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महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, कई शहरों में 3 रुपये से ज्यादा बढ़े दाम

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब महंगाई के आंकड़ों में भी दिखने लगा है. अप्रैल महीने में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी के कारण थोक महंगाई कई साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे भारतीय आम आदमी की जेब पर दिखाई देने लगा है. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 3.29 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया है. बढ़ती तेल कीमतों से न सिर्फ लोगों का यात्रा खर्च बढ़ेगा, बल्कि आने वाले दिनों में खाने-पीने और रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो सकती हैं.

दिल्ली से मुंबई तक बढ़े पेट्रोल के दाम

नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है. वहीं डीजल की कीमत 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. इसके अलावा दिल्ली में सीएनजी भी 2 रुपये महंगी होकर 79.09 रुपये प्रति किलो हो गई है.

कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा 3.29 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद वहां पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है. मुंबई में पेट्रोल 3.14 रुपये महंगा होकर 106.68 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि चेन्नई में 2.83 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कीमत 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है.

डीजल की कीमतों में भी बड़ा इजाफा

डीजल की कीमतों में भी 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कोलकाता में डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 95.13 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. मुंबई में भी डीजल की कीमत 93.14 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं चेन्नई में डीजल 2.86 रुपये बढ़कर 95.25 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी, जिसका असर सब्जी, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा.

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

तेल कंपनियों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आने से उनका मार्जिन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कंपनियों का दावा है कि उन्हें हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था, जिसके बाद कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया. दरअसल ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 50 फीसदी तक महंगा हो चुका है. भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसमें खाड़ी देशों की बड़ी हिस्सेदारी है.

होर्मुज स्ट्रेट संकट से बढ़ी मुश्किलें

विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल सप्लाई प्रभावित हुई है. यही वजह है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं. फिलहाल ब्रेंट क्रूड 1.35 फीसदी की तेजी के साथ 107.2 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है.

जानकारों का कहना है कि अगर ईरान युद्ध जल्द खत्म भी हो जाए, तब भी सप्लाई चेन सामान्य होने में लंबा समय लग सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है.

महंगाई के मोर्चे पर बढ़ सकती है चिंता

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब महंगाई के आंकड़ों में भी दिखने लगा है. अप्रैल महीने में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी के कारण थोक महंगाई कई साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में पेट्रोल महंगाई दर 32.4 फीसदी तक पहुंच गई, जो एक महीने पहले सिर्फ 2.50 फीसदी थी. वहीं हाई-स्पीड डीजल की महंगाई 3.62 फीसदी से बढ़कर 25.19 फीसदी हो गई है. इससे साफ है कि आने वाले समय में आम आदमी पर महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है.
 


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