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वर्टिस का ESG क्षेत्र में बड़ा कदम, IFC के सहयोग से जारी किया ₹900 करोड़ का SLB
Vertis Infra ट्रस्ट द्वारा किया गया यह SLB निर्गम न केवल भारत में InvIT ढांचे की परिपक्वता को दर्शाता है, बल्कि यह एक स्थायी और जिम्मेदार वित्तीय भविष्य की दिशा में भी एक मजबूत कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
सेबी (SEBI) द्वारा पंजीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) 'वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट' (पूर्व में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट) ने भारत में अब तक के सबसे बड़े सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड बॉन्ड (SLB) के जरिए ₹900 करोड़ सफलतापूर्वक जुटाए हैं. यह बॉन्ड न केवल भारत में बुनियादी ढांचे के लिए वित्तपोषण में एक नया मानदंड स्थापित करता है, बल्कि यह देश के जलवायु लक्ष्यों और सतत विकास के रास्ते के साथ भी मेल खाता है.
इस SLB में 10 वर्षों की अवधि और 7.40% की निश्चित ब्याज दर निर्धारित की गई है. इस निर्गम में इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने ₹450 करोड़ के एंकर निवेशक के रूप में भाग लिया है, जिससे भारत के ESG-संरेखित वित्तपोषण पारिस्थितिकी तंत्र में अंतरराष्ट्रीय विश्वास और मजबूत हुआ है.
SLB से जुड़ी प्रमुख बातें
- भारत में InvIT द्वारा सबसे बड़ा SLB निर्गम, ₹900 करोड़ का यह निर्गम ESG-संरेखित ऋण जुटाने में वर्टिस की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है.
- IFC का एंकर निवेश भारत में सतत अवसंरचना और थीमैटिक बॉन्ड के क्षेत्र में घरेलू व विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा.
- इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत में संस्थागत निवेशक भी अब सतत वित्त के प्रति अधिक प्रतिबद्ध हो रहे हैं.
- इस बॉन्ड से प्राप्त राशि का उपयोग TOT-16 प्रोजेक्ट में किया जाएगा, जो तेलंगाना में NH-44 पर 252 किमी लंबा हाईवे कॉरिडोर है. यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाएगी.
ESG प्रदर्शन से जुड़ी संरचना
यह SLB विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है जिसमें पूर्व निर्धारित सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन लक्ष्यों को वित्तीय शर्तों से जोड़ा गया है. यदि वर्टिस पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करता है तो ब्याज दरों में रियायत दी जा सकती है. इस तरह की संरचना अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और ESG लक्ष्यों की दिशा में कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मजबूत करती है.
प्रतिक्रिया
वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और संयुक्त सीईओ गौरव चंढना ने कहा “यह SLB निर्गम केवल पूंजी जुटाने का एक माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. IFC और IIFCL जैसे संस्थानों के सहयोग से हमने ESG-संरेखित पूंजी को भारत के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है.
वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के सीएफओ अभिषेक छाजेड़ ने कहा यह भारत के ऋण पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है. हमने एक दीर्घकालिक, स्थिर ब्याज दर वाला सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड मॉडल सफलतापूर्वक स्थापित किया है जो पूरे उद्योग के लिए अनुकरणीय बन सकता है.
IFC के रीजनल डायरेक्टर फॉर साउथ एशिया इमाद एन. फखूरी ने कहा “दक्षिण एशिया में बुनियादी ढांचे की मांग अत्यधिक है. Vertis में हमारी एंकर निवेश भागीदारी भारत में ESG-आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर को संस्थागत पूंजी की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सड़कों में निवेश का मतलब भारत की सतत विकास गाथा में निवेश करना है.”
IFC रीजनल हेड –इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड नैचुरल रिसोर्सेज, एशिया पैसिफिक विक्रम कुमार ने कहा भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर मोनेटाइजेशन अभियान लंबी अवधि की पूंजी और संपत्ति के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित कर रहा है. यह लेनदेन दर्शाता है कि कैसे सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड बॉन्ड पारदर्शिता, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन और निवेशकों के विश्वास को एक साथ जोड़ सकते हैं. यह सड़क क्षेत्र में महिला भागीदारी को भी बढ़ावा देने की दिशा में मदद करेगा.
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