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Zee समूह के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा ने सेबी चेयरमैन के खिलाफ किया बड़ा खुलासा, क्या सेबी के निशाने पर डॉ चंद्रा?

Zee समूह के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेबी की चेयरमैन माधबी पुरी बुच के खिलाफ कई खुलासे किए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

Zee समूह के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेबी की चेयरमैन माधबी पुरी बुच के खिलाफ कई खुलासे किए हैं. डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा, "25 जनवरी 2019 को जिस दिन ज़ी के शेयरों में 33% की गिरावट आई और हम मार्जिन कॉल का भुगतान नहीं कर सके तब मैने अपने शेयर धारकों के हित में एक Open Letter जारी किया था. 

इस लेटर में मैने इस तथ्य की ओर संकेत किया गया था कि समूह की सभी कंपनियाँ अच्छा प्रदर्शन कर रही थीं और किसी भी तरह के नुकसान में नहीं थीं. साथ ही मैंने इस पत्र में समूह पर हो रहे 
ऋण की बढ़ोतरी के कारणों को भी स्पष्ट किया था उदाहरण के लिए एस्सेल इन्फ्रा में किया गया निवेश, डी2एच का अधिग्रहण आदि.

* पत्र में आगे कहा गया कि मई/जून 2018 से, नकारात्मक ताकतें समूह के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं. हमने जांच के लिए सेबी, अन्य संबंधित अधिकारियों को कई शिकायतें लिखीं, हालांकि हमारे सभी eZorts पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

इस पत्र में, मैंने सभी lenders  से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया था और उन्हें आश्वासन दिया कि एक बार Zee की  हिस्सेदारी में बिक्री की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद मैं सभी lenders के बकाया का भुगतान करने में सक्षम हो जाऊंगा जो लोग हमारे खिलाफ थे जिन्हें मैं नकारात्मक ताकतें कह रहा हूं उन्हीं का खुलासा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। और नाम कोई और नहीं बल्कि सेबी की अध्यक्ष, माधबी पुरी बुच हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ.चंद्रा ने कहा कि 17 फरवरी 2024 को मंजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति ने को सेबी वाले मामले में मेरी मदद करने के लिए मुझसे संपर्क किया. हालांकि मैं ऐसे लोगों से मिलने से बचता हूं लेकिन उन्होंने वो व्यक्ति मेरे एक Known के जरिए मुझसे संपर्क किया था इसलिए मैं उनसे मिला. उक्त व्यक्ति ने वादा किया कि काम माधवी पुरी बुच और उनके पति के माध्यम से किया जाएगा और सेबी के सभी मुद्दों को हल करने की एक फीस ली जाएगी. मुझे उन पर विश्वास नहीं  था तो उन्होंने कहा कि आपने तो 30 हजार करोड़ से अधिक का ऋण भुगतान किया है, इसलिए ये फीस आपके लिए बहुत छोटी रकम है. मैंने फिर भी उस व्यक्ति पर विश्वास नहीं किया, लेकिन  अब माधवी पुरी बुच और उनके जुड़े लोगों के खिलाफ हिन्डनबर्ग और ICICI बैंक के हालिया खुलासों को देखने पर ऐसा लगता है कि जिस व्यक्ति ने मुझसे संपर्क किया वह सही हो सकता है। हो सकता है कि विभिन्न मामलों में ये उनका सिस्टम हो

डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि मुझे ये भी विश्वास है कि सेबी की चेयरपर्सन भ्रष्ट हैं क्योंकि वो और उनके पति जिनकी संयुक्त आय सेबी में पदभार संभालने से पहले सालाना 1 करोड़ रुपये थी वो अब 40-50 करोड़ हो गई है ये कैसे हुआ इसकी इसकी जाँच मीडिया और जाँच एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए क्योंकि ऐसे कई तरीके हैं जिसके जरिए सेबी चीफ और उनके पति पति कॉरपोरेट्स और शेयर बाजार के भ्रष्ट ऑपरेटरों और फंड मैनेजरों से पैसे वसूलते हैं.

डॉ चंद्रा ने कहा कि कि मुझे जानकारी मिली है कि अगर चंदा कोचर और माधवी पुरी बुच जैसे लोगों के बीच हुई बातचीत-मैसेज निकाले जाएं तो उनके पूरे modus operandi का खुलसा हो जाएगा.
चंदा कोचर और उनके पति, माधबी पुरी बुच और उनके पति एक साथ काम कर रहे थे, इसलिए माधबी पुरी बुच को ICICI द्वारा भारी राशि का भुगतान किया गया था, जबकि वो सेबी में पूर्णकालिक सदस्य थीं.

डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा कि मुझे मेरे Editors ने बताया कि ज़ी बिज़नेस और अन्य ज़ी मीडिया क दूसरे चैनल नल सेबी अध्यक्ष पर पारदर्शी और लगातार कवरेज कर रहे हैं इसलिए इसका खामियाजा चैनल को प्रमोटर को भुगतना पड़ सकता है. 

सेबी ज़ी एंटरटेनमेंट के निवेशकों के हित में काम नहीं कर रहा है. ज़ी सोनी विलय अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा था और उन्हें सेबी/स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी मिल गई थी. इसके बावजूद, सेबी ने बीएसई/एनएसई को एनसीएलटी की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने और सोनी को डराकर विलय को रोकने का निर्देश दिया। अंततः सोनी द्वारा विलय को समाप्त कर दिया गया जिसके चलते कुछ शेयरधारकों की भारी संपत्ति का नुकसान हुआ.

उन्होने कहा कि इन सब को ध्यान में रखते हुए, मैंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में सेबी के साथ आगे सहयोग नहीं करने का निर्णय लिया है. मैं ज़ी एंटरटेनमेंट से भी सेबी के साथ सहयोग करना बंद करने का आग्रह करता हूं, क्योंकि यह सेबी अध्यक्ष की पूर्व-कल्पित मानसिकता के साथ की जा रही एक पक्षपातपूर्ण जांच है.


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