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आंध्र प्रदेश के मुलापेटा पोर्ट में 49-50% हिस्सेदारी लेना चाहता है विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी, जानें क्या है योजना
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित मुलापेटा पोर्ट को राज्य सरकार ग्रीनफील्ड मल्टीपर्पज पोर्ट के रूप में विकसित कर रही है. परियोजना के पहले चरण पर करीब 3,670 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी (VPA) आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से विकसित किए जा रहे मुलापेटा पोर्ट में 49-50 फीसदी हिस्सेदारी लेने की योजना बना रही है. इसके लिए प्राधिकरण ने पोर्ट की विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) में इक्विटी निवेश के साथ पहले और दूसरे चरण में दो-दो बर्थ आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है. इस पहल का उद्देश्य कोयला और लौह अयस्क जैसे बल्क कार्गो का संचालन विशाखापत्तनम से मुलापेटा स्थानांतरित करना और मौजूदा पोर्ट पर भीड़ कम करना है.
विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी (VPA) आंध्र प्रदेश में समुद्री बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में मुलापेटा पोर्ट में बड़ी हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रही है. प्राधिकरण ने राज्य सरकार के सामने पोर्ट में 49-50 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी लेने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही पहले चरण में दो और दूसरे चरण में दो बर्थ आवंटित करने की मांग भी की गई है.
इस प्रस्ताव से मुलापेटा पोर्ट की व्यावसायिक व्यवहार्यता मजबूत होने की उम्मीद है. वहीं, विशाखापत्तनम पोर्ट पर बढ़ते कार्गो दबाव को कम करने और अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित करने में भी मदद मिल सकती है.
राज्य सरकार करेगी प्रस्ताव की समीक्षा
आंध्र प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव के तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है. इसके लिए वित्त मंत्री पय्यावुला केशव, निवेश मंत्री बीसी जनार्दन रेड्डी और पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह (GoM) गठित किया गया है.
यह समूह प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगा और दोनों पक्षों के बीच सहमति से शर्तें तय करने की दिशा में काम करेगा. इसके बाद अंतिम निर्णय के लिए प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा.
VPA ने पोर्ट की विशेष प्रयोजन कंपनी को हस्तांतरित की जाने वाली नमक भूमि के उचित मूल्यांकन की मांग भी की है. भूमि हस्तांतरण और इक्विटी हिस्सेदारी से जुड़ी शर्तें परियोजना की कुल वित्तीय संरचना तथा केंद्र और राज्य सरकारों की भागीदारी तय करने में अहम होंगी.
बल्क कार्गो का संचालन स्थानांतरित करने की योजना
मुलापेटा पोर्ट में निवेश की योजना का प्रमुख उद्देश्य कोयले और लौह अयस्क जैसे बल्क कार्गो के संचालन को विशाखापत्तनम से मुलापेटा स्थानांतरित करना है. इससे मौजूदा पोर्ट पर माल ढुलाई का दबाव कम होने और जहाजों के आने-जाने तथा माल लोडिंग-अनलोडिंग में लगने वाले समय में सुधार होने की उम्मीद है.
पोर्ट पर भीड़ कम होने से शिपिंग कंपनियों की डेमरेज लागत यानी जहाजों के निर्धारित समय से अधिक रुकने पर लगने वाला शुल्क भी घट सकता है. इसके अलावा, शहर के आसपास धूल पैदा करने वाले कार्गो के संचालन से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है.
VPA के लिए मुलापेटा पोर्ट में हिस्सेदारी से अतिरिक्त कार्गो क्षमता उपलब्ध होगी. इससे प्राधिकरण बढ़ती माल ढुलाई जरूरतों को पूरा करने के साथ विशाखापत्तनम पोर्ट के परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठा सकेगा.
राज्य सरकार को उम्मीद है कि बल्क कार्गो का संचालन मुलापेटा स्थानांतरित होने से पोर्ट की व्यावसायिक गतिविधियों को शुरुआती दौर से ही मजबूती मिलेगी. इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है.
मुलापेटा पोर्ट की क्षमता 2.35 करोड़ टन होगी
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित मुलापेटा पोर्ट को राज्य सरकार ग्रीनफील्ड मल्टीपर्पज पोर्ट के रूप में विकसित कर रही है. परियोजना के पहले चरण पर करीब 3,670 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
पहले चरण में पोर्ट की सालाना कार्गो हैंडलिंग क्षमता 2.35 करोड़ टन निर्धारित की गई है. इस चरण में कुल चार बर्थ विकसित करने की योजना है, जिनमें तीन सामान्य कार्गो के लिए और एक कोयले की हैंडलिंग के लिए होगी.
VPA ने परियोजना के दूसरे चरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार की है. इसके जरिए पोर्ट की क्षमता को आगे बढ़ाने की योजना है. प्राधिकरण पहले भी मुलापेटा को बड़े पोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश में रुचि दिखा चुका है. इसके साथ ही पोर्ट आधारित औद्योगिक केंद्र विकसित करने के लिए आसपास की जमीन हासिल करने की योजना भी सामने आई थी.
प्रस्तावित इक्विटी साझेदारी और बर्थ आवंटन से पोर्ट के विकास को VPA की कार्गो हैंडलिंग रणनीति के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, निवेश और संचालन से जुड़ी अंतिम शर्तें राज्य सरकार की समीक्षा और मंजूरी पर निर्भर करेंगी.
आंध्र प्रदेश के समुद्री क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
मुलापेटा पोर्ट में प्रस्तावित निवेश आंध्र प्रदेश के समुद्री बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और व्यापार तथा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में राज्य की भूमिका मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है.
पोर्ट की क्षमता बढ़ने से औद्योगिक वस्तुओं की आवाजाही आसान हो सकती है. साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी और पोर्ट आधारित उद्योगों के विकास से क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
हालांकि, परियोजना की दीर्घकालिक सफलता काफी हद तक सड़क और रेल कनेक्टिविटी के समय पर विकास, जमीन की उपलब्धता और प्रस्तावित स्वामित्व ढांचे पर सहमति बनने पर निर्भर करेगी.
राज्य सरकार की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट होगा कि मुलापेटा पोर्ट में VPA की कितनी हिस्सेदारी होगी और पोर्ट के विकास तथा संचालन की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच किस तरह साझा की जाएगी.
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