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कल की गिरावट के बाद आज संभलेगा बाजार? क्रूड नरम, गिफ्ट निफ्टी 24,000 के पार; इन शेयरों पर नजर
बुधवार को सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 800 अंक तक फिसला, हालांकि बाद में रिकवरी के चलते यह 373.93 अंक की गिरावट के साथ 76,570.35 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 141.35 अंक टूटकर 23,914.45 पर बंद हुआ.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की तेज गिरावट के बाद गुरुवार को राहत के संकेत मिल रहे हैं. कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी और एशियाई बाजारों में मजबूती से निवेशकों का सेंटीमेंट सुधरा है. गिफ्ट निफ्टी करीब 90 अंकों की बढ़त के साथ 24,000 के अहम स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है. ऐसे में घरेलू बाजार में आज शुरुआती तेजी देखने को मिल सकती है. हालांकि, पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव और क्रूड की चाल बाजार की दिशा के लिए अहम बनी रहेगी.
कल क्यों गिरा था बाजार?
बाजार जानकारों के अनुसार, बुधवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ गया था. सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 800 अंक तक फिसला, हालांकि बाद में रिकवरी के चलते यह 373.93 अंक की गिरावट के साथ 76,570.35 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 141.35 अंक टूटकर 23,914.45 पर बंद हुआ.
बिकवाली का सबसे ज्यादा असर ऑटो, मीडिया और IT सेक्टर पर पड़ा, जहां करीब 1.2% से 1.8% तक की गिरावट रही. सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 लाल निशान में बंद हुए. एशियन पेंट्स, HDFC, महिंद्रा एंड महिंद्रा, HCL Tech, BEL, Infosys और SBI में गिरावट रही. हालांकि, अडानी पोर्ट्स, पावरग्रिड, NTPC, बजाज फिनसर्व और टाइटन जैसे शेयरों में तेजी ने बाजार की गिरावट को कुछ सीमित किया.
आज बाजार को कहां से मिल रही राहत?
गुरुवार को वैश्विक संकेत बुधवार की तुलना में बेहतर हैं. ब्रेंट क्रूड करीब आधा फीसदी कमजोर होकर 95.10 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है. कच्चे तेल में नरमी भारत के लिए राहत की खबर है, क्योंकि महंगा क्रूड देश की महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ाता है.
एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिल रही है. कोरियाई कॉस्पी करीब 1.5% ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि जापान का निक्केई भी बढ़त में है. शंघाई और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी सकारात्मक रुख है. इन संकेतों का असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर पड़ सकता है.
पश्चिम एशिया पर बाजार की नजर
बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम पर निर्भर करेगी. बुधवार को क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया था. अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आ सकती है, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव लौट सकता है. इसके उलट, अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है और क्रूड 95 डॉलर के आसपास या इससे नीचे बना रहता है, तो बाजार में रिकवरी की गुंजाइश बढ़ सकती है.
आज ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज की लिस्टिंग
गुरुवार को Lumino Industries के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे. कंपनी के IPO को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और इश्यू अंतिम दिन 118.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था. कंपनी ने IPO के जरिए 700 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसमें 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 200 करोड़ रुपये का OFS शामिल है.
इन शेयरों पर भी रखें नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज कई कंपनियों के कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते भी शेयरों में हलचल रह सकती है. Meesho में SoftBank की करीब 1.5% हिस्सेदारी बेचने के लिए ब्लॉक डील प्रस्तावित है. Hexaware Technologies ने विवेक जेटली को नया डेजिगनेट CEO नियुक्त किया है. ICICI Bank ने ICICI Prudential Life Insurance में करीब 2% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदकर अपनी हिस्सेदारी लगभग 52.8% कर ली है.
HUDCO ने बिहार सरकार के साथ 25,000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय मदद से जुड़ा MoU किया है. Power Grid को राजस्थान REZ Phase-IV के लिए 3,244.33 करोड़ रुपये के सालाना ट्रांसमिशन शुल्क वाले प्रोजेक्ट का LoI मिला है. वहीं, Page Industries को दुबई कोर्ट से 11.35 करोड़ AED के दावे से जुड़ा नोटिस मिला है.
इसके अलावा Pine Labs, Altius Telecom Infrastructure Trust, Aster DM Quality Care, Wonder Electricals और Shreeji Shipping Global में हुए बड़े ब्लॉक और बल्क डील भी आज संबंधित शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं. मेनबोर्ड सेगमेंट में Lumino Industries और SME सेगमेंट में Quick Forensic Solutions की लिस्टिंग होगी, जबकि एक दर्जन से अधिक शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे.
कुल मिलाकर, बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार के लिए शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं. क्रूड में नरमी और ग्लोबल मार्केट्स की मजबूती बाजार को सहारा दे सकती है, लेकिन पश्चिम एशिया का तनाव और तेल की कीमतें तेजी की राह में सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेंगी.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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