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Zepto की हुई 'घर वापसी', कंपनी ने IPO से पहले सिंगापुर से अपना बेस भारत में किया शिफ्ट
जेप्टो ने अपने आईपीओ से पहले भारतीय मूल की कंपनी बनने के लिए सिंगापुर से भारत में ‘रिवर्स फ्लिप’ की प्रक्रिया पूरी कर ली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto अपने प्रस्तावित IPO से पहले सिंगापुर से भारत लौट आई है. कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ आदित पलिचा (Adit Palicha) ने एक लिंक्डइन पोस्ट में घर वापसी का ऐलान किया. पलिचा ने जेप्टो की भारत वापसी को भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मील का पत्थर बताया है. उन्होंने कहा कि यह वापसी असल में भारत के पूंजी बाजार की लिक्विडिटी और मजबूती में आए विश्वार के चलते हुई है.
उन्होंने कहा कि आज हमें सिंगापुर की अदालतों और भारत में एनसीएलटी से क्रॉस-बॉर्डर मर्जर को पूरा करने और इंडियन पैरेंट कंपनी बनने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है. उन्होंने कहा कि भारतीय शेयरधारकों के लाभ के लिए अब भारत में इकोसिस्टम का निर्माण हो रहा है. आदित पलिचा ने कहा कि हमने इस प्रोजेक्ट को सही जेप्टो शैली में एग्जीक्यूट किया है. उन्होंने जेप्टो टीम के साथ-साथ डेलॉयट जैसे पार्टनर को एक लंबे समय से चले आ रहे ड्रिम को साकार करने के लिए बधाई दी.
रिवर्स मर्जर के पूरा होने की घोषणा
मीडिया के मुताबिक, पलिचा ने कहा है कि जेप्टो में हम वह करने की करने की कोशिश करते हैं जिसे लोग असंभव मानते हैं. उन्होंने कहा कि जेप्टो को भारतीय मूल की कंपनी बनाने के पीछे का मुख्य मक्सद, आईपीओ के जरिए पैसा जुटाना है. जेप्टो के सीएफओ रमेश बाफना ने लिंक्डइन पर रिवर्स मर्जर के पूरा होने की घोषणा की. उन्होंने कहा इसकी पैरेंट कंपनी किरणाकार्ट पीटीई लिमिटेड अब भारत की कंपनी हो गई है. उन्होंने कहा कि यह स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक “अच्छा #घरवापसी टेम्पलेट” के रूप में काम करेगा.
पूरी टीम की सराहना की
बाफना ने इस एक्सरसाइज के पीछे पूरी टीम की सराहना की है. साथ ही उन्होंने क्लैरिटी और टीम एंपावरमेंट को प्राथमिकता देने के लिए पालिचा की प्रशंसा की. सीएफओ ने कहा कि यह स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए अच्छा हैशटैग #घरवापसी टेम्प्लेट है. इसके अलावा यह समय के साथ कैपिटल मार्केट्स की ओर एक बेहतरीन पाइपलाइन को सक्षम बनाता है.
इतने करोड़ की इनकम
इससे पहले, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने सिंगापुर स्थित किरानाकार्ट पीटीई लिमिटेड के किरानाकार्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ विलय को मंजूरी दे दी थी, जिससे जेप्टो की होल्डिंग कंपनी का डोमिसाइल भारत में आ गया. मुंबई स्थित फर्म ने वित्त वर्ष 24 में 4,454 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले वित्त वर्ष में 2,025 करोड़ रुपये से दो गुना से अधिक की वृद्धि है. टोफ्लर के आंकड़ों के अनुसार, जेप्टो ने 2022-23 में 1,272.4 करोड़ रुपये से 2023-24 में घाटे को मामूली रूप से कम करके 1,248.6 करोड़ रुपये कर दिया है.
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