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हिंडनबर्ग रिपोर्ट से खौफ में निवेशक, क्या Adani के शेयरों में फिर आएगी सुनामी?
पिछले साल जब हिंडनबर्ग ने अडानी समूह पर गंभीर आरोप लगाये थे, तो समूह की कंपनियों के शेयरों में सुनामी आ गई थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले साल की शुरुआत में जब अडानी समूह (Adani Group) पर रिपोर्ट जारी की थी, तो शेयर बाजार में भूचाल आ गया था. अडानी की कंपनियों के शेयर आसमान से सीधे जमीन पर आ गिरे थे और उनमें निवेशक करने वालों को खून के आंसू रोना पड़ा था. एक बार फिर इस अमेरिकी शॉर्ट सेलर ने अडानी समूह को निशाना बनाया है. भले ही आरोपों की धार सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच की तरफ ज्यादा हो, लेकिन रिपोर्ट का आधार अडानी समूह ही है. ऐसे में यह सवाल उत्पन्न हो गया है कि क्या अडानी के शेयरों में इस बार बभी सुनामी आएगी?
सबके सामने आए बयान
हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बाजार रेगुलेटरी सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच और उनके पति पर अडानी से जुड़े विदेशी फंड्स में हिस्सेदारी का आरोप लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सेबी चेयरपर्सन और उनके पति धबल बुच के पास उस विदेशी फंड में हिस्सेदारी है, जिसका उपयोग अडानी समूह में कथित फंड की हेराफेरी के लिए किया गया. अडानी समूह और बुच दंपत्ति दोनों इस रिपोर्ट को आधारहीन करार दे चुके हैं. सेबी ने भी बयान जारी करके स्थिति स्पष्ट की है, लेकिन इन सबके बावजूद निवेशकों में डर का माहौल है.
10 कंपनियां लिस्टेड
स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वालों को डर है कि कहीं पहले की तरह अडानी ग्रुप के शेयरों में बड़ी गिरावट न आ जाए. अडानी समूह की शेयर बाजार में 10 कंपनियां लिस्टेड हैं - अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी पावर, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी टोटल गैस, अडानी विल्मर, अंबुजा सीमेंट्स, ACC और NDTV. ये सभी कंपनियां पिछले साल हुए हिंडनबर्ग के धमाके के प्रभाव से निकल आई हैं. उनके शेयर भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
वहीं, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट से अडानी ग्रुप के शेयरों पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इस बार परिदृश्य थोड़ा अलग है. हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट मुख्यतौर पर सेबी प्रमुख को टारगेट करती है और बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाए गए हैं. उनका यह भी कहना है कि शुरुआती प्रतिक्रिया में समूह के कुछ शेयरों में भले ही गिरावट देखने को मिले, लेकिन पिछले साल वाली स्थिति उत्पन्न नहीं होगी. गौरतलब है कि 2023 में इस अमेरिकी फर्म ने अडानी समूह पर शेयरों में हेरफेर सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद अडानी के सभी शेयरों में भारी गिरावट आई थी.
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