होम / बिजनेस / भारत में 'कमजोर' हुई दिग्गज चीनी कंपनी, बिक्री में आई गिरावट के क्या हैं मायने?
भारत में 'कमजोर' हुई दिग्गज चीनी कंपनी, बिक्री में आई गिरावट के क्या हैं मायने?
स्मार्टफोन बाजार में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली शाओमी की भारत में बिक्री में कमी आई है. उसका मुनाफा भी घट गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों का वर्चस्व रहा है. खासकर, शाओमी टेक्नोलॉजी (Xiaomi Technology) ने सालों तक अपने स्मार्टफोन से भारतीयों को दीवाना बनाया है. हालांकि, अब हालात थोड़े बदलने लगे हैं. इस चाइनीज कंपनी की बिक्री में कमी देखने को मिली है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शाओमी का भारत में मुनाफा वित्त वर्ष 2023 में 77% घटकर 238.63 करोड़ रुपए पर आ गया. जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 1,057.7 करोड़ रुपए प्रॉफिट कमाया था. मुनाफे में 77 प्रतिशत कमी कंपनी के स्मार्टफोन की बिक्री में गिरावट की देन है.
रिवेन्यु भी हुआ कम
वित्त वर्ष 2023 में शाओमी का रिवेन्यु 32% घटकर 26,697 करोड़ रुपए रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष करीब 39,100 करोड़ रुपए था. कंपनी का कहना है कि उसने वित्त वर्ष 2023 में उत्पादों की बिक्री से 26,395 करोड़ और सेवाओं की बिक्री से 264 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी. एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2022 के दौरान इस चीनी कंपनी की स्मार्टफोन बिक्री में 25 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो दर्शाती है कि अब भारतीय ग्राहक दूसरे विकल्प आजमा रहे हैं. जाहिर है यह कंपनी के लिए चिंता की बात है कि क्योंकि भारत उसके प्रमुख बाजारों में रहा है.
इतना है मार्केट शेयर
हालांकि, इस गिरावट के बावजूद शाओमी की भारतीय बाजार में बड़ी हिस्सेदारी है. इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (IDC) का कहना है कि मार्च 2024 तिमाही के अनुसार, शाओमी अब भी 21% मार्केट शेयर के साथ देश के स्मार्टफोन मार्केट की सबसे बड़ी कंपनी है. दूसरे नंबर पर सैमसंग है. साइबरमीडिया रिसर्च का अनुमान है कि यह सैमसंग की बाजार में 18.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है. जबकि काउंटरपॉइंट रिसर्च ने सैमसंग का मार्केट शेयर 18.8 प्रतिशत और आईडीसी ने लगभग 13 प्रतिशत बताया है. शाओमी का मार्केट भले ही अभी सैमसंग से ज्यादा है, लेकिन जिस तरह उसकी बिक्री में गिरावट आ रही है, उससे उसे पिछड़ते देर नहीं लगेगी.
निशाने पर रही कंपनी
शाओमी ने हाल ही में भारत में अपने कारोबार के 10 साल पूरे किए हैं. चीनी टैग होने के चलते शाओमी को भारत में परेशानियों का भी सामना करना पड़ा है. गलवान घाटी हिंसा के बाद से चीनी कंपनियां भारतीय एजेंसियों के निशाने पर हैं. शाओमी पर कई तरह के आरोप लगते रहे हैं, जिससे उसकी परेशानियों में इजाफा हुआ है. शाओमी पर 2015 से अपनी पैरेंट कंपनी को पैसे भेजने सहित कई गंभीर आरोप लगे हैं और उसे मुकदमेबाजी का भी सामना करना पड़ा है. बीच में ऐसी भी खबर आई थी कि ये चीनी कंपनी भारत से अपना कारोबार समेट रही है, लेकिन बाद में कंपनी ने इस खबर ओ गलत करार दिया. कंपनी की योजना अगले 10 सालों में अपनी बिक्री को दोगुना करके 70 करोड़ तक पहुंचाने की है. पिछले दस सालों में इसकी बिक्री का आंकड़ा 35 करोड़ रहा है.
टैग्स