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सैमसंग से क्यों नाराज़ हैं कर्मचारी, हड़ताल से कितनी प्रभावित होगी कंपनी की आर्थिक सेहत?

सैमसंग के चेन्नई प्लांट में चल रही हड़ताल को एक महीना होना वाला है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है. फेस्टिवल सीजन में यह हड़ताल कंपनी के लिए बड़े आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

सैमसंग इंडिया इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही है. उसके चेन्नई प्लांट के कर्मचारी नाराज़ हैं और 9 सितंबर से हड़ताल पर बैठे हैं. कल यानी गांधी जयंती के मौके पर उन्होंने एक दिन की भूख हड़ताल भी की. प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है. बीते मंगलवार को हड़ताल कर रहे 900 से ज्यादा कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था. इससे स्थिति और ज्यादा खराब होती नज़र आ रही है. हड़ताल का असर कंपनी की आर्थिक सेहत पर भी पड़ रहा है. 

ये हैं प्रमुख मांगें
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के चेन्नई प्लांट की हड़ताल को पिछले कुछ सालों में देश की सबसे बड़ी हड़ताल माना जा रहा है. कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन में बढ़ोतरी, आठ घंटे काम और यूनियन को मान्यता शामिल हैं.  दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग की यह फैक्ट्री चेन्नई के बाहरी इलाके में है और यहां 1500 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं. 

बनते हैं ये प्रोडक्ट
देश में त्यौहारी सीजन लगभग शुरू हो चुका है. नवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की खरीदारी की जाती है. ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल से सैमसंग को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. कंपनी के चेन्नई प्लांट में फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं. हड़ताल की वजह से उत्पादन ठप पड़ा है. ऐसे में कंपनी बाजार की मांग को पूरा करके मुनाफा कमाने के अवसर से चूक सकती है.  हालांकि, खबर है कि है कि कंपनी ने कुछ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और ट्रेनी को भी भर्ती किया है, ताकि उत्पादन गतिविधियों को सुचारू किया जा सके. 

नहीं बढ़ेगी सैलरी 
सैमसंग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की मांग को स्वीकार करने के मूड में नहीं है. कंपनी का कहना है कि वो इस क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग वर्कर्स को औसत वेतन से करीब दोगुना का भुगतान कर रही है. हालांकि, कंपनी का यह भी कहना है कि वो कर्मचारियों की सभी समस्याओं की सुनवाई और समाधान के लिए तैयार है. जानकारों का मानना है कि फेस्टिवल सीजन में कमर्चारियों की हड़ताल सैमसंग को गहरा आर्थिक घाव दे सकती है. लिहाजा, कंपनी को समाधान के प्रयासों में और तेजी लानी होगी.  बता दें कि सैमसंग के साउथ कोरिया स्थित प्लांट में भी हड़ताल हो चुकी है.


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