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महायुति की जीत Adani के लिए क्यों है सुकून की बात, समझिए पूरा गणित
अमेरिकी अदालत में रिश्वतखोरी के आरोपों का सामना कर रहे भारत के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी के लिए उनकी पसंदीदा धारावी परियोजना को रद्द करना एक बड़ा झटका होता.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ महायुति की सरकार बनने जा रही है. भले ही अभी ये तय ना हो कि राज्य में चीफ मिनिस्टर के तौर पर कौन शपथ लेगा? यहां एक सवाल और भी है, वो ये कि इस जीत के बाद क्या गौतम अडानी के अच्छे दिन आएंगे? ये सवाल इसलिए भी अहम है क्योकि गौतम अडानी चुनाव के दौरान एक प्रमुख मुद्दा थे. जिसे विपक्ष ने भुनाने की कोशिश की थी. विपक्ष के नेताओं ने तो यहां तक कह डाला था कि अगर उनकी महाराष्ट्र में सरकार बनी तो अडानी के तमाम प्रोजेक्ट्स को कैंसल कर दिया जाएगा. जिसमें धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट काफी अहम हैं. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर महाराष्ट्र की जीत गौतम अडानी के लिए क्यों अहम बन गई है और इसका फायदा गौतम अडानी को कैसे मिल सकता है?
धारावी प्रोजेक्ट पर बड़ी राहत
महायुति की जीत के बाद अडानी को धारावी प्रोजेक्ट पर बड़ी राहत मिल गई है. जैसा कि हमने आपको बताया कि गौतम अडानी को धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट देने का मुद्दा पूरे चुनाव में गर्माया रहा. राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे लगातार गौतम अडानी को केंद्र में रखकर राज्य और केंद्र सरकार को घेरते हुए नजर आए थे. जिस तरह के नतीजे महायुति के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं, उससे साफ हो गया है कि धारावी के मामले में आम लोगों को अडानी से कोई दिक्कत नहीं है. आने वाले दिनों में धारावी प्रोजेक्ट पर गौतम अडानी तेजी के साथ काम शुररू कर सकते हैं. ये कुल प्रोजेक्ट 20 हजार करोड़ रुपए का है. जिसमें 80 फीसदी स्टेक गौतम अडानी का है. जबकि 20 फीसदी की हिस्सेदारी है. जिसके पहले फेज में करीब 5,100 करोड़ रुपए खर्च होगा.
उद्धव गुट ने जमीन वापस लेने का किया था वादा
महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनने के बाद इस परियोजना के भविष्य को लेकर चिंता कम हुई है.विपक्षी पार्टी, खासकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी), ने वादा किया था कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनती है तो अडानी ग्रुप को दी गई सारी जमीन वापस ली जाएगी और इस प्रोजेक्ट को कैंसिल कर दिया जाएगा. लेकिन अब इस जीत के बाद अडानी के लिए राहत की खबर आई है.
धारावी का पुनर्विकास अडानी समूह के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह 620 एकड़ की ज़मीन को शहरी केंद्र में बदलने की योजना का हिस्सा है. मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित इस इलाके में लगभग सात लाख से अधिक लोगों को 350 वर्ग फुट के फ्लैट फ्री में दिए जाएंगे. यह फ्लैट उन लोगों के लिए बेहद अहम होंगे, जो आज भी जर्जर झुग्गियों में खुले सीवर और साझा शौचालयों जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
विपक्ष ने उठाए थे सवाल
बता दें कि विपक्षी दलों ने इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि अडानी ग्रुप को सरकारी अनुबंधों में अनुचित फायदा मिला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी अपने करीबी मित्र अडानी को लाभ पहुंचा रहे हैं. हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं का कहना है कि यह प्रोजेक्ट झुग्गी पुनर्विकास का एक ग्लोबल मॉडल बनने जा रही है. धारावी में लगभग 10 लाख लोग रहते हैं, लेकिन इस परियोजना के तहत 7 लाख लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी.बाकी लोगों को शहर के अन्य हिस्सों में पुनर्वासित किया जाएगा. कुछ स्थानीय लोग इस योजना का विरोध भी कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे उनकी ज़मीन और व्यवसाय पर असर पड़ सकता है.
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