होम / बिजनेस / AI, डेटा और साइबर सुरक्षा से बदलेगा मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य, KPMG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

AI, डेटा और साइबर सुरक्षा से बदलेगा मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य, KPMG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब केवल तकनीक के प्रयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर AI को अपने संचालन, सप्लाई चेन और उत्पादन प्रक्रियाओं में शामिल कर रही हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में व्यवधान और तेजी से बदलती तकनीकों के बीच वैश्विक औद्योगिक विनिर्माण (इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. KPMG की ग्लोबल टेक रिपोर्ट 2026 के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा आधारित निर्णय और तकनीक आधारित लचीलापन इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब केवल तकनीक के प्रयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर AI को अपने संचालन, सप्लाई चेन और उत्पादन प्रक्रियाओं में शामिल कर रही हैं.

22 देशों के 258 टेक लीडर्स की राय

KPMG Global Tech Report 2026 – Industrial Manufacturing में 22 देशों और क्षेत्रों के 258 तकनीकी नेताओं की राय शामिल की गई है. इसमें मेटल्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स, स्पेस, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे सेक्टरों को शामिल किया गया है. रिपोर्ट उद्योग क्षेत्र में चल रहे डिजिटल बदलाव और तकनीकी निवेश की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है.

भारत में तेज हो रहा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औद्योगिक कंपनियां तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं, बढ़ती डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और उद्योगों में डिजिटलीकरण इस बदलाव को गति दे रहे हैं. हालांकि, डेटा इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, कुशल प्रतिभा की कमी और पुरानी तकनीकी व्यवस्था जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं. ऐसे में कंपनियां अपने ऑपरेटिंग मॉडल को आधुनिक बनाने और तकनीकी आधार को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं.

AI का बढ़ता इस्तेमाल

मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब AI का इस्तेमाल केवल प्रयोग के तौर पर नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर कर रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां ऑपरेशनल एफिशिएंसी, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन के लिए AI का उपयोग बढ़ा रही हैं. इसके साथ ही आईटी, बिजनेस और रिस्क मैनेजमेंट टीमों के बीच सहयोग भी बढ़ रहा है, जिससे जिम्मेदार AI और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जा सके.

भारत में तकनीक बनेगी ग्रोथ का इंजन

KPMG इंडिया के पार्टनर और नेशनल सेक्टर लीडर (इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग) एस. सतीश ने कहा कि भारतीय कंपनियां अब तकनीक को केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि बिजनेस ग्रोथ के महत्वपूर्ण साधन के रूप में देख रही हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी निवेश और AI को बढ़ती स्वीकृति भारत में इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है. जो कंपनियां डेटा, स्केलेबल प्लेटफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट और साइबर सुरक्षा में निवेश करेंगी, वे भविष्य में अधिक मजबूत स्थिति में होंगी.

रिपोर्ट की प्रमुख बातें

1. 87 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग अधिकारियों का मानना है कि एडवांस टेक्नोलॉजी भविष्य में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगी.
2. 80 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि तकनीक निवेश से बेहतर मूल्य सृजित हो रहा है.
3. 70 प्रतिशत कंपनियां AI लागू करने के लिए केंद्रीकृत मॉडल अपना रही हैं.
4. 76 प्रतिशत अधिकारियों ने खराब या अविश्वसनीय डेटा को AI के लिए सबसे बड़ा जोखिम बताया.
5. 68 प्रतिशत कंपनियां अगले 12 महीनों में बड़े स्तर पर AI लागू करने की तैयारी कर रही हैं.
6. 48 प्रतिशत कंपनियां साइबर सुरक्षा निवेश में बड़ी बढ़ोतरी की योजना बना रही हैं.
7. 49 प्रतिशत कंपनियों ने बताया कि AI आधारित उपयोग से उन्हें वास्तविक व्यावसायिक लाभ मिल रहा है.
8. 89 प्रतिशत अधिकारियों का मानना है कि अगले पांच वर्षों में AI एजेंट्स का प्रबंधन एक महत्वपूर्ण कार्य कौशल बन जाएगा.

साइबर सुरक्षा और डेटा पर बढ़ा फोकस

रिपोर्ट में कहा गया है कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा और डेटा प्रबंधन का महत्व भी तेजी से बढ़ रहा है. कंपनियां अब केवल तकनीकी निवेश नहीं कर रहीं, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल ढांचा तैयार करने पर भी जोर दे रही हैं.

भविष्य की औद्योगिक वृद्धि में तकनीक की बड़ी भूमिका

KPMG की रिपोर्ट के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है. जो कंपनियां AI को बड़े स्तर पर अपनाने, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, साइबर सुरक्षा बढ़ाने और कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सफल होंगी, वही आने वाले वर्षों में औद्योगिक विकास की अगुवाई करेंगी.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

11 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

11 hours ago

टूल एंड इक्विपमेंट एक्स्पो: हैंड टूल्स से स्मार्ट ऑटोमेशन तक, मैन्युफैक्चरिंग में तकनीक का नया दौर

एक्सपो में एक 'इनोवेशन गैलरी' तैयार की गई है, जिसमें 200 से अधिक प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया गया है. इस गैलरी उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उभरती तकनीकों, नए विचारों और इनोवेटिव समाधानों को सामने लाना है.

12 hours ago

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

13 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

15 hours ago


बड़ी खबरें

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

13 hours ago

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

11 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

11 hours ago

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

17 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

15 hours ago