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मुकाबले में पिछड़ रही Swiggy, दक्षिण के मजबूत किले में भी Zomato की सेंधमारी!
जोमैटो ने दावा किया है कि दक्षिण भारत में उसके मार्केट शेयर में इजाफा हुआ है. दक्षिण में अब तक स्विगी का दबदबा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ऑनलाइन फूड डिलीवर मार्केट में जोमैटो और स्विगी के (Zomato & Swiggy) बीच ही असली जंग है. दोनों कंपनियां एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करती रहती हैं, लेकिन इस कोशिश में सफलता का झुकाव जोमैटो की तरफ ज्यादा दिखाई दे रहा है. दक्षिण भारत अब तक स्विगी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में रहा है, लेकिन अब वहां जोमैटो के कारोबार में मजबूती आ रही है. Zomato ने दक्षिण भारत में पहले से ज्यादा मार्केट शेयर का दावा किया है. ऐसे में स्विगी की टेंशन बढ़ना लाजमी है.
कितना है मार्केट शेयर?
जोमैटो का कहना है कि दक्षिणी शहरों में भी कंपनी अपने नेशनल एवरेज मार्केट शेयर के करीब है. एक अनुमान के मुताबिक, देश के फूड डिलीवरी सेक्टर में जोमैटो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 55 फीसदी के आसपास पहुंच गई है, जबकि स्विगी की हिस्सेदारी में कमी आई है. वर्ष 2020 में स्विगी 52 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ इस सेक्टर की लीडिंग कंपनी थी, लेकिन इसके बाद से जोमैटो का दबदबा बढ़ता चला गया. मौजूदा समय में स्विगी की बाजार हिस्सेदारी काफी कम हो गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्विगी को कुछ नया सोचना होगा वरना Zomato से मुकाबला उसके लिए और मुश्किल हो जाएगा.
कारगर रही है रणनीति
जानकारों का मानना है कि Zomato की रणनीति पिछले कुछ सालों काफी अच्छी रही है. उसने शुरुआत में नॉन-मेट्रो शहरों पर दांव लगाया, जिसे प्रॉफिटेबिलिटी के लिहाज से अच्छा नहीं माना जा रहा था. हालांकि, कंपनी ने इन शहरों में अच्छा बाजार सेटअप किया, इसके बाद उसने बड़े शहरों पर अपनी पकड़ मजबूत की. इस तरह, वह अधिकांश बाजार पर अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रही. जोमैटो ने सप्लाई चेन, मार्केटिंग और रेस्टोरेंट चॉइस पर भी काफी ध्यान दिया है.
बेहतर आ रहे नतीजे
Zomato की बेहतर होती स्थिति को उसके वित्तीय नतीजे बखूबी बयां कर रहे हैं. गुरुग्राम की इस कंपनी ने अब तक लगातार 5 तिमाहियों में नेट प्रॉफिट कमाया है. जबकि स्विगी ने वित्तवर्ष FY24 के पहले नौ महीनों में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया है. यह आंकड़े निश्चित तौर पर स्विगी के लिए चिंता का विषय हैं. यदि उसका प्रदर्शन इसी तरह से चलता रहा, तो कंपनी बड़ी मुश्किल में पड़ जाएगी. Zomato मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे भी शानदार रहे हैं.
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