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NCR की तर्ज पर बन रहे SCR के लिए अधिसूचना जारी, जानें क्या है CM योगी का पूरा प्लान
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्टेट कैपिटल रीजन यानी SCR के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. सरकार इसे जल्द अस्तित्व में लाना चाहती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी महत्वकांक्षी परियोजना क लिए अधिसूचना जारी कर दी है. यूपी सरकार नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बनाने जा रही है. इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी समय से खबरें आती रही हैं, लेकिन अब सरकार ने अधिसूचना जारी करके यह स्पष्ट कर दिया है कि वो तेजी से SCR बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है. योगी सरकार की इस योजना के तहत 27860 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का अधिग्रहण किया जाएगा. प्रदेश के कई शहरों को SCR में शामिल किया जाएगा.
CM योगी होंगे चेयरमैन
जानकारी के अनुसार, योगी सरकार अब फुल स्पीड से एससीआर पर काम करना चाहती है. स्टेट कैपिटल रीजन में लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्राधिकरण के चेयरमैन होंगे. जबकि मुख्य सचिव, विभागीय अपर मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, अपर मुख्य सचिव सहित महत्वपूर्ण विभागों के सचिव इसके सदस्य बनेंगे. साथ ही सभी 6 जिलों के डीएम और विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी सदस्य होंगे. इसके अलावा, भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी भी प्राधिकरण के सदस्य होंगे.
इनकी भी होगी नियुक्ति
नेशनल कैपिटल रीजन यानी एससीआर प्राधिकरण के सचिव का पद डिविजनल कमिश्नर लखनऊ के पास रहेगा. सरकार का मानना है कि एससीआर शहरीकरण के लिए उचित ढांचा तैयार करेगा और इससे शहरों का नियोजित विकास हो पाएगा. सरकार इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सलाहकारों की भी नियुक्त करेगी. SCR के लिए प्रस्तावित क्षेत्र का नक्शा तैयार करते समय शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन को भी ध्यान में रखा जाएगा. एससीआर में लखनऊ और उसके आसपास के जिले जैसे कि हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी को शामिल किया जाएगा.
बैठकों के चले हैं कई दौर
नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की योजना को लेकर सरकार ने संबद्ध विभागों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं. साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं. स्थानीय लोगों में भी इस योजना को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है. उन्हें विश्वास है कि SCR का हिस्सा बनने से उनके क्षेत्र का भी वैसे ही विकास हो सकेगा, जैसा कि NCR में शामिल शहरों का होता आया है. बता दें कि NCR में दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई निकटतम जिले शामिल हैं.
एनसीआर के क्या हैं फायदे?
एनसीआर में शामिल क्षेत्रों को बेहतर योजना मिलती है. एनसीआर का हिस्सा होने की वजह से क्षेत्र में निवेश की गतिविधियां बढ़ जाती हैं. NCR में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होती हैं. साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है. बिजली-पानी और सड़क जैसी मूलभूत सेवाएं भी यहां अपेक्षाकृत बेहतर हैं. इन शहरों को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और बेहतर सड़कों के जरिए दिल्ली के साथ कनेक्टिविटी प्रदान की गई है. यही माना जा रहा है कि नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) की तर्ज पर यूपी में बनने वाले स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के साथ भी ऐसा ही होगा.
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