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डीमर्जर के बाद ITC Hotels की लिस्टिंग में लग सकता है इतना वक्त
ITC के बोर्ड ने होटल कारोबार को अलग करने को हाल ही में मंजूरी दी थी. ITC होटल्स अब स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज की राह पर चलते हुए ITC ने हाल ही में डीमर्जर का ऐलान किया था. कंपनी अपने होटल कारोबार को अलग कर रही है. ITC ने 24 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि कंपनी बोर्ड ने एक अरेंजमेंट स्कीम के तहत होटल कारोबार को अलग करने के लिए मंजूरी दे दी थी. अब इस पर फाइनल फैसला 14 अगस्त को होने वाली बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा. डीमर्जर पूरा होने के बाद ITC Hotels एक अलग कंपनी बन जाएगी, जिसे शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा.
समय पर मिलेगी जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ITC की योजना आईटीसी होटल्स को अगले 6 से 9 महीने में लिस्ट करने की है. हालांकि, कंपनी की तरफ से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है. कंपनी ने फाइलिंग में केवल इतना कहा है कि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के लिस्टिंग से जुड़े नियमों और अन्य कानूनों से जुड़े खुलासे उचित समय पर किए जाएंगे. डीमर्जर के बाद ITC होटल्स स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करेगी और फिर ऑप्टिमल कैपिटल स्ट्रक्चर में अपनी ग्रोथ पर फोकस कर सकेगी.
फैसले का मिलेगा लाभ
एक्सपर्ट्स का मानना है कि होटल कारोबार को अलग करना ITC के लिए फायदेमंद रहेगा, क्योंकि इसके चलते आईटीसी के बुक पर काफी दबाव बना रहा है. होटल कारोबार में काफी पूंजी की जरूरत पड़ती है, इसके बावजूद कंपनी के बाकी कारोबारों की तुलना में इसने पूंजी पर हमेशा कम रिटर्न दिया है. डीमर्जर के अमल में आने के बाद आईटीसी का हाई रिटर्न वाले कारोबार पर अपनी पकड़ को और मजबूत कर पाएगी. वहीं, डीमर्जर की खबर के बाद ITC के शेयरों निवेश करने को लेकर खास उत्साह नजर नहीं आ रहा है. डीमर्जर को मंजूरी मिलने वाले दिन भी कंपनी के शेयर गिरे थे और शुक्रवार को भी इनमें गिरावट दर्ज की गई. फिलहाल ये शेयर 455.25 रुपए के बाजार भाव पर उपलब्ध है.
इसलिए हो रहा डीमर्जर
ITC की तरफ से बताया गया है कि उसके बोर्ड को लगता है कि होटल बिजनेस तेजी से बढ़ती हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में एक अलग यूनिट के रूप में अपने ग्रोथ ट्रैक पर बढ़ने को तैयार है. इसमें पूरा फोकस बिजनेस और एक ऑप्टिमल कैपिटल स्ट्रक्चर पर है. इसे ITC की इंस्टीट्यूशनल स्ट्रैंथ, ब्रैंड इक्विटी और गुडविल का फायदा मिलता रहेगा. कुछ वक्त पूर्व ITC लिमिटेड के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा था कि लंबी अवधि की कामकाजी संभावनाओं को देखते हुए ITC होटल बिजनेस को अलग करने की योजना पर काम कर रही है.
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