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₹2,000 तक UPI पेमेंट रहेगा फ्री, बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लग सकता है MDR चार्ज
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, तय सीमा तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकता.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से ₹2,000 तक के भुगतान फिलहाल शुल्क-मुक्त रहेंगे. सरकार ने ₹2,000 तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड लेनदेन पर बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता की ओर से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क लगाने पर रोक बरकरार रखी है. वहीं, ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का कानूनी रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, अभी शुल्क की दरें तय नहीं हुई हैं और न ही ₹2,000 से अधिक के हर UPI भुगतान पर चार्ज लगाने का फैसला हुआ है.
₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्या होगा?
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, तय सीमा तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकता. इसका मतलब है कि ₹2,000 तक के भुगतान करने वाले ग्राहकों पर इस बदलाव का कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. दूसरी ओर, ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट लेनदेन पर MDR लागू करने की संभावना खुल गई है. अभी यह तय होना बाकी है कि किन कारोबारी भुगतानों पर शुल्क लगेगा, इसकी सीमा क्या होगी और MDR की दर कितनी रखी जाएगी.
क्या आम ग्राहकों पर बढ़ सकता है बोझ?
MDR मुख्य रूप से मर्चेंट यानी दुकानदार या कारोबारी से लिया जाने वाला शुल्क है. इसका भुगतान आम तौर पर बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए किया जाता है. लेकिन अगर कारोबारियों पर अतिरिक्त लागत आती है, तो उसका असर ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है.
मसलन, कुछ कारोबारी इस लागत को ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क के रूप में वसूल सकते हैं. कुछ मामलों में वे ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए UPI स्वीकार करने से बच सकते हैं और नकद भुगतान की मांग कर सकते हैं. इसके अलावा, कारोबारी अपनी लागत की भरपाई के लिए सामान या सेवाओं की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी कर सकते हैं. हालांकि, यह अभी संभावित असर है. जब तक MDR की दरें और लागू होने वाले लेनदेन की श्रेणियां तय नहीं होतीं, तब तक ग्राहकों पर वास्तविक प्रभाव का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी.
UPI पर अभी MDR क्यों नहीं लगता?
भारत में UPI को बढ़ावा देने के लिए फिलहाल मर्चेंट डिस्काउंट रेट को शून्य रखा गया है. जनवरी 2020 से UPI और RuPay डेबिट कार्ड से जुड़े भुगतान पर MDR नहीं लिया जा रहा है. इसके विपरीत, क्रेडिट कार्ड जैसे कुछ अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों में कारोबारियों को भुगतान स्वीकार करने पर शुल्क देना पड़ता है. अब सरकार की ओर से किए गए कानूनी बदलाव के बाद UPI पर चुनिंदा बड़े मर्चेंट पेमेंट के लिए MDR व्यवस्था लागू करने का रास्ता खुला है.
एनपीसीआई तय करेगा शुल्क की दर
कानूनी रास्ता साफ होने के बाद अब UPI की व्यवस्था संचालित करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर शुल्क की दर और लागू होने वाले नियमों पर फैसला करेगी.
जब तक NPCI की ओर से इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी नहीं होते, तब तक नई MDR व्यवस्था लागू नहीं होगी. इसलिए फिलहाल ₹2,000 तक के UPI भुगतान पहले की तरह शुल्क-मुक्त रहेंगे और ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर भी अपने आप कोई नया चार्ज नहीं लगेगा.
क्या ₹2,000 से ज्यादा के हर UPI भुगतान पर चार्ज लगेगा?
नहीं. मौजूदा जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि ₹2,000 से अधिक के हर UPI भुगतान पर शुल्क लगेगा. प्रस्तावित व्यवस्था मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट से जुड़ी है और किन लेनदेन पर MDR लागू होगा, इसकी अंतिम शर्तें और दरें अभी सामने आना बाकी हैं.
इसलिए फिलहाल UPI उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे अहम बात यह है कि ₹2,000 तक के भुगतान पर कोई नया शुल्क नहीं लगाया गया है. बड़े कारोबारी भुगतानों पर शुल्क का असर तभी स्पष्ट होगा, जब NPCI इसकी दरों और नियमों की आधिकारिक घोषणा करेगा.
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