होम / बिजनेस / क्या 25 हजार मिनिमम सैलरी का तोहफा देंगी वित्त मंत्री, श्रम मंत्रालय ने की है मांग
क्या 25 हजार मिनिमम सैलरी का तोहफा देंगी वित्त मंत्री, श्रम मंत्रालय ने की है मांग
10 साल पहले मिनिमम वेज में इजाफा किया गया था. उस वक्त देश में मिनिमम वेज 6500 रुपये हुआ करता था. 2014 में इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हमारे देश में मौजूदा समय में अगर कोई भी शख्स किसी कंपनी में ज्वॉइन करता है तो उसे इम्प्लायर की ओर से कम से कम 15000 रुपये मिनिमम वेज तो मिलता ही है. लेकिन अगर सरकार ने श्रम मंत्रालय की सिफारिश को मान लिया तो ऐसे में नौकरी ज्वॉइन करने पर उसे कम से कम 25 हजार रुपये की सैलरी तो मिलेगी ही. श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से सिफारिश की है कि मिनिमम वेज में 10 साल पहले इजाफा किया गया था. जरूरत है कि अब उसे 25हजार रुपये किया जाए.
क्या बजट में होगा इसका ऐलान?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करने जा रही हैं. इससे पहले सत्र की शुरुआत 22 जुलाई से हो रही है. कर्मचारियों को मिलने वाले मिनिमम वेज को बढ़ाने की मांग मजदूर संगठनों की ओर से भी की गई थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब श्रम मंत्रालय ने इस मामले में वित्त मंत्रालय से सिफारिश की है इसे 15 हजार से रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया जाए.
ये भी पढ़ें: Zomato/Swiggy की फीस हाइक पर कस्टमर हुए नाराज, कह दी ये बात
2014 में हुआ था मिनिमम वेज में इजाफा
10 साल पहले मिनिमम वेज में इजाफा किया गया था. उस वक्त देश में मिनिमम वेज 6500 रुपये हुआ करता था. लेकिन 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद इसे बढ़ाकर 15000 रुपये कर दिया गया था. इससे पहले जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया था उस वक्त उन्होंने कहा था कि वो बड़े फैसले लेने का काम अगली सरकार पर छोड़ रही हैं. अब ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार कुछ बड़े फैसले ले सकती है.
कुछ संगठन पहले ही कर चुके हैं इजाफा
ऐसा नहीं है कि देश में अभी तक 15000 रुपये मिनिमम सैलरी सभी विभागों में है. ईएसआईसी में पहले ही मिनिमम वेज को 21 हजार रुपये किया जा चुका है. ईएसआईसी की ओर से इस कदम को 2017 में ही उठा दिया गया था. कर्मचारी भविष्य निधि में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों लोग ही 12-12 प्रतिशत का योगदान देते हैं. ये योगदान एक अकाउंट में जमा हो जाता है जहां 8.33 फीसदी योगदान ईपीएफओ अकाउंट में जमा होता है और 3.67 फीसदी योगदान पीएफ अकाउंट में चला जाता है.
टैग्स