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स्टॉक मार्केट में क्या होते हैं सर्किट, कब किए जाते हैं इस्तेमाल?
तो आपने कभी न कभी ज़रूर सुना होगा कि फलां शेयर में अपर सर्किट लग गया, लोअर सर्किट लग गया, लेकिन क्या आप इसका मतलब समझते हैं? यदि नहीं, तो आइये इसके बारे में जानते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अगर आप स्टॉक मार्केट या शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं, तो आपने कभी न कभी ज़रूर सुना होगा कि फलां शेयर में अपर सर्किट लग गया, लोअर सर्किट लग गया, लेकिन क्या आप इसका मतलब समझते हैं? यदि नहीं, तो आइये इसके बारे में जानते हैं.
क्या होते हैं सर्किट
शेयर बाजार में दो तरह के सर्किट होते हैं, Upper Circuit और Lower Circuit. दरअसल, प्रत्येक इंडेक्स और स्टॉक का एक प्राइज़ बैंड होता है, जिसमें एक कारोबारी दिवस का अप-डाउन का अधिकतम मूल्य तय होता है. दूसरे शब्दों में कहें तो शेयर की एक दिन की अधिकतम और न्यूनतम रेंज निर्धारित होती है, यानी कि शेयर इस रेंज के बाहर शेयर नहीं जा सकता.
क्या होता है अपर सर्किट
सबसे पहले बात करते हैं अपर सर्किट की. जब किसी शेयर के खरीदारों में अचानक बढ़ोत्तरी हो जाती है, कंपनी के शेयर का दाम खूब चढ़ने लगता है, तो यह सर्किट लगाया जाता है. यानी कि संबंधित शेयर की ट्रेडिंग बंद कर दी जाती है. रोजाना कितने शेयरों का कारोबार होना है, सर्किट लिमिट उसी आधार पर निर्धारित होती है. उदाहरण के लिए, अगर किसी शेयर का भाव 200 रुपए है और उसमें सर्किट फिल्टर 10 फीसदी है, तो 120 के भाव पर पहुंचते ही उस शेयर की ट्रेडिंग रोक दी जाती है.
क्या होता है लोअर सर्किट
लोअर सर्किट के लिए भी 10, 15 और 20 फीसदी का नियम लागू होता है. यानी कि यह पहले ही निर्धारित रहता है कि कोई शेयर एक कारोबारी दिवस में कितना नीचे जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति या किसी दूसरे कारण से उसके शेयरों में मंदी का दौर आता है, तो बड़े पैमाने पर बिकवाली होने लगती है. ऐसे में यदि एक निश्चित सीमा पर ट्रेडिंग रोकी नहीं गई, तो उस शेयर का मूल्य शून्य हो जाएगा, इसी से बचने के लिए लोअर सर्किट लगाया जाता है.
कौन तय करता है लेवल?
अब सवाल आता है कि सर्किट लेवल कौन तय करता है? सर्किट के लेवल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा तय किए जाते हैं. समय-समय पर मार्केट गतिविधियों के आधार पर इन लेवल को संशोधित भी किया जाता है. भारतीय शेयर बाजार में अपर सर्किट और लोअर सर्किट की व्यवस्था बाजार नियामक सेबी 2001 में की थी.
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