होम / बिजनेस / मुश्किल में दुनिया की सबसे मजबूत इकॉनमी, अमेरिका में 1 अक्टूबर से लग सकता है Shutdown!

मुश्किल में दुनिया की सबसे मजबूत इकॉनमी, अमेरिका में 1 अक्टूबर से लग सकता है Shutdown!

अमेरिका पहले भी शटडाउन का सामना कर चुका है. यदि शटडाउन लंबा खिंचता है, तो उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अगले महीने की शुरुआत से कई बड़े बदलाव अमल में आ जाएंगे. 1 अक्टूबर से जहां भारत में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे, वहीं दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में भी कुछ बड़ा हो सकता है, कुछ ऐसा जिसकी कामना कोई अमेरिकी नहीं करना चाहेगा. दरअसल, अमेरिका में 1 अक्टूबर से शटडाउन हो सकता है, जिसका मतलब है यूएस का बड़े वित्तीय संकट (Financial Crisis) में फंसना. शटडाउन में सभी गैर-जरूरी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी. यह शटडाउन तब तक जारी रहेगा, जब तक अमेरिकी संसद जरूरी बिलों के खर्च से जुड़े बिल पास न कर दें या बाइडेन सरकार को इसके लिए अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी न दे दे.

आज है आखिरी दिन
इस शटडाउन का पूरे अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका है. ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है. इसके अलावा, जनता को सरकार से मिलने वाली तमाम तरह की सब्सिडी, छूट या सेवाओं पर रोक लग जाएगी. जरूरी चीजों के लिए भी अमेरिकियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. दरअसल, सरकारी फंडिंग संघीय वित्त वर्ष 30 सितंबर 2023 यानी आज समाप्त हो रही है और इससे पहले सरकार को विपक्ष से सहमति बनाते हुए फंडिंग प्लान को पास करवाना होगा. जानकारों का कहना है कि एक-दो दिन के शटडाउन से खास फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन यदि ये लंबा खींचता है, तो यूएस की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.

आमदनी से ज्यादा खर्चे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका करीब 2 लाख करोड़ डॉलर के भारी बजट घाटे का सामना कर रहा है. दूसरे शब्दों में समझें, तो सरकार की आमदनी और उसके खर्च में करीब 2 लाख करोड़ डॉलर का अंतर है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है. इसकी वजह ये है कि जो बाइडेन सरकार की इनकम अभी भी कोरोना महामारी के पहले के स्तर पर ही बनी हुई है, जबकि उसके खर्चों में भारी इजाफा हो रहा है. इसके अलावा, ऊंची ब्याज दरों के चलते अमेरिका का अपने राष्ट्रीय कर्ज पर ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ रहा है.

पहले भी हुआ है शटडाउन
वैसे, यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका में शटडाउन की बात हो रही है, पहले भी ऐसी स्थिति निर्मित हो चुकी है. 1980 के बाद से अब तक 14 बार अमेरिका में शटडाउन लग चुका है. अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन 22 दिसंबर, 2018 को लगा था, जो 35 दिन तक चला था. इसके बाद  दिसंबर, 1995 को 21 दिन तक अमेरिका शटडाउन रहा था. बता दें कि सरकार को अपनी योजनाओं, कर्मचारियों की सैलरी आदि के लिए जो पैसे की जरूरत होती है, उसे वह कर्ज के तौर पर लेती है. इस कर्ज के लिए अमेरिकी संसद यानी US Congress की मंजूरी जरूरी है. इतना ही नहीं, कांग्रेस की मंजूरी के लिए पहुंचने से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष (डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन) में आपसी सहमति जरूरी है. वैसे, समय से पहले ही सहमति बन जाती है, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हो गए हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

टाटा मोटर्स का दमदार प्रदर्शन, घरेलू बाजार की मजबूती और JLR सुधार से बढ़ी कमाई

तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन ₹3 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है.

25 minutes ago

ऊर्जा संकट और ईंधन के बढ़ते दामों के बीच EV बना नया विकल्प, छोटे शहरों में तेज मांग

उद्योग जगत के आंकड़ों के अनुसार टियर-2 शहरों में ईवी की पैठ करीब 10.7% और टियर-3 शहरों में लगभग 8.7% तक पहुंच चुकी है, जो टियर-1 शहरों के मुकाबले बहुत पीछे नहीं है.

1 hour ago

अडानी एयरपोर्ट बिजनेस पर विदेशी निवेशकों की नजर, 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार बड़े ग्लोबल निवेशकों का एक समूह अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट कारोबार में निवेश को लेकर बातचीत कर रहा है. इस निवेश की कुल वैल्यू करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.

1 hour ago

ट्रंप-शी बैठक से दुनिया को राहत के संकेत, अमेरिका-चीन ने तनाव घटाने पर बनाई सहमति

बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को “रणनीतिक स्थिरता” के दायरे में बनाए रखने पर सहमति जताई. इसका मतलब है कि अब अमेरिका और चीन सीधे टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा की नीति अपनाएंगे.

4 hours ago

महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, कई शहरों में 3 रुपये से ज्यादा बढ़े दाम

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब महंगाई के आंकड़ों में भी दिखने लगा है. अप्रैल महीने में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी के कारण थोक महंगाई कई साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.

5 hours ago


बड़ी खबरें

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत, ITR-1 और ITR-4 की Excel Utility जारी

इस बार ITR-1 यानी सहज फॉर्म में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. अब दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय को भी इस फॉर्म में शामिल किया जा सकेगा. पहले यह सीमा केवल एक हाउस प्रॉपर्टी तक थी.

4 minutes ago

अडानी एयरपोर्ट बिजनेस पर विदेशी निवेशकों की नजर, 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार बड़े ग्लोबल निवेशकों का एक समूह अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट कारोबार में निवेश को लेकर बातचीत कर रहा है. इस निवेश की कुल वैल्यू करीब 1.3 बिलियन डॉलर यानी 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है.

1 hour ago

टाटा मोटर्स का दमदार प्रदर्शन, घरेलू बाजार की मजबूती और JLR सुधार से बढ़ी कमाई

तिमाही नतीजों के बाद कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन ₹3 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है.

25 minutes ago

ऊर्जा संकट और ईंधन के बढ़ते दामों के बीच EV बना नया विकल्प, छोटे शहरों में तेज मांग

उद्योग जगत के आंकड़ों के अनुसार टियर-2 शहरों में ईवी की पैठ करीब 10.7% और टियर-3 शहरों में लगभग 8.7% तक पहुंच चुकी है, जो टियर-1 शहरों के मुकाबले बहुत पीछे नहीं है.

1 hour ago

ट्रंप-शी बैठक से दुनिया को राहत के संकेत, अमेरिका-चीन ने तनाव घटाने पर बनाई सहमति

बैठक का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को “रणनीतिक स्थिरता” के दायरे में बनाए रखने पर सहमति जताई. इसका मतलब है कि अब अमेरिका और चीन सीधे टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा की नीति अपनाएंगे.

4 hours ago