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इतना क्यों गिर रहा है शेयर बाजार? आपका भी यही सवाल, सामने आया ये बड़ा कारण!
निवेशकों का धैर्य में जवाब दे रहा है. इस दौरान सबसे ज्यादा मिडकैप और स्मॉल कैप शेयरों की पिटाई हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
इतना क्यों गिर रहा है शेयर बाजार? अब लगभग हर छोटे-बड़े निवेशक के मन यही सवाल उठ रहा है, क्योंकि पिछले 3 से 4 वर्षों के दौरान रिटेल निवेशकों को इस तरह की गिरावट से सामान नहीं हुआ था. आंकड़ों के लिहाज कोविड काल के बाद अक्टूबर-नवंबर यानी मौजूदा महीना शेयर बाजार के लिए सबसे खराब साबित हुआ है. ऐसे में निवेशकों का घबराना स्वाभाविक है. दरअसल, निवेशकों को अब हर एक दिन भारी पड़ रहा है, क्योंकि उम्मीद यही रहती है कि अब गिरावट थमेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है, गिरावट का सिलसिला जारी है. आइए जानते हैं इस गिरावट के पीछे की वजह
सामने आई गिरावट की वजह
शेयर बाजार में हालिया गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह सितंबर तिमाही के दौरान कंपनियों का खराब प्रदर्शन रहा. ACE इक्विटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही के दौरान लगभग 143 कंपनियां घाटे में रहीं. इनमें इंटरग्लोब एविएशन से लेकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन सहित कई दिग्गज नाम शामिल हैं. इन कंपनियों को कुल घाटा करीब 20,160 करोड़ रुपये रहा. इसके मुकाबले जून तिमाही के दौरान 129 कंपनियां शुद्ध घाटे में रही थीं और इन्हें कुल 15,030 करोड़ का घाटा हुआ था. मौजूदा वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में इन कंपनियों का कुल घाटा ₹35,200 करोड़ रहा.
लगभग 143 कंपनियां घाटे में रहीं
दिलचस्प बात यह है कि दूसरी तिमाही में घाटा दर्ज करने वाली इन कंपनियों का कुल मार्केट वैल्यू करीब ₹11 लाख करोड़ रुपये है. रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2021 से हर तिमाही में औसतन लगभग 145 कंपनियों ने घाटा दर्ज किया है. ACE इक्विटी ने बताया कि उसने अपनी रिपोर्ट में सिर्फ उन्हीं कंपनियों का शामिल किया है, जिनका मार्केट कैप 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है और जिनकी तिमाही रेवेन्यू कम से कम ₹100 करोड़ है.
इंडिगो एयरलाइन चलाने वाली कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन 2 साल में पहली बार घाटे में चली गई. महंगाई के दबाव और कई विमानों के बेड़े में खड़े रहने के लिए एयरलाइन का EBITDA भी बाजार के अनुमानों से कम रहा. वहीं हाउसिंग फाइनेंस कंपनी, सम्मान कैपिटल ने 20 साल में पहली बार सितंबर तिमाही में घाटा दर्ज किया. सितंबर तिमाही में घाटा दर्ज करने वाली अन्य प्रमुख कंपनियों में UPL, पूनावाला फिनकॉर्प, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स, चेन्नई पेट्रोलियम, इंडिया सीमेंट्स आदि शामिल हैं.
सबसे ज्यादा घाटा वोडा-आइडिया को हुआ
लिस्टेड कंपनियों में सबसे बड़ा घाटा वोडाफोन आइडिया ने दर्ज किया. टेलीकॉम कंपनी को सितंबर तिमाही में 7,176 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ. वैसे यह कंपनी पिछले 6 सालों से हर तिमाही में घाटा दर्ज कर रही है. इसी तरह MTNL, टाटा टेलीसर्विसेज महाराष्ट्र, जयप्रकाश एसोसिएट्स, GMR एयरपोर्ट्स जैसी कई और कंपनियां भी पिछली कई तिमाहियों से घाटा दर्ज कर रही हैं.
यहां तक कि एग्रोकेमिकल सेक्टर की दिग्गज कंपनी UPL ने भी लगातार दूसरी तिमाही में घाटा दर्ज किया है, जिससे वित्त वर्ष 2025 में उसका कुल घाटा 827 करोड़ रुपये हो गया है. इसी तरह, पूनावाला फिनकॉर्प को वित्त वर्ष 2021 के बाद पहली बार सितंबर तिमाही में घाटा हुआ. कंपनी ने बताया कि वह सितंबर तिमाही में 471 करोड़ के घाटे में रही, जबकि एक साल पहले यह इसी तिमाही में 1,260 करोड़ के घाटे में रही थी.
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