होम / बिजनेस / रिश्वतखोरी के आरोप, केन्या में डबल झटका, क्या इसे Adani के बुरे दिनों की शुरुआत माना जाए?
रिश्वतखोरी के आरोप, केन्या में डबल झटका, क्या इसे Adani के बुरे दिनों की शुरुआत माना जाए?
गौतम अडानी के लिए कल का दिन काफी बुरा साबित हुआ. रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों के चलते अडानी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गौतम अडानी के लिए 2023 की शुरुआत बेहद ख़राब रही थी और अब 2024 के आखिरी दिन उनके लिए परेशानी भरे बने हुए हैं. अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने जहां अडानी पर अमेरिकी निवेशकों को धोखा और अपनी कंपनी को ठेका दिलाने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगाया है. वहीं, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने ऐलान किया है कि देश के मुख्य हवाई अड्डे के विस्तार की योजना रद्द कर दी गई है. इस प्रोजेक्ट के लिए अडानी ग्रुप ने भी बोली लगाई थी. इस प्रोजेक्ट की लागत 1.8 अरब डॉलर थी. इससे पहले केन्या ने अडानी ग्रुप के साथ 70 करोड़ डॉलर से ज्यादा का एक और सौदा रद्द कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत पावर ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया जाना था.
केन्या के पीछे चीन का हाथ?
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की तरफ से लगाये गए आरोपों के ठीक बाद केन्या ने एयरपोर्ट विस्तार की योजना रद्द करने का ऐलान किया है. इसका सीधा मतलब निकलता है कि रिश्वतखोरी के आरोप अडानी समूह को भारी पड़े हैं. हालांकि, कहा ये भी जा रहा है कि केन्या में अडानी को लगे झटके पीछे चीन का हाथ है. राष्ट्रपति विलियम रुटो करीब दो महीने पहले चीन की यात्रा पर गए थे. यह दावा भी किया जाता रहा है कि पिछले साल अडानी ग्रुप को लेकर आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का भी चीनी कनेक्शन था. हालांकि, ऐसे कोई सबूत अब तक नहीं मिले हैं.
पहले जैसा नहीं होगा हाल
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी के शेयर आसमान से सीधे जमीन पर आ गए थे. वैसा ही कुछ कल देखने को मिला. समूह की लिस्टेड अधिकांश कंपनियां कल लाल निशान पर कारोबार करती नज़र आईं. हालांकि, जानकारों का मानना है कि अमेरिका में लगे आरोप अडानी समूह के लिए पिछले साल वाली स्थिति उत्पन्न नहीं कर पाएंगे. उनका यह भी कहना है कि कुछ दिनों तक इन आरोपों का असर अडानी के शेयरों को देखने को मिल सकता है, फिर सबकुछ सामान्य हो सकता है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाया था. अब समूह इससे काफी हद तक बाहर निकल गया है.
सरकार ने साधी चुप्पी
अडानी पर रिन्यूएबल एनर्जी हासिल करने के लिए आंध्र प्रदेश के सरकारी अधिकारी को 1750 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है. इस मामले में गौतम अडानी के भतीजे सागर अडानी, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के अधिकारी और एज़्योर पावर ग्लोबल लिमिटेड के कार्यकारी सिरिल काबेनेस के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं.अडानी और उनके सहयोगियों पर निवेशकों को धोखा देने के साथ-साथ जांच में रुकावट डालने की कोशिश का भी आरोप है. अडानी पर भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है, लेकिन अमेरिका में यह मामला इसलिए दर्ज हुआ है क्योंकि संबंधित प्रोजेक्ट में अमेरिका के इन्वेस्टर्स का पैसा लगा था और अमेरिकी कानून के तहत उस पैसे को रिश्वत के रूप में देना अपराध है. गौरतलब है कि अडानी के भतीजे सागर, ग्रुप के एनर्जी बिजनेस और फाइनेंस को मैनेज करते हैं. वहीं, इस पूरे मामले पर आंध्र प्रदेश सरकार ने भी चुप्पी साध रखी है.
टैग्स