'जोमैटो डॉट कॉम' से बदलकर 'इटरनल डॉट कॉम' हो जाएगा.
कंपनी ने जुटाए हैं 8,500 करोड़ रुपये
जोमैटो ने करीब तीन महीने पहले अपने ग्रोथ मकसद को पूरा करने के लिए पात्र संस्थागत निवेशकों को इक्विटी शेयर बेचकर 8,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं। तब जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने बताया था कि पूंजी जुटाने की प्रस्तावित योजना का मकसद कंपनी के बहीखाते को मजबूत करना है. कंपनी का पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) निर्गम पिछले साल 25 नवंबर को खुला था.
टैग्स