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क्या सेंसेक्स-निफ्टी पर लग सकता है लोअर सर्किट, क्या हैं नियम? यहां जानें सबकुछ
लोकसभा चुनावों के नतीजे शेयर बाजार को पसंद नहीं आए हैं. बाजार में लगातार गिरावट जारी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लोकसभा चुनावों के नतीजे अब तक एग्जिट पोल्स के विपरीत नजर आ रहे हैं. सरकार भले ही भाजपा नेतृत्व वाले NDA की बनने जा रही है, लेकिन जीत के जितने बड़े अंतर का अनुमान लगाया गया था, वो गलत साबित हुआ है. चुनावी नतीजों से जहां भाजपा कुछ हद तक मायूस होगी, वहीं, शेयर बाजार में मायूसी की सुनामी आ गई है. बाजार आज गिरावट के साथ खुला और धीरे-धीरे ये गिरावट बड़ी होती चली गई. दोपहर डेढ़ बजे तक सेंसेक्स 4,206.65 अंक लुढ़क चुका था. यदि गिरावट और बढ़ती है, तो क्या मार्केट में लोअर सर्किट लगाया जाएगा?
क्या होते हैं सर्किट ब्रेकर?
BSE सेंसेक्स और निफ्टी कल की बढ़त को बहुत पीछे छोड़कर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. अभी कारोबारी सत्र की समाप्ति में समय बचा है. ऐसे में यह आशंका भी बनी हुई है कि मार्केट में और गिरावट आ सकती है. निवेशकों को बजट में आने वाले बड़े उलटफेर से बचाने के लिए सर्किट ब्रेकर लगाए जाते हैं. स्टॉक एक्सचेंजों ने सर्किट ब्रेकर 2 जुलाई 2001 को लागू किए थे. एक रिपोर्ट के अनुसार, इन ब्रेकर्स को इंडेक्स की चाल को नियंत्रित रखने के लिए 3 स्टेज पर लगाया जाता है. 10%, 15% और 20% का उतार-चढ़ाव आने पर सर्किट ब्रेकर मार्केट में कारोबार को तय समय के लिए बंद कर देता है.
कैसे काम करते हैं सर्किट?
सर्किट ब्रेकर तब एक्टिव होते हैं, जब BSE सेंसेक्स या NSE निफ्टी में से कोई भी 10%, 15% या 20% के लेवल को तोड़ देता है. नियमों के अनुसार, यदि दोपहर के एक बजे से पहले सेंसेक्स या निफ्टी में से कोई भी 10% की लिमिट को हिट कर लेता है, यानी उसमें 10% के गिरावट आती है या उछाल आता है, तो बाजार में 45 मिनट के लिए कारोबार बंद कर दिया जाता है. वहीं, अगर दोपहर एक बजे से 2.30 के बीच 10 प्रतिशत का ट्रिगर हिट होता है तो कारोबार 15 मिनट के लिए बंद होगा. हालांकि, अगर 2.30 बजे के बाद ऐसा होता है, तो कारोबार रोका नहीं जाएगा.
आज क्या स्थिति बन सकती है?
इसी तरह, यदि 15% की लिमिट दोपहर एक बजे से पहले ट्रिगर होती है, तो बाजार को 1 घंटा 45 मिनट के लिए बंद रखा जाता है. दोपहर एक बजे से 2 बजे के बीच ऐसा होने पर मार्केट 45 मिनट के लिए बंद रहता है. जबकि 2 बजे के बाद ऐसा होने पर को बाजार को शेष सत्र के लिए बंद कर दिए जाता है और अगले दिन ट्रेडिंग शुरू होगी. वहीं, यदि सत्र के किसी भी समय बाजार में 20% का सर्किट लिमिट ट्रिगर होता है, तो ट्रेडिंग को उस सत्र के लिए बंद कर दिया जाएगा. आज की स्थिति की बात करें, तो एक बजे का समय निकल चुका है. सेंसेक्स इस समय 5.32% और Nifty 5.43% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. ऐसे में दोनों इंडेक्स के शेष समय में सर्किट ब्रेकर की लिमिट तक पहुंचने की संभावना बेहद कम है.
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