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जब सांसद जी को सिफारिश के बाद भी नहीं मिली रेलवे की कंफर्म टिकट, संसद में उठाई आवाज
राज्यसभा सांसद आदित्य कुमार ने कहा कि रेलवे में यात्रियों की संख्या में तो तेजी से इजाफा हो रहा है लेकिन उसके मुकाबले रेलवे में कोच नहीं बढ़ पाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रेलवे की कंफर्म टिकट के लिए जनता कितना परेशान होती है ये तो देश की जनता ही जानती है. अगर वेटिंग टिकट कंफर्म कराना हो तो यात्रा करने वाला या उसका संबंधी ना जाने कहां कहां की पहचान नहीं लगाता. लेकिन बावजूद उसके कई बार तो टिकट हो जाता है लेकिन कई बार नहीं होता. लेकिन गुरुवार को आम आदमी की ये पीड़ा संसद में सुनाई दी, जिसे क्या आप जानते हैं कि कंफर्म टिकट न मिलने की समस्या का सामना देश की आम जनता ही नहीं बल्कि हमारे माननीयों को भी करनी पड़ रही है. गुरुवार को ये बात तब सामने आई जब सरकार में बैठी बीजेपी के राज्यसभा सांसद आदित्य कुमार ने शून्यकाल के दौरान टिकट कंफर्म न होने को लेकर अपनी पीड़ा बताई.
क्या बोले बीजेपी राज्यसभा सांसद आदित्य कुमार?
बीजेपी राज्यसभा सांसद आदित्य कुमार ने राज्यसभा में शून्यकाल में अपना सवाल उठाते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में ट्रेनों में टिकट ना मिलने की समस्या अक्सर सामने आती रहती है. सांसद आदित्य कुमार ने कहा कि उनके द्वारा पत्र लिखने के बाद भी यात्रियों का ट्रेन में टिकट कंफर्म नहीं हो रहा है. इसके कारण गांव, देहात और पिछड़े इलाकों से आने वाले लोग ट्रेन में यात्रा तक नहीं कर पाते हैं. उन्होंने कहा कि ट्रेनों में लोग इसलिए सफर करते हैं क्योंकि ये सस्ती यात्रा है. हर कोई इसे अफोर्ड कर सकता है. लेकिन कंफर्म टिकट की समस्या के कारण लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं.
ट्रेनें कई सारी हैं लेकिन टिकट वेटिंग है
बीजेपी के राज्यसभा सांसद आदित्य कुमार ने कहा कि रेलवे की ओर से ट्रेनें तो खूब चलाई जा रही हैं लेकिन टिकट नहीं मिल पा रहा है. अगर वेटिंग टिकट लिया जाता है तो वो कंफर्म नहीं हो पा रहा है. इसके कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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बोगियों की समस्या पर भी बोले माननीय सांसद
राज्यसभा सांसद आदित्य कुमार ने कहा कि रेलवे में यात्रियों की संख्या में तो तेजी से इजाफा हो रहा है लेकिन उसके मुकाबले रेलवे में कोच नहीं बढ़ पाए हैं. इसी के कारण लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रही है और नतीजा ये हो रहा है कि लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. आदित्य कुमार ने रेल मंत्री से अनुरोध किया वो स्लीपर क्लॉस में कोचों की संख्या बढ़ाने का काम करें, जिससे लोगों को सीट मिल सके.
रेलवे ऑर्डर कर चुका है 10 हजार कोच
वहीं रेलवे खुद ही यात्रियों की इस समस्या को सुलझाने के लिए पहले ही काम कर रहा है. रेलवे की ओर से यात्रियों की समस्या को सुलझाने के लिए 10 हजार रेल कोचों का आदेश दिया जा चुका है. रेलवे को ये 5000 कोच 2025 तक और अगले 5000 कोच 2026 तक मिल जाएंगे. उम्मीद की जा रही है कि उसके बाद काफी हद तक समस्या खत्म हो जाएगी. सिर्फ यही नहीं रेलवे कई नई ट्रेनों का भी निर्माण कर रहा है. इनमें वंदे भारत से लेकर 50 अमृत भारत ट्रेनें शामिल हैं.
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