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अडानी ग्रुप से जुड़ी विशाखा रिन्यूएबल्स का IPO जल्द, ₹1,250 करोड़ के फ्रेश इश्यू के लिए DRHP दाखिल
कंपनी IPO में 1.81 करोड़ शेयरों की OFS भी लाएगी, सोलर ग्लास और मॉड्यूल के चार प्रमुख कंपोनेंट बनाती है विशाखा रिन्यूएबल्स
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
अडानी ग्रुप के पोर्टफोलियो से जुड़े कारोबार वाली विशाखा रिन्यूएबल्स (Vishakha Renewables) ने IPO लाने की तैयारी शुरू कर दी है. अहमदाबाद स्थित कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है. प्रस्तावित IPO में 1,250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1.81 करोड़ इक्विटी शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है.
विशाखा रिन्यूएबल्स सोलर ग्लास, एनोडाइज्ड एल्युमिनियम फ्रेम, EVA/EPE एनकैप्सुलेंट और बैकशीट जैसे सोलर मॉड्यूल में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट बनाती है. कंपनी की ओर से कराई गई सितंबर 2026 की क्रिसिल इंटेलीजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखा रिन्यूएबल्स भारत की ऐसी कंपनी है जो सोलर मॉड्यूल में इस्तेमाल होने वाले छह प्रमुख कंपोनेंट में से चार का उत्पादन करती है.
सोलर ग्लास से आता है आधे से ज्यादा रेवेन्यू
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कुल रेवेन्यू में सोलर ग्लास की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. इससे 1,072.86 करोड़ रुपये, यानी कुल रेवेन्यू का करीब 57 फीसदी हासिल हुआ. 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास प्रतिदिन 660 टन सोलर ग्लास उत्पादन क्षमता थी, जो करीब 4.40 GW के बराबर है. इसके अलावा एल्युमिनियम फ्रेम की क्षमता 3.37 GW, EVA/EPE एनकैप्सुलेंट की 6.03 GW और बैकशीट की 3.80 GW के बराबर थी.
सोलर ग्लास क्षमता करीब तीन गुना करने की योजना
कंपनी अपनी सोलर ग्लास उत्पादन क्षमता को 660 TPD से बढ़ाकर 1,920 TPD करने की योजना बना रही है. यह करीब 12.80 GW के बराबर होगी. इसके लिए कंपनी ने लगभग 2,500 करोड़ रुपये के कैपेक्स की योजना बताई है.
विशाखा रिन्यूएबल्स की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं मुंद्रा सोलर टेक्नोपार्क में स्थित हैं. कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में Mundra Solar PV और Mundra Solar Energy शामिल हैं, जो अडानी ग्रुप के पोर्टफोलियो की कंपनियां हैं.
अडानी ग्रुप की जरूरत का करीब 50 फीसदी करती है पूरा
कंपनी के पास सोलर ग्लास और एल्युमिनियम फ्रेम की सप्लाई के लिए लंबी अवधि के समझौते हैं. पहले चरण के सोलर ग्लास टेक-ऑर-पे समझौते की अवधि 15 साल है और इसमें सालाना उत्पादन का कम से कम 70 फीसदी उठाने की प्रतिबद्धता है. दूसरे चरण का समझौता 17 साल का है और इसमें भी कम से कम 70 फीसदी ऑफटेक की शर्त है.
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, विशाखा रिन्यूएबल्स की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं अडानी ग्रुप की सोलर ग्लास, मेटल फ्रेम, EVA और बैकशीट की कुल जरूरत का करीब 50 फीसदी पूरा करती हैं.
कर्ज का बोझ भी अहम
वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में विशाखा रिन्यूएबल्स पर कुल 2,311.92 करोड़ रुपये का कर्ज था. कंपनी का डेट-टू-इक्विटी अनुपात 3.03 गुना और नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 5.62 गुना था.
FY26 में कंपनी का EBITDA मार्जिन 20.60 फीसदी और PAT मार्जिन 9.03 फीसदी रहा. IPO के जरिए कंपनी पूंजी बाजार से फंड जुटाने के साथ अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
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