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UPI ट्रांजैक्शन ने तोड़े रिकॉर्ड, लगातार तीसरे महीने हुआ इतने हजार करोड़ का लेनदेन
UPI ट्रांजैक्शन में पिछले साल जुलाई के मुकाबले ट्रांजेक्शन की संख्या में 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. UPI के जरिए पेमेंट करना बेहद आसान हो गया है. ऐसे में लोगों के बीच यह लेनदेन का एक बेहद पॉपुलर माध्यम बन गया है. इसका असर जुलाई के पेमेंट आंकड़ों पर भी दिख रहा है. जुलाई में UPI ट्रांजैक्शन ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इस महीने में UPI के जरिए 1,444 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए हैं. इनके जरिए 20.64 लाख करोड़ की राशि एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर की गई है.
जून में हुआ 20 लाख करोड़ का लेनदेन
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, जून में 20.07 लाख करोड़ रुपये की राशि का लेनदेन हुआ था. वहीं, मई में 20.44 लाख करोड़ रुपये की राशि का ट्रांसफर UPI के जरिए हुआ था. ऐसे में यह लगातार तीसरा महीना है, जब UPI के जरिए लेनदेन 20 लाख करोड़ रुपये को पार चला गया है. सालाना आधार पर जुलाई, 2023 में UPI के जरिए कुल 9,964 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 15.33 लाख करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी. ऐसे में पिछले साल के मुकाबले UPI ट्रांजैक्शन संख्या में 45 फीसदी और राशि में 35 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. रोजाना के एवरेज राशि की बात करें तो यह जुलाई, 2024 में 46.60 करोड़ रुपये रही है.
जून की तुलना में बढ़ा UPI ट्रांजैक्शन
जून, 2024 में UPI के जरिए 1,389 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 20.07 लाख करोड़ रुपये की राशि का लेनदेन किया गया था. ऐसे में पिछले महीने की तुलना में इस महीने ट्रांजैक्शन संख्या में 3.96 फीसदी और राशि में 2.84 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. गौरतलब है कि UPI को रेगुलेट करने वाली संख्या नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया हर महीने की शुरुआत में देशभर में हुए UPI ट्रांजैक्शन के आंकड़े जारी करती है.
सरकार के India Stack का पार्ट
भारत सरकार ने देश में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का काम किया है. इसमें फिनटेक को India Stack नाम दिया गया है. UPI सरकार के इंडिया स्टैक का हिस्सा है. इसमें आधार पे, जनधन, रुपे भी शामिल हैं. UPI एक जबरदस्त फिनटेक प्रोडक्ट बनकर उभरा है. वित्त वर्ष 2017-18 में नॉन-कैश रिटेल ट्रांजेक्शन का ये महज 6 प्रतिशत था, जो 2023-24 तें बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुका है. वित्त वर्ष 2025-26 में ये 90 प्रतिशत हो सकता है.
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