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Budget 2024: वित्त मंत्री ने सबको साधा, लेकिन सीनियर सिटीजंस को भूल गईं!
देश के बजट से वरिष्ठ नागरिक काफी आस लगाए हुए थे, लेकिन वित्त मंत्री ने उनके बारे में कोई बड़ी घोषणा नहीं की.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट में लगभग हर तबके को साधने की कोशिश की, लेकिन सीनियर सिटीजंस को वह भूल गईं. वरिष्ठ नागरिक बजट से जो आस लगाए बैठे थे, उन पर वित्त मंत्री ने कोई घोषणा नहीं की. सीनियर सिटीजंस काफी समय से रेल किराए में कोरोना से पहले मिलने वाली छूट बहाली की मांग कर रहे हैं. माना जा रहा था कि बजट में इस संबंध में कोई घोषणा हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी तरह वरिष्ठ नागरिक इनकम टैक्स में युवाओं की अपेक्षा और ज्यादा राहत की आस लगाए बैठे, उस पर भी कोई घोषणा नहीं हुई
पहले थी ऐसी व्यवस्था
नई मोदी सरकार के पहले आम बजट में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है. ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि वरिष्ठ यात्रियों को रेल किराए में मिलने वाली छूट इस साल के बजट में दोबारा बहाल की जा सकती है. भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 में इस छूट पर रोक लगा दी थी. कोरोना से पहले की व्यवस्था के तहत महिला सीनियर सिटीजन को किराए में 50% और पुरुष एवं ट्रांसजेंडर सीनियर सिटीजंस को 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी. रेलवे के मुताबिक, 60 साल या उससे ऊपर के पुरुषों एवं ट्रांसजेंडर और 58 वर्ष या उससे ऊपर की महिलाओं को वरिष्ठ नागरिक माना जाता है. उन्हें राजधानी, शताब्दी, दूरंतो और जन शताब्दी ट्रेन सहित सभी ट्रेनों में किराए पर रियायत मिलती थी.
यहां भी टूट ई उम्मीद
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक टैक्स में अतिरिक्त छूट की मांग भी कर रहे थे, जिस पर कोई घोषणा नहीं हुई है. वर्तमान में, 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को आयकर में कुछ छूट मिलती है, लेकिन वे इसमें बढ़ोत्तरी चाहते थे. वित्त मंत्री ने न्यू टैक्स रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव ज़रूर किया है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त छूट का बजट में कोई प्रावधान नहीं है. इसी तरह, वरिष्ठ नागरिकों को जमा पूंजी पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी राहत की उम्मीद थी. वे चाहते थे कि सरकार उनके लिए विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर अधिक ब्याज दर प्रदान करे, ताकि उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके. इस मोर्चे पर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी है.
नतीजों से बंधी थी आस
रेल किराए में छूट को लेकर केंद्र सरकार नरमी दिखाने के मूड में नहीं रही है. वह कहती रही है कि सरकार पहले से ही यात्रियों को किराए पर छूट दे रही है. ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं को अतिरिक्त छूट देने से रेलवे पर बोझ बढ़ेगा. हालांकि, लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद माना जा रहा था कि सरकार सीनियर सिटीजन की छूट बहाल कर सकती है. गौरतलब है कि इस छूट पर कैंची चलाकर रेलवे ने अपना खजाना काफी भरा है. एक आरटीआई में खुलासा हुआ था कि एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों से कुल 5,062 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया, जिसमें सब्सिडी खत्म होने से अर्जित अतिरिक्त 2,242 करोड़ रुपए शामिल रहे.
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