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कैसा होगा कल पेश होने वाला Budget? कुछ PM मोदी ने बताया, कुछ हम बताते हैं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल मोदी 3.0 का पहला बजट पेश करेंगी. फरवरी में सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

पूरे देश की निगाहें कल पेश होने वाले बजट पर हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को मोदी 3.0 का पहला बजट पेश करने वाली हैं. पिछली बार के मुकाबले इस बार सरकार के नजरिए से हालात काफी अलग हैं, इसलिए बजट के लोकलुभावन होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है. लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया गया था, इसलिए उसमें कोई बड़ी घोषणा देखने को नहीं मिली थी. कल पेश होने वाला बजट कैसा होगा, इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ संकेत दिए हैं. 

दिशा तय करेगा ये बजट
PM मोदी ने कहा कि हम कल मजबूत बजट पेश करने वाले हैं, जो साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में पेश करने पर केंद्रित होगा. उन्होंने यह भी कहा कि आने पांच वर्ष सरकार के लिए बेहद खास हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं देशवासियों को जो गारंटी देता रहा हूं, उन गारंटियों को पूरा करने के लक्ष्य पर हमें आगे बढ़ना है. अमृतकाल का ये बेहद महत्वपूर्ण बजट है, जो हमारे पांच साल के कार्य की दिशा तय करेगा. हमने 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने का लक्ष्य हमने रखा है, कल पेश होने वाला बजट उस पर क्रेंदित होगा. देश की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए PM ने कहा कि भारत लगातार सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश बना हुआ है. हम लगातार तीन बार से 8% ग्रोथ के साथ विकास पथ पर आगे बढ़ रहे हैं.  

NPS बनेगा अधिक आकर्षक 
नई मोदी सरकार के बजट में कई ऐसी घोषणाएं संभव हैं, जो जनता को खुश कर सकती हैं. यह भी माना जा रहा है कि बजट में नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को ज्यादा आकर्षक बनाने से जुड़े ऐलान संभव हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, NPS में शामिल कर्मचारियों को उनकी आखिरी सैलरी का 50% पेंशन के रूप में देने की व्यवस्था सरकार कर सकती है. 2004 से भर्ती होने वाले कर्मचारी NPS के दायरे में आते हैं. NPS को लेकर कर्मचारी खुश नहीं हैं. वह लगातार OPS यानी ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली की मांग कर रहे हैं. इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हो चुके हैं. लेकिन सरकार उनकी इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है. हालांकि, कर्मचारियों नाराज़गी को कम  करने के लिए मोदी सरकार एनपीएस के दायरे में आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में देने की व्यवस्था ज़रूर कर सकती है.

टैक्सपेयर्स को मिलेगा लाभ! 
इसी तरह, टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है. हालांकि, इसका फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो न्यू टैक्स रिजीम चुनते हैं. बजट में इस रिजीम के तहत इनकम टैक्स छूट सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है. न्यू टैक्स रिजीम में सालाना 15 लाख रुपए से अधिक की कमाई पर 30% टैक्स का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए किया जा सकता है. न्यू टैक्स रिजीम में कुल 6 स्लैब हैं - 3 लाख तक 0% टैक्स. 3-6 लाख तक 5% टैक्स. 6-9 लाख तक 10% टैक्स. 9-12 लाख तक 15%. 12-15 लाख तक 20% और 15 लाख से अधिक की कमाई पर 30% टैक्स. जबकि पुराने टैक्स रिजीम में स्लैब की संख्या कम है. इसमें 2.5 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता. 2.5 से 5 लाख तक की आय पर 5% टैक्स देना होता है. 5 से 10 लाख पर 20%, 10 लाख से अधिक इनकम पर 30% टैक्स लगता है. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग न्यू टैक्स रिजीम को अपनाएं, इसलिए उसे और आकर्षक बनाने के लिए इनकम टैक्स में छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है.  

80C को लेकर घोषणा संभव
माना यह भी जा रहा है कि सरकार 80C की लिमिट में भी कोई बदलाव कर सकती है. महंगाई बढ़ने के बावजूद सरकार ने पिछले 10 साल में इसमें कोई बदलाव नहीं किया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसमें बदलाव से न केवल टैक्सपेयर्स को महंगाई से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि ELSS, टैक्स सेवर FDs, PPF जैसे सेविंग स्कीम्स में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा. मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में 80C के तहत छूट को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख किया था. इसी तरह, होम लोन के ब्याज पर छूट डेढ़ लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गई थी. 2014-15 के बजट में टैक्स छूट की लिमिट 2 लाख से बढ़ाकर ढाई लाख की गई थी. जबकि सीनियर सिटीजंस के लिए छूट का दायरा ढाई लाख से बढ़ाकर 3 लाख किया गया था.
 


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