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क्या बंद हो जाएगा कॉफी लवर्स का पसंदीदा ब्रैंड? दिवालिया प्रक्रिया से CCD के भविष्य पर संकट
देशभर में CCD के फैंस और निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं. कॉफी लवर्स का पसंदीदा ब्रैंड दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
कैफे कॉफी डे (CCD) के प्रेमियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. दरअसल, देश की बड़ी कॉफी चेन कंपनी, कैफे कॉफी डे, दिवालिया होने की कगार पर है. इसकी पेरेंट कंपनी, कैफे कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (CDEL), लंबे समय से वित्तीय समस्याओं का सामना कर रही है और अब इस पर दिवालिया प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है. यह कॉफी लवर्स के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि CCD देशभर में एक प्रतिष्ठित नाम है.
NCLT का बड़ा कदम
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की चेन्नई पीठ ने कैफे कॉफी डे के पेरेंट कंपनी CDEL के निलंबित बोर्ड के डायरेक्टर द्वारा दायर अपील पर सुनवाई पूरी कर ली थी, लेकिन अंततः अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि इसे 21 फरवरी 2025 तक निपटा लिया जाए, लेकिन यह समय सीमा भी पार हो गई. इसलिए, NCLT ने 22 फरवरी 2025 से दिवालिया समाधान प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का फैसला लिया. यह कदम NCLT ने तब उठाया जब सुप्रीम कोर्ट की तय की गई समय सीमा के अंदर कोई आदेश जारी नहीं किया गया. इस स्थिति ने कंपनी के लिए परेशानी को और बढ़ा दिया है और अब इस पर दबाव और भी बढ़ गया है.
कंपनी पर बड़ा डिफॉल्ट का आरोप
कैफे कॉफी डे की पेरेंट कंपनी CDEL पर 2,228 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का आरोप है. यह मामला जब NCLT के पास पहुंचा, तो कंपनी पर दबाव बन गया और यह दिवालिया प्रक्रिया की कगार पर आ गई. हालांकि, NCLT के अंतिम फैसले के बावजूद दिवालिया प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया है. इस मामले को लेकर अब निवेशक और कॉरपोरेट सेक्टर की निगाहें NCLT के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं.
पिछले साल हुई थी दिवालिया प्रक्रिया की शुरुआत
CDEL के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया की शुरुआत 8 अगस्त 2024 को हुई थी, जब NCLT की बेंगलुरु बेंच ने आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड की याचिका को स्वीकार किया. इस याचिका में 28.4 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का दावा किया गया था. कर्ज में डूबी कंपनी के संचालन के लिए एक IRP (इन्शॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल) को नियुक्त किया गया था. इस फैसले को निलंबित बोर्ड ने चुनौती दी, जिसके बाद 14 अगस्त 2024 को कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी. इसके बाद आईडीबीआई टीएसएल ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में पहुंचाया. सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी 2025 को आदेश दिया कि NCLT की चेन्नई बेंच को 21 फरवरी तक अपील का निपटारा करना होगाय कोर्ट ने यह भी निर्देशित किया कि अगर यह समय सीमा पार हो गई, तो CDEL की दिवालिया प्रक्रिया पर रोक अपने आप खत्म हो जाएगी. यही कारण था कि 22 फरवरी 2025 के बाद, कंपनी पर सीआई आरपी प्रक्रिया फिर से बहाल मानी गई.
कंपनी की स्थिति
आपको बता दें कि CDEL, कैफे कॉफी डे आउटलेट चेन के अलावा एक रिजॉर्ट कंसल्टेंसी सर्विसेज और कॉफी बीन ट्रेडिंग का संचालन भी करती है. जुलाई 2019 में अपने संस्थापक बीजी सिद्धार्थ के निधन के बाद से ही कंपनी को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा. हालांकि, कंपनी अपनी एसेट्स की बिक्री और रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए अपने कर्ज को कम करने का प्रयास कर रही है, लेकिन यह स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है.
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