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UPI ट्रांजेक्शन ने तोड़ा रिकॉर्ड, मार्च में 13.5% बढ़कर 24 लाख करोड़ के पार, जानें डिटेल्स
यूपीआई लेनदेन, पिछले साल की तुलना में मूल्य में 25 प्रतिशत की वृद्धि और मात्रा में 36 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है, जो भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति की अजेय गति को दर्शाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आधारित ट्रांजेक्शन की संख्या में मार्च में मासिक आधार पर 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, और यह इस साल फरवरी के 16.11 अरब से बढ़कर मार्च में 18.3 अरब हो गई. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई है. मार्च में UPI-आधारित लेनदेन का मूल्य रिकॉर्ड 24.77 लाख करोड़ रुपये रहा, जो फरवरी के 21.96 लाख करोड़ रुपये से 12.79 प्रतिशत अधिक है.
रोज 59 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन
NPCI के आंकड़ों के अनुसार, दैनिक आधार पर UPI ट्रांजेक्शन का औसत मूल्य 79,910 करोड़ रुपये और संख्या 59 करोड़ से अधिक रही, जो क्रमशः 1.9 प्रतिशत और 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. सालाना आधार पर, मार्च में UPI ट्रांजेक्शन मूल्य में 25 प्रतिशत की वृद्धि और संख्या में 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो देश की डिजिटल भुगतान क्रांति की अजेय गति को दर्शाता है.
NPCI ने क्या कहा?
एनपीसीआई ने एक बयान में कहा, "वित्त वर्ष के समापन के कारण कुछ बैंकों को ट्रांजेक्शन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है. यूपीआई सिस्टम ठीक तरह से काम कर रहा है और हम इस परेशानी को ठीक करने के लिए संबंधित बैंकों के साथ काम कर रहे हैं." एनपीसीआई ने न्यूमेरिक यूपीआई आईडी सॉल्यूशन पर हाल ही में यूपीआई नंबर से जुड़े भुगतानों के लिए कस्टमर एक्सपीरियंस बढ़ाने के उद्देश्य से नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, नए दिशानिर्देश मंगलवार 1 अप्रैल से प्रभावी हो गए हैं.
1 अप्रैल से UPI के नए नियम
NPCI ने न्यूमेरिक UPI आईडी सॉल्यूशन पर हाल ही में UPI नंबर से जुड़े भुगतानों के लिए कस्टमर एक्सपीरियंस बढ़ाने के उद्देश्य से नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. नए दिशानिर्देश मंगलवार 1 अप्रैल से प्रभावी हो गए हैं. इन नए दिशानिर्देशों का पालन करना UPI मेंबर बैंक, UPI ऐप्स और थर्ड पार्टी प्रोवाइडर के लिए जरूरी होगा.
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, इनएक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ी UPI आईडी भी इनएक्टिव हो जाएगी. अगर किसी UPI यूजर का बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है, तो यूजर की UPI आईडी भी अनलिंक हो जाएगी और यूजर UPI सर्विस का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा.
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